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G News 24 : 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 और राज्यसभा की कार्यवाही 27 जून से 3 जुलाई तक रहेगा !

 राष्ट्रपति 27 जून को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी...

18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 और राज्यसभा की कार्यवाही 27 जून से 3 जुलाई तक रहेगा !

नई दिल्ली। 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से शुरू होगा। इसके अलावा 264वीं राज्यसभा का सत्र 27 जून से प्रारंभ होगा। इस दौरान नव निर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण, लोकसभा के अध्यक्ष का चुनाव, राष्ट्रपति का अभिभाषण और उस पर चर्चा की जाएगी। दोनों सदनों के सत्र तीन जुलाई तक चलेंगे। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसकी जानकारी दी।

राष्ट्रपति  27 जून को संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी

संसदीय कार्य मंत्री ने बुधवार को बताया कि 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून को शुरू होगा, जिसमें नवनिर्वाचित सदस्य शपथ लेंगे। सत्र के पहले तीन दिन नवनिर्वाचित नेताओं को शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही सदन के अध्यक्ष का चुनाव भी कराया जाएगा। सत्र का समापन 3 जुलाई को होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 जून को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी और अगले पांच वर्षों के लिए नई सरकार के रोडमैप की रूपरेखा पेश करेंगी। 

रिजिजू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24.6.24 से 3.7.24 तक नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ/प्रतिज्ञान, अध्यक्ष के चुनाव, राष्ट्रपति के अभिभाषण और उस पर चर्चा के लिए बुलाया जा रहा है। राज्यसभा का 264वां सत्र भी 27 जून को शुरू होगा और 3 जुलाई को समाप्त होगा। 27 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री मोदी की ओर से संसद में अपने मंत्रिपरिषद का परिचय कराए जाने की उम्मीद है। 

विपक्ष रह सकता है आक्रामक, पीएम मोदी देंगे जवाब

लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन के शानदार प्रदर्शन के बाद उम्मीद है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस में इंडी गठबंधन आक्रामक रह सकता है। वे एनडीए सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर सकते हैं। प्रधानमंत्री संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब भी देंगे।

G News 24 : आदिवासी नेता मोहन माझी आज शाम 5 बजे लेंगे ओडिशा में CM पद की लेंगे शपथ !

 25 साल बाद ओडिशा में बीजेपी सरकार...

आदिवासी नेता मोहन माझी आज शाम 5 बजे लेंगे ओडिशा में CM पद की लेंगे शपथ !

ओडिशा में आज से बीजेपी सरकार की शुरुआत होने जा रही है। आदिवासी नेता मोहन माझी आज ओडिशा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके साथ ही ओडिशा में बीजेपी सीएम के हाथ को मजबूत करने के लिए दो डिप्टी सीएम बनाए हैं। जहां एक डिप्टी सीएम वरिष्ठ नेता केवी सिंह देव हैं। वहीं युवा जोश के साथ पहली बार विधायक बनी प्रभाती परिदा हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो भविष्यवाणी की थी आज वो सच साबित होने जा रही है। आज ओडिशा में पहली बार बीजेपी सरकार बनने जा रही है। आज शाम 5 बजे भुवनेश्वर के जनता मैदान में मोहन चरण माझी ओडिशा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। क्योंझर सीट से 4 बार के विधायक मोहन माझी ओडिशा में आदिवासियों की बुलंद आवाज है।

शपथ समारोह में शामिल होंगे PM मोदी

ओडिशा सरकार में पहली बार दो उप मुख्‍यमंत्री भी बनाए जा रहे हैं। मोहन माझी के साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता केवी सिंह देव और पहली बार की विधायक प्रभाती परिदा आज डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगी। मोहन माझी के शपथ समारोह में खुद पीएम मोदी मौजूद रहेंगे। साथ ही एनडीए शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शपथ समारोह में शामिल होंगे। मंगलवार को भुवनेश्वर में बीजेपी की तरफ से भेजे गए ऑब्जर्वर राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई जिसमें सर्वसम्मति से मोहन माझी को विधायक दल का नेता चुना गया।

25 साल बाद ओडिशा में बदली है सरकार

ओडिशा में पहली बार बीजेपी को प्रचंड जनादेश मिला है। 147 सीट वाली विधानसभा में इस बार बीजेपी को 78, बीजेडी को 51, कांग्रेस को 14, सीपीएम को 1 और अन्य को 3 सीट मिली है। नवीन पटनायक कभी एनडीए का हिस्सा हुआ करते थे लेकिन 2009 में उन्होंने एनडीए से राहें जुदा कर ली थी। इसके बाद वे ओडिशा में अपने दम पर सरकार चला रहे थे। इन नतीजों के साथ ही ओडिशा में 25 साल से सत्ता में काबिज नवीन पटनायक की सियासत का अंत हो चुका है और आज से यहां बीजेपी की नई सरकार बनने जा रही है।

मोदी की मौजूदगी में चंद्रबाबू की शपथ

वहीं आंध्र प्रदेश में एनडीए गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। आज सुबह साढ़े 11 बजे चंद्रबाबू नायडू चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ जनसेना पार्टी के मुखिया पवन कल्याण डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे। इसके साथ ही टीडीपी के 19, जनसेना के 3 और बीजेपी के 2 नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते है। दोनों ही शपथ समारोह में पीएम मोदी के साथ बीजेपी के आला नेता और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

G News 24 : आज चौथी बार CM पद की शपथ लेंगे नायडू, मोदी और अमित शाह भी होंगे मौजूद !

 24 कैबिनेट मंत्री और जनसेना प्रमुख पवन कल्याण भी डिप्टी सीएम की शपथ लेंगे...

आज चौथी बार CM पद की शपथ लेंगे नायडू, मोदी और अमित शाह भी होंगे मौजूद !

आंध्र प्रदेश में प्रचंड जीत के बाद आज मुख्यमंत्री का शपथ समारोह होने जा रहा है। आज सुबह साढ़े 11 बजे चंद्रबाबू नायडू चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ जनसेना पार्टी के मुखिया पवन कल्याण डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे। नायडू के शपथ समारोह में पीएम मोदी के साथ बीजेपी के आला नेता और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यम

चंद्रबाबू नायडू, प्रधानमंत्री मोदी और पवन कल्याण

आज दक्षिण में बीजेपी गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। टीडीपी चीफ चंद्र बाबू नायडू आज सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर चौथी बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। वहीं जनसेना प्रमुख पवन कल्याण डिप्टी सीएम की शपथ लेंगे। उनके साथ 24 कैबिनेट मंत्री भी शपथ लेंगे। शपथ से पहले चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश की जनता ने भरोसा करके सरकार बनाने का मौका दिया है, अब जनता की सेवा करके उसका कर्ज उतारने की बारी है।

मोदी-शाह समेत NDA के कई नेता शपथ समारोह में होंगे शामिल

चंद्रबाबू नायडू आज विजयवाड़ा में गन्नावरम एयरपोर्ट के पास केसरपल्ली IT पार्क में सीएम पद की शपथ लेंगे। नायडू के शपथ समारोह में शामिल होने के लिए गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा विजयवाड़ा पहुंच गए हैं। चंद्रबाबू नायडू ने खुद इन दोनों नेताओं का स्वागत किया। नायडू के शपथ समारोह में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे समेत एनडीए के कई नेता शामिल होंगे। नायडू के शपथ समारोह में उन 112 लोगों को भी खास तौर पर बुलाया गया है जिन्हें जगन मोहन रेड्डी के शासनकाल में टारगेट किया गया था। TDP के समर्थकों और उनके परिवार के लोगों को शपथ ग्रहण समारोह में खास निमंत्रण दिया गया है।

चंद्र बाबू नायडू ने अपनी कैबिनेट में अपने सभी साथियों को जगह दी है। नायडू के मंत्रिमंडल में TDP को 19 मंत्री, जनसेना को 3 मंत्री और बीजेपी को 2 मंत्री पद मिल सकते हैं। नायडू कैबिनेट में TDP महासचिव और नायडू के बेटे नारा लोकेश को भी मंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा टीडीपी के कोटे से अच्चन नायडू, एन चिन्नराजप्पा, अय्यना पात्रडू, जी श्रीनिवास राव, परिताला सुनीता, कोल्लू रविंद्रा  प्रतिपाटी पुल्ला राव, कला वेंकट राव किमिडी, वाई रामाकृष्णडू, बी रामआंजनेयलु, पी सत्यनारायणा, के श्रीनिवासलू, एन आनंद बाबू और बी अखिला प्रिया रेड्डी को मंत्री बनाया जा सकता है।

24 कैबिनेट मंत्री भी शपथ लेंगे

नायडू कैबिनेट में पवन कल्याण की पार्टी जनसेना को भी  पूरी जगह दी गई है। कैबिनेट में पवन कल्याण की तरफ से 5 मंत्री पद की मांग की गई थी लेकिन उन्हें तीन मंत्री पद दिए जा सकते हैं। इनमें जन सेना की तरफ से नान्देला मनोहर, बी श्रीनिवास, जी सत्यनारायणा, एल नागमाधवी, कोन्तला रामकृष्णा का नाम मंत्री पद की रेस में आगे चल रहा है। वहीं बीजेपी के कोटे से भी दो लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है इनमें कामिनेनी श्रीनिवास राव, सी आदिनारायण रेड्डी और सुजना चौधरी का नाम आगे चल रहा है।

चुनाव में किसको कितनी सीटें !

आंध्र प्रदेश में एनडीए की जीत में प्रधानमंत्री मोदी का अहम रोल है। पूरे चुनाव में पीएम मोदी, चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण की जबरदस्त केमेस्ट्री दिखी थी। चंद्रबाबू नायडू खुद आंध्र प्रदेश में इस जीत का श्रेय पीएम मोदी को देते हैं। आंध्र प्रदेश में इस बार एनडीए को प्रचंड बहुंत मिला है। आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में NDA ने 175 में से 164 सीटें जीतकर एकतरफा जीत हासिल की। इसमें नायडू की TDP को 135, पवन कल्याण की जनसेना को 21 और भाजपा को 8 सीटें मिली हैं। जगन मोहन रेड्डी की YSRCP को केवल 11 सीटें मिलीं। कांग्रेस राज्य में अपना खाता भी नहीं खोल सकी।

राजधानी को लेकर किया बड़ा ऐलान

आंध्र में इस बड़ी जीत के साथ ही नायडू के सामने कई चुनौतियां भी है इसमें सबसे अहम है आंध्र प्रदेश की राजधानी। इस वक्त आंध्र प्रदेश देश का एकलौता राज्य है जिसकी कोई राजधानी नहीं है लेकिन चंद्रबाबू नायडू ने अपनी शपथ से पहले ऐलान कर दिया है कि आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती होगी। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सीएम पद की शपथ के बाद चंद्र बाबू नायडू सबसे पहले राजधानी का ऐलान कर सकते हैं।

G News 24 : PM शहबाज शरीफ के इशारे पर ही,पाकिस्तान की सेना स्वयं कर रही है आतंकियों का सफाया !

 अब पाक सेना ने ही छापेमारी कर 11 आतंकियों का किया खात्मा !

PM शहबाज शरीफ के इशारे पर ही,पाकिस्तान की सेना स्वयं कर रही है आतंकियों का सफाया !

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कसम खाई थी है कि वो आतंकवाद को खत्म कर देंगे। अब उनकी इस कसम का असर भी नजर आने लगा है। पाकिस्तान सेना ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने मुल्क से 'आतंकवाद को खत्म' करने का संकल्प लिया था। अब शहबाज के संकल्प का असर भी नजर आने लगा है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अशांत उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में तालिबान के गढ़ माने जाने वाले इलाके में एक आतंकवादी ठिकाने पर छापेमारी कर 11 आतंकियों को मार गिराया है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की तरफ से की गई कार्रवाई के बारे में अधिकारियों ने जानकारी दी है। 

पाकिस्तानी सेना को मिली थी खुफिया जानकारी 

पाकिस्तान की सेना ने एक बयान में कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर की गई यह छापेमारी रविवार को सड़क किनारे हुए बम विस्फोट के जवाब में की गई थी, जिसमें अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत जिले में पाकिस्तानी सेना के सात सैनिक मारे गए थे। सेना ने बयान में कहा कि क्षेत्र में पाए जाने वाले किसी भी अन्य आतंकवादी को खत्म करने के लिए अभियान अभी भी जारी है और सुरक्षा बल पाकिस्तान में आतंकवाद के खतरे को खत्म करने के लिए पूरी तरह से संकल्पित हैं। 

शहबाज शरीफ का सख्त रुख 

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए आतंकवादी हमले में एक कैप्टन समेत सात सैनिकों की मौत हो गई थी। रविवार को लक्की मरवत जिले के सरबंद पोस्ट, कच्ची कमर की ओर जा रहे सुरक्षाकर्मियों के काफिले पर आतंकवादियों ने हमला किया था।  आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "लक्की मरवत जिले में हुए आतंकी हमले में एक कैप्टन समेत पाकिस्तानी सेना के जवानों की शहादत से मुझे गहरा दुख हुआ है।" उन्होंने कहा था, "हमारे बहादुर सैनिकों और नागरिकों का बलिदान हम पर एक ऋण है जिसे हमें अपने देश से आतंकवाद को समाप्त करके चुकाना होगा।"

किसी ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी 

रविवार के हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है, हालांकि इसके लिए पाकिस्तानी तालिबान को जिम्मेदार माना जा रहा है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या टीटीपी के नाम से जाना जाता है। टीटीपी अफगान तालिबान का सहयोगी संगठन है। पाकिस्तानी अधिकारी अक्सर अफगानिस्तान के तालिबान शासकों पर टीटीपी लड़ाकों को शरण देने का आरोप लगाते हैं, हालांकि काबुल इस आरोप से बार-बार इनकार करता है।

G News 24 : WAR MAP,LAC-LOC के महारथी हैं नए आर्मी चीफ चीन-पाकिस्तान दोनों का इलाज जानते हैं

 पांच उपलब्धियां जिनके दम पर नियुक्त हुए है नए आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी...

WAR MAP,LAC-LOC के महारथी हैं नए आर्मी चीफ चीन-पाकिस्तान दोनों का इलाज जानते हैं 

केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी को नया सेना प्रमुख नियुक्त कर दिया है. लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी फिलहाल सेना स्टाफ के उप प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं. वो जनरल मनोज पांडे के 30 जून को रिटायर होने के बाद उनकी जगह लेंगे. गौरतलब है कि पिछले महीने ही केंद्र सरकार ने जनरल मनोज पांडे का कार्यकाल 31 मई को उनकी सेवानिवृत्ति से 6 दिन पहले ही एक महीने के लिए बढ़ा दिया था.

1 जुलाई, 1964 को जन्मे द्विवेदी सैनिक स्कूल, रीवा के पूर्व छात्र हैं. उनकी पहली तैनाती 15 दिसंबर, 1984 को भारतीय सेना की 18 जम्मू और कश्मीर राइफल्स में हुई थी. बाद में उन्होंने उसी यूनिट की कमान संभाली. द्विवेदी नेशनल डिफेंस कॉलेज और US आर्मी वॉर कॉलेज के पूर्व छात्र हैं. उन्होंने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन और आर्मी वॉर कॉलेज, महू से भी पढ़ाई पूरी की है. उनके पास स्ट्रै़टजिक स्टडी (Strategic studies) और मिलिट्री साइंस दोनों की मास्टर डिग्री है.

पांच उपलब्धियां जिनके दम पर नियुक्त हुए है नए आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी

  • 1.अपनी करीब 40 साल की जर्नी में लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने विभिन्न कमांड्स को संभालने के साथ विदेशी नियुक्तियों में भी काम किया है. उनकी कमांड में तैनाती की बात करें तो वो 18 जम्मू और कश्मीर राइफल्स रेजिमेंट, असम राइफल्स और 9 कोर की कमान में एक्टिव रह चुके हैं. लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी को PVSM (परम विशिष्ट सेवा मेडल), AVSM (अति विशिष्ट सेवा मेडल) और तीन जीओसी-इन-सी कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. 
  • 2.नए सेना प्रमुख द्विवेदी को चीन और पाकिस्तान बॉर्डर पर ऑपरेशन एक्सपीरियंस के लिए जाना जाता है. लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी के पास चीन और पाकिस्तान के साथ सीमाओं पर व्यापक परिचालन अनुभव है. उत्तरी सेना के कमांडर के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर निरंतर सैन्य अभियानों की योजना बनाने और उन्हें सफलतापूर्व पूरा करने के लिए बेहतरीन कौशल दिखाया.
  • 3. वे डिफेंस पर मास्टर ऑफ फिलॉसफी (M Phil) और स्ट्रैटजिक और मिलिटरी साइंस में दो मास्टर डिग्री होल्डर हैं. ऐसे में दुश्मन की चालों को काउंटर करने के लिए नक्शे पर रणनीति बनानी हो या पाकिस्तान सीमा (LOC) और चीन सीमा (LAC) पर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देना दोनों काम उन्हें बखूबी आते हैं. भारतीय थल सेना के उच्च अधिकारियों के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर (J&K) में काफी समय तक एंट्री टेररिस्ट ऑपरेशंस को भी अंजाम दिया.
  • 4. चीन के साथ बीते कई सालों से जारी सैन्य बातचीत के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भारत का पक्ष मजबूती से रखते हुए चालबाज चीन की चालाकियों को काउंटर करते हुए भारत की ओर से दमदार जवाब दिया है. एलएसी पर जटिल सीमा मुद्दे को सुलझाने के लिए चीन के साथ चल रही बातचीत में वो बीते कई सालों से लगे थे.
  • 5. लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने फरवरी 2024 में उप सेनाध्यक्ष का पद संभाला था. लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी भारतीय सेना की हर कमान को अत्याधुनिक बनाने और उसे नए-नए हथियारों से लैस करने के अभियान का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया और मेड इन इंडिया मिलिट्री उत्पादों को सेना में शामिल कराने के साथ उनके निर्यात के लिए भी विजन पेश किया.

G News 24 : 3 दिन में 3 आतंकी हमलों से खौफ़ के साये में है जम्मू कश्मीर !

 चोटी, घाटी और गुफाओं में 11 टीमें तलाश रहीं दहशतगर्द...

3 दिन में 3 आतंकी हमलों से खौफ़ के साये में है जम्मू कश्मीर ! 

जम्मू कश्मीर में तीन दिन में हुए तीन आतंकी हमले के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने आतंकियों को सबक सिखाने की ठान ली है. मंगलवार रात (11 जून 2024) से बुधवार (12 जून 2024) तक अलग-अलग जिलों में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन जारी है. एनकाउंटर में जहां एक आतंकवादी के मारे जाने की खबर है, तो वहीं अलग-अलग जिलों में सर्च ऑपरेशन में कई संदिग्ध लोगों को टीम ने गिरफ्तार भी किया है. आतंकवादियों से लगातार सरेंडर करने को भी कहा जा रहा है. आइए एक नजर डालते हैं, कहां-कहां चल रहा है सर्च ऑपरेशन.

कहां-कहां हुआ एनकाउंटर 

जम्मू के सांबा जिले के हीरानगर के सवाल इलाके में मंगलवार रात हुआ आंतकवादियों की ओर से घरों पर फायरिंग करने के बाद एनकाउंटर शुरू हुआ. इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया है. एक आतंकवादी फरार हो गया, जिसकी तलाश में कई जगह सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. 

वहीं, दूसरा एनकाउंटर डोडा के चत्तरगला इलाके में हुआ. यहां आतंकियों के हमले के बाद सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है. मठभेड़ के दौरान ही पुलिस और सुरक्षा बल भद्रवाह, डोडा में तलाशी अभियान चला रहे हैं.

तीन हमले और तीन सर्च ऑपरेशन

9 जून 2024 को जम्मू के रियासी में 9 जून को आतंकवादियों ने शिव खोरी मंदिर से कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर जा रहे तीर्थयात्रियों को ले जा रही 53 सीटों वाली बस पर हमला  किया था. इस हमले में 10 लोगों की मौत हुई थी और 41 घायल हुए थे. रियासी बस हमले में फरार आतंकियों को पकड़ने के लिए पुलिस का तलाशी अभियान तीसरे दिन भी जारी है. पुलिस ने अभी तक 20 लोगों को हिरासत में लिया है. आतंकवादियों का पता लगाने के लिए सुरक्षा बलों की 11 टीमें काम कर रही हैं.

11 जून 2024 को रियासी के बाद आतंकवादियों ने 11 जून को कठुआ को निशाना बनाया. यहां आम लोगों के घरों, रोड से गुजर रहने लोगों पर फायरिंग की गई. सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर आतंकवादियों को घेरने की कोशिश की. इस इलाके में आतंकियों को पकड़ने के लिए मेगा सर्च अभियान चलाया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है, जबकि दूसरे आतंकी की तलाश चल रही है.

11 जून 2024 को ही आतंकवादियों का तीसरा हमला डोडा में मंगलवार रात हुआ. यहां आतंकियों ने पुलिस और सेना के नाके पर फायरिंग की. इसके बाद वहां भी मुठभेड़ चल रही है. ड्रोन के साथ ही, यहां पर सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान पूरे इलाके को घेर कर खड़े हैं.. ताकि यहां छिपे आतंकी कहीं और न जा सकें.

G.NEWS 24 : परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है, इसलिए जवाब चाहिए : SC

नहीं रुकेगी काउंसलिंग...

परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है, इसलिए जवाब चाहिए : SC

नई दिल्ली। पेपर लीक से लेकर रिजल्ट में हुई धांधली को लेकर नीट परीक्षा निरस्त करने और काउंसलिंग रोक जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है, इसलिए जवाब चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट ने काउंसलिंग रोकने से इंकार कर दिया है। नीट परीक्षा में धांधली मामले पर सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने अपनी विशेष टिप्पणी में कहा कि परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है, इसलिए हमें जवाब चाहिए है। लेकिन अदालत ने नीट काउंसलिंग को रोकने से इनकार कर दिया है। यहां बताते चलें कि नीट परीक्षा के पेपरलीक को लेकर अदालत में याचिका दाखिल की गई है। 

याचिकाकर्ताओं ने धांधली का आरोप लगाते हुए नीट परीक्षा दोबारा कराए जाने की भी मांग की है। इस पर एनटीए पहले ही कह चुका है कि वह नीट का एग्जाम दोबारा नहीं करवा सकता है। इस प्रकार एनटीए फिर से इस परीक्षा को कराने से इनकार कर दिया, तब याचिकाकर्ताओं व प्रदशर्न कर रहे छात्र-छात्राओं व अभिभावकों के पास अदालत के सिवा कोई रास्ता नहीं रह गया। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अमानुल्लाह और जस्टिस विक्रम नाथ ने मामले की सुनवाई करते हुए एनटीए को नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान जस्टिस अमानुल्लाह ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है, इसलिए जवाब चाहिए। वहीं जस्टिस नाथ का कहना था कि एनटीए को हम नोटिस जारी कर रहे हैं। काउंसलिंग शुरू होने दी जाए। इसी के साथ कोर्ट ने कह दिया कि हम काउंसलिंग नहीं रोक रहे हैं।

नीट से मामले से आहत लोगों का कहना है कि कोर्ट ने सुनवाई कर मामले की गंभीरता को तो रेखांकित कर दिया लेकिन याचिकाकर्ताओं की मांग को दरकिनार कर काउंसलिंग की इजाजत भी दे दी है। इससे इस तरह के और मामले होने का अंदेशा बनता है, जिस पर संज्ञान लिया जाना चाहिए। नीट एग्जाम में अनियमितता के आरोप लगाने वालों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और गुहार लगाई कि नीट यूजी 2024 रिजल्ट को वापस लिया जाए और नीट का एग्जाम दोबारा लिया जाए। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में स्पष्ट उल्लेख है कि नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (नीट) ने एग्जाम कॉपी जांचते हुए मनमाने ढंग से ग्रेस दिया है। इस कारण एक ही सेंटर के 67 स्टूडेंट को एक जैसा 720 हाईएस्ट नंबर आए हैं। इस मामले में एसआईटी जांच की मांग भी की गई है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में सबसे गंभीर आरोप यही है कि नैशनल टेस्टिंग एजेंसी ने मनमाने ढंग से ग्रेस नंबर दिया है। ऐसा पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर किया गया है। 

कुछ स्टूडेंट्स को बैकडोर एंट्री देने के लिए ऐसा किया गया। इससे शक सच में बदलता है कि एक ही सेंटर विशेष के 67 स्टूडेंट्स को पूर्ण अंक 720 तक दे दिए गए हैं। नीट एग्जाम 5 मई को हुआ था, तभी अनेक शिकायतें सामने आई, जिसमें पेपर लीक जैसा गंभीर आरोप भी शामिल था। गौरतलब है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही दो याचिकाएं पेंडिंग में हैं। इसके साथ ही पेपर लीक के आधार पर नीट एग्जाम कैंसल करने की मांग की जा चुकी है। यहां बतलाते चलें कि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में लगाई गईं याचिकाओं में से पहली याचिका पर सुनवाई की थी और नोटिस भी जारी किया था, लेकिन तब भी सुप्रीम कोर्ट ने रिजल्ट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद जो रिजल्ट आया उस पर भी बबाल मच गया है। इसे लेकर अनेक जगहों पर धरने-प्रदर्शन भी हुए हैं।