G News 24 : CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक,सिर्फ 2 मिनट में आए 15 लाख हिट्स दर्ज !

 1 लाख से ज्यादा अनधिकृत एक्सेस की हुई कोशिशें,शिक्षा मंत्रालय ने भी मांगी रिपोर्ट ...

CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक,सिर्फ 2 मिनट में आए 15 लाख हिट्स दर्ज !

12वीं के री-इवैल्यूएशन पोर्टल को लॉन्च के बाद तकनीकी दिक्कतों और साइबर हमलों का सामना करना पड़ा. सिर्फ 2 मिनट में 15 लाख हिट्स और 1 लाख से ज्यादा अनधिकृत एक्सेस की कोशिशें दर्ज की गईं. इस बीच OSM सिस्टम को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

CBSE की 12वीं कक्षा के री-इवैल्यूएशन पोर्टल को लॉन्च होते ही बड़ी तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा. बोर्ड ने खुद स्वीकार किया है कि पोर्टल पर भारी ट्रैफिक के साथ-साथ साइबर हमलों की भी कोशिशें हुईं. CBSE के अनुसार, केवल 2 मिनट के भीतर पोर्टल पर 15 लाख से ज्यादा हिट्स दर्ज किए गए. इसके अलावा 1 लाख से अधिक बार अनधिकृत तरीके से फाइलों तक पहुंचने की कोशिश भी की गई. इस वजह से कई छात्रों को शुरुआत में पोर्टल इस्तेमाल करने में परेशानी हुई. हालांकि बोर्ड का कहना है कि उसकी तकनीकी टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थी.

साइबर हमले की कोशिश कैसे हुई?

सीबीएसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि हजारों छात्र जब री-इवैल्यूएशन पोर्टल का उपयोग कर रहे थे, उसी दौरान कुछ दुर्भावनापूर्ण तत्वों ने सेवाओं को बाधित करने की कोशिश की. बोर्ड के अनुसार, हाल ही में पोर्टल पर डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) अटैक जैसा प्रयास किया गया, जिससे अचानक लाखों हिट्स आने लगीं. इसके साथ ही बड़ी संख्या में अनधिकृत फाइल एक्सेस की कोशिशें भी दर्ज की गईं. इन हमलों का उद्देश्य पोर्टल की सेवाओं को प्रभावित करना था, लेकिन CBSE ने दावा किया कि आवश्यक सुरक्षा उपायों के जरिए सिस्टम को सुरक्षित रखा गया.

छात्रों को क्या राहत मिली?

तकनीकी समस्याओं और छात्रों की शिकायतों के बाद CBSE ने पोर्टल में कई सुधार किए हैं. बोर्ड ने बताया कि छात्रों के फीडबैक के आधार पर प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाया गया है. सबसे बड़ा बदलाव सेशन टाइम लिमिट बढ़ाने का है, ताकि छात्र बिना जल्दबाजी के अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें. CBSE के मुताबिक दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से अधिक छात्र सफलतापूर्वक अपना आवेदन जमा कर चुके थे. बोर्ड का कहना है कि उसका उद्देश्य री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को छात्रों के लिए आसान और परेशानी मुक्त बनाना है.

री-इवैल्यूएशन के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

CBSE ने स्पष्ट किया है कि केवल वही छात्र री-इवैल्यूएशन या उत्तरपुस्तिका सत्यापन के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने पहले उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया हो. छात्रों को संबंधित विषय की मार्किंग स्कीम का अध्ययन करना होगा, जिसे प्रश्नपत्र के साथ बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा. आवेदन की स्थिति उम्मीदवार के लॉगिन अकाउंट में दिखाई जाएगी. बोर्ड ने यह भी कहा है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद यदि अंक घटते हैं तो वह भी लागू होंगे. री-इवैल्यूएशन का परिणाम अंतिम माना जाएगा और उसके खिलाफ किसी प्रकार की अपील स्वीकार नहीं की जाएगी.

OSM सिस्टम पर सवाल क्यों उठे?

री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान कई छात्रों ने अपलोड की गई उत्तरपुस्तिकाओं में कथित गड़बड़ियों की शिकायत की थी. इसके बाद CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर सवाल उठने लगे. कुछ छात्रों ने दावा किया कि उन्हें दिखाई गई उत्तरपुस्तिकाओं और मूल्यांकन प्रक्रिया में विसंगतियां हैं. इन शिकायतों के सामने आने के बाद OSM सिस्टम की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज हो गई और पूरे मामले ने शिक्षा मंत्रालय का भी ध्यान खींचा.

शिक्षा मंत्रालय ने क्या कदम उठाया?

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. मंत्रालय ने विशेष रूप से COEMPT नामक सेवा प्रदाता को दिए गए अनुबंध की जानकारी तलब की है, जो OSM सिस्टम से जुड़ा हुआ है. सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने टेंडर प्रक्रिया, अनुबंध आवंटन के दौरान अपनाई गई प्रक्रियाओं और निर्णय लेने वाले अधिकारियों से संबंधित सभी विवरण मांगे हैं. मंत्रालय पहले ही प्रारंभिक जानकारी जुटा चुका है और अब पूरे मामले की गहराई से समीक्षा कर रहा है. 

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