G.NEWS 24 : कुवैत की एक लेबर बिल्डिंग में हादसे में 40 भारतीय ज़िंदा जले

खचाखच भरी थी बिल्डिंग, नहीं मिला निकलने का मौका...

कुवैत की एक लेबर बिल्डिंग में हादसे में 40 भारतीय ज़िंदा जले

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट देश कुवैत की एक लेबर बिल्डिंग में बुधवार को भीषण आग लग गई. हादसे में 40 भारतीयों समेत कुल 49 लोगों की मौत हो गई है. जबकि 30 से ज्यादा जख्मी बताए जा रहे हैं. हादसा मंगाफ शहर के एक लेबर कैंप में हुआ. घटना स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे हुई. 'कुवैत टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, 6 मंजिला बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर के किचन में आग लगी. बताया जा रहा है कि किचन में सिलेंडर फटा था, जिससे आग लगी. देखते ही देखते यह बाकी मंजिलों पर फैल गई. फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है. इस दौरान कर्नल अली ने बताया कि आग कैसे लगी थी और वो इतनी भयावह कैसे हो गई. 

कुवैत फायर डिपार्टमेंट के लेफ़्टिनेंट कर्नल अली ने बताया, "इस बिल्डिंग में 160 से ज्यादा मजदूर रह रहे थे. इनमें से ज्यादातर भारतीय कामगार थे. कुछ पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मजदूरों के भी रहने की पुष्टि हुई है. ये सभी एक ही कंपनी के लिए काम करते थे. अभी तक आग में 45 से ज्यादा लोगों के मरने की पुष्टि हुई है." उन्होंने कहा, "आग बहुत तेजी से फैली. मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. वो बिल्डिंग में फंस गए थे. इमरजेंसी सर्विसेस से उन्हें निकाला गया. हादसे में 30 से ज्यादा जख्मी हुए हैं, उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है. 

कुवैत सरकार घायलों की हर तरीके से मदद कर रही है." कुवैत फायर डिपार्टमेंट के लेफ़्टिनेंट कर्नल अली ने कहा, "ऐसी घटना भविष्य में न हो, इसके लिए जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं. सुरक्षा के उपाय भी अपनाए जा रहे हैं." कुवैत में भारतीय दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, "भारतीय श्रमिकों से जुड़ी आग की दुखद घटना के संबंध में दूतावास ने एक इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर +965-65505246 शुरू किया है. सभी संबंधित लोगों से अनुरोध है कि वे अपडेट के लिए इस हेल्पलाइन से जुड़ें. दूतावास हर संभव सहायता करेगा." 

गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ ने बताया कि बिल्डिंग में कई लोग अवैध रूप से रह रहे थे. इसलिए आग लगने के समय भगदड़ भी मची. जिसमें कई लोगों को चोटें आईं. अफरा-तफरी के बीच कई लोग अंदर फंसे रह गए. धुएं में दम घुटने से उनकी जान चली गई. अभी मरने वालों के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है. मलयाली मीडिया 'ऑनमनोरमा' की रिपोर्ट के मुताबिक, बिल्डिंग में रहने वाले भारतीय कामगार केरल और तमिलनाडु से थे. यह बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी NBTC ग्रुप की थी. 

इस बिल्डिंग के मालिक मलयाली व्यापारी केजी अब्राहम हैं. केजी अब्राहम केरल के तिरुवल्ला के बिजनेसमैन हैं. इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना को लेकर दुख जताया है. मोदी ने X पर पोस्ट किया, "कुवैत में आग लगने की घटना दुखदायी है. मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है. मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं. कुवैत में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है. दूतावास प्रभावितों की सहायता के लिए अधिकारियों के साथ काम कर रहा है." कुवैत हादसे को लेकर पीएम मोदी ने अपने आवास पर एक हाई लेवल मीटिंग भी की. 

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने X पर पोस्ट किया, ‘कुवैत सिटी में आग लगने से 40 से अधिक भारतीयों की मौत की भयावह खबर से स्तब्ध हूं. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. मैं सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. मिडिल ईस्ट में हमारे मजदूरों की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है. भारत सरकार को अपने समकक्षों के साथ मिलकर अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए और सम्मानजनक जीवन स्तर सुनिश्चित करना चाहिए."

G News 24 : PM शहबाज शरीफ के इशारे पर ही,पाकिस्तान की सेना स्वयं कर रही है आतंकियों का सफाया !

 अब पाक सेना ने ही छापेमारी कर 11 आतंकियों का किया खात्मा !

PM शहबाज शरीफ के इशारे पर ही,पाकिस्तान की सेना स्वयं कर रही है आतंकियों का सफाया !

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कसम खाई थी है कि वो आतंकवाद को खत्म कर देंगे। अब उनकी इस कसम का असर भी नजर आने लगा है। पाकिस्तान सेना ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने मुल्क से 'आतंकवाद को खत्म' करने का संकल्प लिया था। अब शहबाज के संकल्प का असर भी नजर आने लगा है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अशांत उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में तालिबान के गढ़ माने जाने वाले इलाके में एक आतंकवादी ठिकाने पर छापेमारी कर 11 आतंकियों को मार गिराया है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की तरफ से की गई कार्रवाई के बारे में अधिकारियों ने जानकारी दी है। 

पाकिस्तानी सेना को मिली थी खुफिया जानकारी 

पाकिस्तान की सेना ने एक बयान में कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर की गई यह छापेमारी रविवार को सड़क किनारे हुए बम विस्फोट के जवाब में की गई थी, जिसमें अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत जिले में पाकिस्तानी सेना के सात सैनिक मारे गए थे। सेना ने बयान में कहा कि क्षेत्र में पाए जाने वाले किसी भी अन्य आतंकवादी को खत्म करने के लिए अभियान अभी भी जारी है और सुरक्षा बल पाकिस्तान में आतंकवाद के खतरे को खत्म करने के लिए पूरी तरह से संकल्पित हैं। 

शहबाज शरीफ का सख्त रुख 

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए आतंकवादी हमले में एक कैप्टन समेत सात सैनिकों की मौत हो गई थी। रविवार को लक्की मरवत जिले के सरबंद पोस्ट, कच्ची कमर की ओर जा रहे सुरक्षाकर्मियों के काफिले पर आतंकवादियों ने हमला किया था।  आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "लक्की मरवत जिले में हुए आतंकी हमले में एक कैप्टन समेत पाकिस्तानी सेना के जवानों की शहादत से मुझे गहरा दुख हुआ है।" उन्होंने कहा था, "हमारे बहादुर सैनिकों और नागरिकों का बलिदान हम पर एक ऋण है जिसे हमें अपने देश से आतंकवाद को समाप्त करके चुकाना होगा।"

किसी ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी 

रविवार के हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है, हालांकि इसके लिए पाकिस्तानी तालिबान को जिम्मेदार माना जा रहा है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या टीटीपी के नाम से जाना जाता है। टीटीपी अफगान तालिबान का सहयोगी संगठन है। पाकिस्तानी अधिकारी अक्सर अफगानिस्तान के तालिबान शासकों पर टीटीपी लड़ाकों को शरण देने का आरोप लगाते हैं, हालांकि काबुल इस आरोप से बार-बार इनकार करता है।

G News 24 : पाकिस्तान के सिध में बन सकता है करतारपुर जैसा कॉरिडोर !

 सिंध के पर्यटन मंत्री जुल्फिकार अली शाह ने यह प्रस्ताव रखा है...

पाकिस्तान के सिध में बन सकता है  करतारपुर जैसा कॉरिडोर !

पाकिस्तान अपनी आर्थिक हालत को सुधारने के मकसद से पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिशों में जुटा है। ऐसे में उसकी नजर भारत के हिंदू और जैन पर्यटकों पर भी है। इसी क्रम में पाकिस्तान के एक प्रांतीय मंत्री ने भारत की सीमा से लगे सिंध प्रांत के इलाकों में करतारपुर जैसा धार्मिक कॉरिडोर खोलने का विचार प्रस्तावित किया है। धार्मिक कॉरिडोर खोलने का मकसद यह है कि इससे हिंदू और जैन धर्म के लोग पाकिस्तान स्थित अपने ऐतिहासिक धार्मिक स्थल जा सकेंगे। सिंध के पर्यटन मंत्री जुल्फिकार अली शाह ने सिंध प्रांत में पर्यटन को बढ़ावा देने संबंधी एक कार्यक्रम को दुबई में संबोधित करते हुए यह प्रस्ताव रखा। 

यहां बनाया जा सकता है कॉरिडोर

पाकिस्तान की अधिकतर हिंदू आबादी सिंध प्रांत में रहती है। शाह ने कहा कि यह कॉरिडोर उमरकोट और नगरपारकर में बनाया जा सकता है। उमरकोट में श्री शिव मंदिर है, जिसे सिंध के सबसे पुराने हिंदू मंदिरों में से एक माना जाता है। कुछ लोगों का मानना ​​है कि इसका निर्माण 2,000 साल से भी पहले हुआ था। नगरपारकर में भी कई परित्यक्त जैन मंदिर भी हैं। नगरपारकर में बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं।

 इस संभावना पर चर्चा की है लेकिन इस मामले में अभी कुछ भी तय नहीं है

सिंध सरकार के प्रवक्ता ने ‘पीटीआई’ को पुष्टि की है कि पर्यटन मंत्री जुल्फिकार अली शाह ने अपने विभाग के अधिकारियों के साथ इस संभावना पर चर्चा की है लेकिन इस मामले में अभी कुछ भी तय नहीं है, यह संघीय सरकार का मामला है। धार्मिक पर्यटकों की सुविधा के लिए शाह ने भारत से सख्खर या लरकाना के लिए साप्ताहिक उड़ान शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा।

G News 24 : भारत-पाक का मैच देखने के लिए 1 लाख पार्किंग में और 8.3 लाख का टिकट लेना होगा !

 टी20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के महंगे  टिकिट्स को लेकर फैंस काफी परेशान... 

भारत-पाक का मैच देखने के लिए 1 लाख पार्किंग में और 8.3 लाख का टिकट लेना होगा !

टी20 वर्ल्ड कप 2024 का आगाज तो हो चुका है, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों को टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबले का इंतजार है. हां, हम बात करें रहे हैं भारत और पाकिस्तान के मैच के बारे में. दोनों टीमों के बीच हाई वोल्टेज मुकाबला 9 जून को न्यूयॉर्क स्थित नासाउ काउंटी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैच के लिए दोनों टीमें तैयार हैं. 

भारत बनाम पाकिस्तान मैच की पार्किंग फीस 

जाहिर सी बात है जो फैंस मैच देखने जाएंगे उन्हें अपने वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग एरिया की जरूरत पड़ेगी. हालांकि, भारत बनाम पाकिस्तान मैच के लिए पार्किंग एरिया की फीस कुछ ज्यादा हो बढ़ गई है. 

देश के पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने भारत बनाम आयरलैंड मुकाबले के दौरान भारत बनाम पाकिस्तान मैच में पार्किंग के लिए कितनी रकम खर्च करनी पड़ेगी. उसका खुलासा किया है.

सिद्धू ने कमेंट्री के दौरान बताया कि इस मैच के लिए फैंस को 1200 डॉलर (करीब 100000 रूपये) चुकाने पड़ेंगे. पूर्व क्रिकेटर के मुताबिक उनको इस खबर से अवगत उनके ड्राइवर ने कराया है.

भारत बनाम पाकिस्तान मैच के लिए टिकट का दाम

भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबले के लिए जैसे-जैसे दिन नजदीक आ रहे हैं. वैसे-वैसे टिकटों का दाम भी आसमान छूता जा रहा है. महामुकाबले के लिए शुरुआती टिकटों के दाम 300 यूएस डॉलर रखे गए हैं. अगर भारतीय रुपयों में देखें तो इसकी राशि करीब 25000 रूपये होती है.

वहीं सबसे महंगे टिकटों के दाम पर गौर करें तो यह 10000 हजार यूएस डॉलर का बताया जा रहा है, जो भारतीय रूपये में 8.3 लाख के करीब होता है. खबरों के मुताबिक 300 यूएस डॉलर और 10000 हजार यूएस डॉलर के बीच के भी टिकट हैं.

G News 24 : पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेन में टक्कर !

 हादसे में फिलहाल दो लोगों के घायल होने की जानकारी ...

पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेन में टक्कर !

पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में बड़ा हादसा हो गया। अमृतसर-दिल्ली रेलवे लाइन पर फतेहगढ़ साहेब में रविवार सुबह दो ट्रेनों के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में कम से कम दो लोग घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, एक मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया और एक यात्री ट्रेन से टकरा गया।

जानकारी के मुताबिक, इस टक्कर में दो ट्रेन ड्राइवर बुरी तरह से घायल हो गए हैं। घायलों को श्री फतेहगढ़ साहिब सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब से राजिंदर अस्पताल पटियाला रेफर कर दिया गया। घायल दोनों लोको पायलट की पहचान यूपी के सहारनपुर के विकास कुमार (37) और हिमांशु कुमार (31) के तौर पर हुई है। 

मालगाड़ी का इंजन खुलकर दूसरी से टकराया और फिर

हादसे का वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि दोनों ट्रेनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। सरहिंद रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर रविवार तड़के करीब 3:30 ये रेल हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, यह हादसा मालगाड़ियों के लिए बने डीएफसीसी ट्रैक के न्यू सरहिंद स्टेशन के पास हुआ। यहां पहले से कोयले से लोड दो गाड़ियां खड़ी थीं। एक मालगाड़ी का इंजन खुलकर दूसरी से टकराया और फिर इंजन पलटकर अंबाला से जम्मू तवी की तरफ जा रही पैसेंजर गाड़ी समर स्पेशल में फंस गया।

जम्मू रेलवे स्टेशन पर हादसा

इससे पहले जम्मू रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का इंजन पटरी से उतर गया। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जब ट्रेन नई दिल्ली से यहां रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो इंजन का एक पहिया पटरी से उतर गया, जिससे ट्रेन रुक गई। अधिकारियों ने कहा कि दो घंटे की देरी के बाद इंजन को पटरी पर लाया गया और ट्रेन आगे के सफर पर रवाना हो गई। 

G News 24 :चाइना का चांग'ई-6 मिशन चंद्रमा के सुदूर हिस्से से वापसी वाला पहला मिशन कामयाब !

 इसमें इंजीनियरिंग से जुड़े कई नवाचार किए गए हैं...

चाइना का चांग'ई-6 मिशन चंद्रमा के सुदूर हिस्से से वापसी वाला पहला मिशन कामयाब !

चीन लगातार स्पेस में अपनी पकड़ मजबूत बना रहा है. उसकी हालिया कामयाबी की बात करें तो चीन ने चांद पर अपना झंडा एक बार फिर गाड़ा है. चीनी वैज्ञानिकों ने अपने यान Chang'e-6 की सॉफ्ट लैंडिंग को तय मानकों के तहत पूरा कराया. नेशनल स्पेस एडिमिनिस्ट्रेशन (CNSA) ने इस कामयाबी का एलान अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर किया. जिसमें उसने लिखा- ' Chang'e-6 ने रविवार की सुबह चंद्रमा के सुदूर हिस्से को छुआ.

आपको बताते चलें कि ये चीन का दूसरा मून मिशन है. जो कामयाब रहा. चीनी वैज्ञानिकों ने इस कामयाबी के साथ दुनिया को चैलेंज देते हुए कहा कि हमारा ये मिशन मानव इतिहास में ऐसा पहला और अनोखा मिशन साबित होगा जब पहली बार चांद के इस दुर्लभ इलाके से रिसर्च के लिए नमूने जुटाएगा.' चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (CNSA) के पास अब इस दूर-दराज की लैंडिंग को एक्सपीरिएंस डबल हो गया है. क्योंकि चीन ने चांद के इस हिस्से को दोबारा छुआ है. दुनिया का कोई और देश अब तक ऐसा नहीं कर पाया है.

इससे पहले चीनी प्रोब चांग'ई 4,  लॉन्च हुआ था. जनवरी 2019 में स्टार्ट हुआ वो मिशन कसौटी पर उतना खरा नहीं उतरा जितनी की उससे अपेक्षा की गई थी. आपको बताते चलें कि रोबोटिक चांग'ई 6 मिशन रविवार (2 जून) को बीजिंग के समयानुसार सुबह 6:23 बजे दक्षिणी ध्रुव-ऐटकेन बेसिन नामक एक गड्ढे में लैंड हुआ'. यह मिशन चैंग-ई में छठा है, जिसका नाम चीनी चंद्रमा देवी के नाम पर रखा गया है. यह चैंग-ई 5 के बाद सैंपल को वापस लाने के लिए डिजाइन किया गया दूसरा मिशन है. 

चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर सब कुछ उसकी योजना के अनुसार हुआ तो चांग'ई 6 चीन के लिए एक नया इतिहास रच देगा. इस मिशन का मकसद शोध के लिए सैंपल्स यानी नमूनों को चांद की सतह से उठाना( इकट्ठा करना) और उन्हें धरती पर वापस भेजना है, जिससे धरती की सतह पर नीचे बैठे वैज्ञानिकों को चंद्रमा के इस हिस्से से लाई गई सामग्री को पहली बार करीब से देखने का मौका मिलेगा. 

इस मिशन पर गया चीनी यान करीब 2 Kg का सैंपल चांद की सतह और जमीन के नीचे के इकट्ठा करने के लिए ड्रिल तकनीक का इस्तेमाल करेगा. उस सैंपल को मैटलिक वैक्यूम कंटेनर में रखकर उस दूसरे मॉड्यूल में ले जाएगा जो पहले से चांद की परिक्रमा कर रहा है. फिर कंटेनर को री-एंट्री कैप्सूल में ट्रांसफर किया जाएगा, जो 25 जून के आसपास चीन के इनर मंगोलिया क्षेत्र के रेगिस्तान में पृथ्वी पर लौटने वाला है.

चीनी मिशन ने अपने एक बयान में कहा, चांग'ई-6 मिशन चंद्रमा के सुदूर हिस्से से पहला ऐसा वापसी मिशन है, जिसमें कई तरह के इंजीनियरिंग नवाचार और उच्च जोखिम शामिल है. गौरतलब है कि चांग'ई 6 को 3 मई को एक अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल करने के लिए लॉन्च किया गया था. चंद्रमा के सुदूर हिस्से से वहां के नमूने खींचकर धरती में लाना चीन के लिए वाकई एक बहुत बड़ी कामयाबी होगा.



G.NEWS 24 : मुकेश अंबानी को पछाड़ एशिया के सबसे अमीर शख्स बने गौतम अडानी

अमीरों की लिस्ट में उलटफेर...

मुकेश अंबानी को पछाड़ एशिया के सबसे अमीर शख्स बने गौतम अडानी

अमीरों की रेस में भारत के दो उद्योगपतियों की रेस चलती रहती है. अंबानी-अडानी का नाम अक्सर चर्चा में रहता है. अमीरों की लिस्ट में दोनों की रेस चलती रहती है. इस लिस्ट में एक बार फिर से बड़ा उलटफेर हुआ है. अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने बड़ी छलांग लगाते हुए एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब जीत लिया है. गौतम अडनी अब एशिया के सबसे बड़े रईस बन गए हैं. 

ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स में बड़ा फेरबदल हो गया है. अमीरों की लिस्ट में गौतम अडानी ने लंबी छलांग लगा ली है. उन्होंनें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को पीछे छोड़कर नंबर 1 का खिताब जीत लिया है. Bloomberg Billionaires Index के लेटेस्ट लिस्ट में गौतम अडानी मुकेश अंबानी से ऊपर पहंच गए हैं. 

गौतम अडानी 111 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ इस लिस्ट में 11वें नंबर पर है. इसके साथ ही वो एशिया और देश के सबसे अमीर उद्योगपति बन गए हैं. शुक्रवार को अडानी की नेटवर्थ में 5.45 अरब डॉलर की तेजी आई, जिसके साथ उनका कुल नेटवर्थ 111 अरब डॉलर पहुंच गया. वहीं दूसरी ओर मुकेश अंबानी 109 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ इस लिस्ट में 12वें और एशिया में दूसरे नंबर पर हैं. 

शुक्रवार को उनके नेटवर्थ में 26.8 अरब डॉलर की तेजी आई है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद ये पहला मौका है, जब गौतम अडानी ने इस खिताब को हासिल किया है.  अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के चलते अडानी के शेयर धड़ाम हो गए. गौतम अडानी की कंपनी का वैल्यूएशन आधे से भी कम हो गया. हालांकि इस हमले से अडानी अब बहुत हद तक उबर चुके हैं.  

G.NEWS 24 : यूरोपीय संघ का बड़ा कदम, उत्तर कोरिया पर लगाए नए प्रतिबंध !

रूस ने किया उत्तर कोरिया की मिसाइलों से हमला...

यूरोपीय संघ का बड़ा कदम, उत्तर कोरिया पर लगाए नए प्रतिबंध !

ब्रसेल्स। यूरोपीय संघ (EU) ने बैलिस्टिक और परमाणु मिसाइलों के विकास के निरंतर प्रयासों तथा रूस को समर्थन देने के कारण उत्तर कोरिया पर और अधिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। ईयू परिषद ने शुक्रवार को कहा कि यात्रा और संपत्ति संबंधी इन पाबंदियों से नौ और लोग तथा संस्थान प्रभावित होंगे। यूरोपीय देशों के इस संगठन ने उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल परीक्षणों को लेकर संयुक्त राष्ट्र की पाबंदियों की तर्ज पर 2006 में इस पर पाबंदियां लगाना शुरू किया था। ईयू परिषद ने अब तक कुल 77 लोगों और 20 कंपनियों या संस्थानों पर पाबंदी लगाई है। 

ईयू ने बताया कि परिषद ने छह और लोगों तथा तीन निकायों पर प्रतिबंध लगा दिया है। उत्तर कोरिया ने इस साल कम से कम 22 मिसाइल का प्रक्षेपण किए हैं। बता दें कि, रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को लेकर अमेरिका की तरफ से यह बात कही जाती रही है कि रूस जंग में उत्तर कोरिया के हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है। अब इसे लेकर पेंटागन की एक नई रिपोर्ट भी सामने आई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस यूक्रेन में उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। रिपोर्ट में मलबे के विश्लेषण का हवाला देते हुए आरोपों की पुष्टि की गई है कि प्योंगयांग मॉस्को को हथियार भेज रहा है। 

पेंटागन की रक्षा खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट ने ओपन-सोर्स इमेजरी का इस्तेमाल करके पुष्टि की है कि इस साल जनवरी में यूक्रेन के खारकीव क्षेत्र में पाया गया मलबा उत्तर कोरिया में बनी कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का है। रिपोर्ट के साथ जारी एक बयान में डीआईए ने कहा, "विश्लेषण से पुष्टि होती है कि रूस ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में उत्तर कोरिया में बनी बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है।" रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उत्तर कोरिया की मिसाइलों का मलबा पूरे यूक्रेन में पाया गया है।

G News 24 : IIT बॉम्बे से पोस्‍ट ग्रेजुएट राधिका सेन को UN से मिलने जा रहा है प्रतिष्ठित पुरस्कार !

 आठ साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुईं...

IIT बॉम्बे से पोस्‍ट ग्रेजुएट राधिका सेन को UN से मिलने जा रहा है प्रतिष्ठित पुरस्कार !

नई दिल्‍ली। भारतीय सेना की मेजर राधिका सेन को प्रतिष्ठित जेंडर एडवोकेट पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने यह घोषणा की है. दुजारिक ने कहा कि गुटेरेस गुरुवार को राधिका सेन को 2023 मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड प्रदान करेंगे. इसे संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों के अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है. अभी संयुक्त राष्ट्र के लिए काम करने वाली महिला सैन्य शांतिरक्षकों में भारत का 11वां सबसे बड़ा योगदान है.

 पीस कीपर को दिया जाता है ये पुरस्‍कार

प्रतिष्ठित जेंडर एडवोकेट पुरस्कार  साल 2000 के सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को बढ़ावा देने में एक पीस कीपर के प्रयासों को मान्यता देता है, जो महिलाओं और लड़कियों को संघर्ष वाले इलाकों में यौन हिंसा से बचाने का प्रयास करता है. सेन मेजर सुमन गवानी के बाद यह सम्मान पाने वाली दूसरी भारतीय पीस कीपर हैं. सुमन गवानी ने दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ काम किया था और 2019 में यह पुरस्कार प्राप्त किया था. संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में 6,063 भारतीय कर्मियों में से 1,954 मोनुस्को के साथ काम करते हैं, जिनमें से 32 महिलाएं हैं.

राधिका सेन एक रोल मॉडल

गुटेरेस ने बधाई देते हुए राधिका सेन को एक रोल मॉडल बताया. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, राधिका सेन ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ काम किया, जहां उन्होंने उत्तरी किवु में एक अलर्ट नेटवर्क बनाने में मदद की, जो समुदाय के लोगों, युवाओं और महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए आवाज उठाने के लिए एक मंच प्रदान किया. उन्होंने समर्पण की भावना के साथ महिलाओं और लड़कियों सहित संघर्ष-प्रभावित समुदायों का विश्वास जीता. सेन के सैनिकों ने उत्तरी किवु में बढ़ते संघर्ष के माहौल में उनके साथ काम किया.

आईआईटी बॉम्बे से पोस्‍ट ग्रेजुएट हैं राधिका 

राधिका सेन मूल रूप से हिमाचल प्रदेश की रहने वाली हैं. वह एक बायोटेक इंजीनियर हैं. राधिका आईआईटी बॉम्बे में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही थीं, तब उन्होंने सेना में शामिल होने का फैसला किया. 1993 को जन्मी मेजर सेन आठ साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुईं. इसके बाद वह एक के बाद एक पायदान ऊपर बढ़ती गईं. उन्हें 2023 में भारतीय रैपिड डिप्लॉयमेंट बटालियन के साथ इंगेजमेंट प्लाटून कमांडर के रूप में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (मोनुस्को) में नियुक्त किया गया था, और उन्होंने अप्रैल 2024 में अपना कार्यकाल पूरा किया.

"लिंग-संवेदनशील शांति स्थापना सिर्फ महिलाओं का काम नहीं : राधिका सेन

राधिका सेन ने कहा, "लिंग-संवेदनशील शांति स्थापना हर किसी का काम है, न कि केवल हम महिलाओं का. शांति की शुरुआत हम सभी की खूबसूरत विविधता से होती है." यह पुरस्कार मेरे लिए खास है. यह कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के चुनौतीपूर्ण माहौल में काम करने वाले सभी शांति सैनिकों की कड़ी मेहनत और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने को मान्यता देता है.

G News 24 : सांसद के शरीर की पहले खाल उतारी फिर हड्डियों के टुकड़े किए, मांस को काटकर पैक किया !

 बांग्लादेशी कसाई कसाई ने किया खुलासा...

 सांसद के शरीर की पहले खाल उतारी फिर हड्डियों के टुकड़े किए, मांस को काटकर पैक किया !

कोलकाता। सीआईडी और एसटीएफ को बांग्लादेश के सांसद की हत्या मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है उसने इस हत्याकांड में शामिल एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। सीआईडी और एसटीएफ का कहना है कि गिरफ्तार किया गया आरोपी अन्य आरोपियों द्वारा विशेष रूप से मुंबई से लाया गया कसाई है। वह मुंबई में रहता था, जो कि अवैध अप्रवासी है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान जिहाद हवलदार (24) पुत्र जोयनल हवलदार, बराकपुर, थाना- दिघोलिया, जिला- खुलना, बांग्लादेश के रूप में की गई है। जिहाद हवलदार को 2 महीने पहले बांग्लादेश मूल के अमेरिकी नागरिक अख्तरुज्जमां द्वारा कोलकाता लाया गया था, जो इस योजनाबद्ध वीभत्स हत्या का मास्टरमाइंड है।

कसाई ने कुबूल किया हत्या का आरोप

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी जिहाद हवलदार ने आरोप कुबूल किया है। साथ ही उसने बताया कि अख्तरुज्जमां के आदेश पर उसने और अन्य 4 बांग्लादेशी नागरिकों ने सांसद की फ्लैट में गला दबाकर उनकी हत्या कर दी थी। हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद उन्होंने फ्लैट में पूरे शरीर की खाल उतारी। इसके बाद शरीर का सारा मांस निकाल दिया। सांसद की पहचान मिटाने के लिए मांस को छोटा कर दिया। इसके बाद उन्होंने सब कुछ पॉलीथीन में पैक कर दिया। उन्होंने सांसद की हड्डियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा और उन्हें भी पैक कर दिया। 

भेजा जाएगा बारासात कोर्ट

ये सारा काम उसी फ्लैट में किया गया, जहां सांसद की हत्या की गई थी। इसके बाद आरोपियों ने मांस और हड्डियों से भरे उन पैकेटों को फ्लैट से बाहर निकाला। इसके बाद उन्होंने बाहर आने-जाने के लिए परिवहन के विभिन्न साधनों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कोलकाता के अंदर ही इस पूरी घटना को अंजाम दिया। अब गिरफ्तारी के बाद इस आरोपी को बारासात कोर्ट भेजा जाएगा। यहां पर उसके बयान को सत्यापित करने और शरीर के अंगों को बरामद करने के लिए पीसी रिमांड पर लिया जाएगा।

G News 24 : आज का खस्ताहाल पाकिस्तान कभी भारत से बड़ी पावर था !

 1961 से 1991 तक तीस साल भारत से ज्यादा थी पाकिस्तान की विकास दर ...

आज का खस्ताहाल पाकिस्तान कभी भारत से बड़ी पावर था !

आज का खस्ताहाल पाकिस्तान इस कदर कर्ज के बोझ तले दबा है कि उसके पास सरकारी खर्चों के लिए भी पैसा नहीं है. इस बदहाली से निकलने के लिए उसे बार-बार सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, चीन और तुर्की जैसे देशों के सामने हाथ फैलाने पड़ रहे हैं. सऊदी अरब और चीन के बाद पाकिस्तान की बदहाली पर तरस खाकर यूएई भी उसकी मदद के लिए आगे आया है. यूएई ने कहा है कि पाकिस्तान को इस हालत से निकालने के लिए वह 10 बिलियन डॉलर की मदद करेगा. हालांकि, यह मदद निवेश करके की जाएगी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ यूएई के दौरे पर हैं. गुरुवार (23 मई) को राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल-नाहयन से मुलाकात कर उन्हें बताया कि देश किस तरह बदहाली के दौर से गुजर रहा है. इसके बाद यूएई के राष्ट्रपति मदद के लिए तैयार हो गए और 10 बिलियन डॉलर की मदद का ऐलान किया. यूएई विभिन्न सेक्टर्स में यह रकम लगाएगा. अगर 63 साल पीछे मुड़कर देखें तो पाकिस्तान की हालत ऐसी नहीं थी. बंटवारे के बाद तीस साल तक उसकी विकास दर ऊंचाईयों पर थी, जबकि भारत उससे कई गुना पीछे था.

1961 से 1991 के बीच कितनी थी भारत और पाकिस्तान की विकास दर-

साल भारत की जीडीपी विकास दर (प्रतिशत में)पाकिस्तान की जीडीपी विकास दर (प्रतिशत में)

  • 1961 3.72 5.99
  • 1962 2.93 4.48
  • 1963 5.99 8.69
  • 1964 7.45 7.57
  • 1965 -2.64 10.42
  • 1966 -0.06 5.79
  • 1967 7.83 5.4
  • 1968 3.39 7.23
  • 1969 6.54 5.51
  • 1970 5.16 11.35
  • 1971 1.64 0.47
  • 1972 -0.55 0.81
  • 1973 3.3 7.06
  • 1974 1.1 3.54
  • 1975 9.15 4.21
  • 1976 1.66 5.16
  • 1977 7.25 3.95
  • 1978 5.71 8.05
  • 1979 -5.24 3.76
  • 1980 6.74 10.22
  • 1981 6.01 7.92
  • 1982 3.48 6.54
  • 1983 7.29 6.78
  • 1984 3.82 5.07
  • 1985 5.25 7.59
  • 1986 4.78 5.5
  • 1987 3.97 6.45
  • 1988 9.63 7.63
  • 1989 5.95 4.96
  • 1990 5.53 5.06
  • 1991 1.06 5.06

तीन सालों में पाकिस्तान जीडीपी ग्रोथ 10 फीसदी से भी ज्यादा

1961 से 1991 के बीच हर साल पाकिस्तान ग्रॉस डॉमेस्टिक प्रॉडक्ट यानी जीडीपी की ग्रोथ रेट के मामले में भारत से आगे था. वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के अनुसार 1965, 1970 और 1980 ये वो साल हैं, जब पाकिस्तान की जीडीपी ग्रोथ रेट 10 फीसदी से भी ज्यादा थी. आंकड़ों के हिसाब से 1965 में पाकिस्तान की विकास दर 10.42 थी और उसी साल में भारत बेहद कमजोर हालत में था. उसकी जीडीपी ग्रोथ रेट -2.64 फीसदी थी. वहीं, 1970 में पाकिस्तान के मुकाबले भारत के ग्रोथ रेट आधी थी. जब पाकिस्तान 11.35 फीसदी की दर से विकास कर रहा था, जबकि भारत 5.16 फीसदी पर था. 1980 की बात करें तो 10.22 फीसदी से ग्रोथ कर रहा था, जबकि की विकास दर भारत 6.74 फीसदी थी.

इन दो सालों में बेहद खराब थी भारत की विकास दर

1965 और 1979, ये दो साल ऐसे थे जब भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट नेगेटिव में थी. 1965 में भारत -2.64 फीसदी पर था, जबकि 1979 में जीडीपी ग्रोथ रेट -5.24 फीसदी थी. 1992 तक पाकिस्तान भारत के मुकाबले ज्यादा मजबूत हालत में था, लेकिन इसके बाद चीजें बदलनी शुरू हुईं और भारत आगे निकल गया. हालांकि, साल 2020 में भारत और पाकिस्तान की ग्रोथ रेट में बड़ी तेजी से गिरावट देखी गई और यह आंकड़ा नेगेटिव में चला गया, लेकिन भारत की जीडीपी पाकिस्तान के मुकाबले ज्यादा नीचे चली गई. ये वही दौर था जब कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में कोहराम मचाया हुआ था, लॉकडाउन के कारण लोगों की बिक्री कम होने लगे और व्यापारियों को भी बहुत नुकसान हुआ. 2020 में पाकिस्तान की जीडीपी ग्रोथ रेट -1.27 और भारत की -5.83 फीसदी थी. 2021 में 9.05 और 2022 में 6.51 फीसदी के साथ भारत फिर से आगे आ गया. इन दो सालों में पाकिस्तान की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.24 और 4.71 फीसदी थी

G News 24 : UNSC में स्थाई सीट पाने के करीब है भारत : एस जयशंकर

भारत को लंबे समय से UNSC में स्थाई सदस्यता की दरकार है लेकिन चीन हर बार वीटो लगता रहा ...

UNSC में स्थाई सीट पाने के करीब है भारत : एस जयशंकर

नई दिल्ली। भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्थाई सीट पाने के करीब पहुंच चुका है। ज्यादातर देश भारत के पक्ष में हैं। वह जानते हैं कि भारत इसका कितना मजबूत दावेदार है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि यूएनएससी में स्थाई सीट के लिए भारत की दावेदारी की बात आती है तो उन्हें लगता है कि चीजें ‘‘सकारात्मक दिशा’’ में आगे बढ़ रही हैं। 

उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के कई चेहरे और अभिव्यक्ति होंगी और यूएनएससी ‘‘उनमें से एक’’ होगी। दिल्ली में ‘पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ (पीएचडीसीसीआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में अपने उद्घाटन भाषण में जयशंकर ने कहा कि लोगों की पसंद यह है कि क्या ‘भारत की गाड़ी’ को चौथे गियर पर जाना चाहिए, पांचवें गियर पर या फिर इसे रिवर्स गियर पर जाना चाहिए।

अपने संबोधन में, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और नरेन्द्र मोदी सरकार ने कोविड​​-19 महामारी के समय स्थिति को कैसे संभाला। उन्होंने कहा कि उस समय के प्रधानमंत्री, उस समय की सरकार ने चुनौती के बारे में ‘‘गंभीर, शांत दृष्टिकोण’’ अपनाया। जयशंकर ने चार साल पहले शुरू हुई पूर्वी लद्दाख की स्थिति और भारत ने जिस तरह से इस पर प्रतिक्रिया दी, उसका उदाहरण भी दिया। 

उन्होंने कहा कि एक बात है जो लोग अक्सर उनसे कहते हैं, ‘‘सरकारें बदलती हैं लेकिन विदेश नीति नहीं बदलती’’। उन्होंने कहा, ‘‘यह बात सभी विदेश मंत्रियों को सुननी होगी। यह ऐसा है जैसे हम गिनती नहीं करते। हम इसे ‘ऑटो-पायलट’ पर कर रहे हैं। और, मैं लोगों से कहता हूं.यह वास्तव में सच नहीं है।

बालाकोट का दिया उदाहरण

जयशंकर ने कहा, ‘‘मुंबई में 26/11 (आतंकवादी हमले) पर हमारी प्रतिक्रिया देखें और उरी और बालाकोट पर हमारी प्रतिक्रिया देखें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उरी और बालाकोट का उद्देश्य इस बात को प्रदर्शित करना था कि नहीं, ऐसे जीवन नहीं चलेगा और इसकी कीमत चुकानी होगी।’’ संवाद सत्र के दौरान जयशंकर से यूएनएससी में स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी के बारे में भी पूछा गया। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि चीजें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ऐसे लोग होंगे जो इसका विरोध करेंगे। क्योंकि हर कोई प्रतिस्पर्धा करता है, कोई नहीं चाहता कि कोई और आगे बढ़े।’

’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर आप मुझसे पूछें कि यह किस दिशा में आगे बढ़ रहा है, तो मुझे लगता है कि यह सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहा है, मुझे लगता है कि आज अधिक से अधिक देश यह मानते हैं कि भारत के पास कितना मजबूत मामला है और अधिक से अधिक देश इस बात को भी स्वीकार करते हैं कि संयुक्त राष्ट्र में ही सुधार की जरूरत है।

G News 24 : ब्रिटेन का सबसे अमीर शख्स बना यह भारतीय, इसकी सफलता की कहानी गदगद कर देगी !

 जिन अंग्रेजों ने हम पर 200 वर्ष राज किया, आज उस ...

ब्रिटेन का सबसे अमीर शख्स बना यह भारतीय, इसकी सफलता की कहानी गदगद कर देगी !

एक भारतीय मूल का शख्स कई वर्षों से ब्रिटेन का सबसे अमीर व्यक्ति बना हुआ है। हम बात कर रहे हैं गोपीचंद हिंदुजा की। वे हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन हैं। लगातार छठी बार हिंदुजा फैमिली ब्रिटेन के अमीरों की लिस्ट में टॉप पर रही है। संडे टाइम्स रिच लिस्ट के अनुसार, हिंदुजा फैमिली की नेटवर्थ 37.196 अरब पाउंड है। पिछले एक साल में हिंदुजा फैमिली की नेटवर्थ में 2.19 अरब पाउंड की बढ़ोतरी हुई है। आइए जानते हैं कि हिंदुजा ग्रुप और गोपीचंज हिंदुजा का यहां तक का सफर कैसा रहा है।

60 साल तक ईरान में रहा मुख्यालय

सिंध के शिकारपुर शहर के रहने वाले युवा उद्यमी परमानंद दीपचंद हिंदुजा ने साल 1914 में हिंदुजा ग्रुप की नींव रखी थी। शुरुआत मर्चेंट बैंकिंग और ट्रेड से हुई। इसके बाद साल 1919 में कंपनी ने ईरान में अपना ऑफिस खोल था और 60 साल तक कंपनी का मुख्यालय ईरान में ही रहा। जब साल 1979 में इस्लामिक क्रांति हुई और ईरान के शाह का पतन हो गया, तो हिंदुजा ग्रुप ने अपना मुख्यालय लंदन में बना लिया। भारत में हिंदुजा ग्रुप की अशोक लीलैंड्स और इंडसइंड बैंक सहित छह लिस्टेड कंपनियां हैं। इस समय ग्रुप का कारोबार 48 देशों में फैला है और ग्रुप में करीब 1,50,000 कर्मचारी काम करते हैं। हिंदुजा ग्रुप की कंपनी ने ही अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए सबसे बड़ी बोली लगाई है।

जीपी नाम से बुलाते हैं दोस्त

गोपीचंद हिंदुजा का जन्म 1940 में भारत में हुआ। दोस्त उन्हें जीपी के नाम से बुलाते हैं। वे हिंदुजा ऑटोमोटिव लिमिटेड के मुखिया है। पिछले साल बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा की मौत के बाद वे हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन बने। गोपीचंद की ग्रेजुएशन मुंबई के जैन हिंद कॉलेज से हुई। साल 1971 में परमानंद दीपचंद के निधन के बाद गोपीचंद और उनके भाई बिजनेस को नई ऊंचाइयों तक ले गए। इस समय हिंदुजा ग्रुप ऑटो, आईटी, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, ऑयल एंड स्पेशिएल्टी केमिकल्स, बैंकिंग एंड फाइनेंस, पावर जेनरेशन, रियल एस्टेट, हेल्थकेयर सहित कई सेक्टर्स में कारोबार कर रहा है। 

अशोक लीलैंड और इंडसइंड बैंक जैसी कंपनियां

आज अशोक लीलैंड भारत में कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी की दुनियाभर में करीब 10 प्रॉडक्शन यूनिट्स हैं। साल 1994 में हिंदुजा ग्रुप ने भारत के बैंकिंग सेक्टर में कदम रखा था। इसके बाद साल 2000 में हिंदुजा ग्रुप ने हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस की स्थापना की। ग्रुप ने साल 1984 में गल्फ को भी खरीदा था। बाद में इसका नाम गल्फ ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड कर दिया था।

G News 24 : 40 साल पहले स्पेस में पहुंचे राकेश शर्मा के बाद,अब उद्यमी गोपीचंद तोठाकुरा ने की स्पेस की सैर !

 बेजोस की स्पेस कंपनी ब्लू ऑरिजिन ने नए मिशन को पूरा किया...

40 साल पहले स्पेस में पहुंचे राकेश शर्मा के बाद,अब उद्यमी गोपीचंद तोठाकुरा ने की स्पेस की सैर !

दुनिया के शीर्ष उद्यमियों और सबसे अमीर लोगों के बीच अंतरिक्ष मुकाबले का नया क्षेत्र बनकर उभरा है. जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ऑरिजिन का न्यू शेफर्ड-25 या एनएस-25 मिशन 19 मई रविवार को पूरा किया गया. यह मिशन बेजोस और उनकी कंपनी के लिए काफ स्पेशल था, क्योंकि उन्हें लगभग 2 साल पहले निराशा हाथ लगी थी, जब सितंबर 2022 में रॉकेट गड़बड़ी का शिकार हो गया था. उस दुर्घटना के बाद जेफ बेजोस की कंपनी को इंसानों के साथ अंतरिक्ष की 25वीं उड़ान भरने के लिए करीब 2 साल का अतिरिक्त इंतजार करना पड़ गया.

गोपीचंद के नाम ये कीर्तिमान

ब्लू ऑरिजिन के न्यू शेफर्ड प्रोग्राम की इस 7वीं उड़ान को 6 क्रू मेंबर्स की टीम ने अंजाम दिया, जिसमें भारतीय उद्यमी व पायलट गोपीचंद तोठाकुरा भी शामिल रहे. गोपीचंद इस तरह अभी तक के इतिहास में दूसरे ऐसे भारतीय बन गए, जो अंतरिक्ष में गए हैं. अंतरिक्ष जाने वाले सबसे पहले भारतीय के तौर पर राकेश शर्मा का नाम दर्ज है, जिन्होंने रूसी एयरक्राफ्ट सोयुज टी-11 से 1984 में यह कीर्तिमान हासिल किया था.

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के रहने वाले हैं गोपीचंद

गोपीचंद आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के रहने वाले हैं. वह अंतरिक्ष जाने वाले भारत के दूसरे नागरिक और पहले असैन्य (सिविलियन) भारतीय बने हैं. गोपीचंद प्रिजर्व लाइफ कॉरपोरेशन के को-फाउंडर हैं. प्रिजर्व लाइफ कॉरपोरेशन हर्ट्सफील्ड-जैकसन अटलांटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित एक होलिस्टिक वेलनेस व अप्लायड हेल्थ सेंटर है.

इन लोगों ने भी भरी उड़ान

उनके साथ इस मिशन में शामिल अन्य लोग थे- अमेरिकी एयरफोर्स के पूर्व पायलट एड ड्वाइट, वेंचर कैपिटल फर्म इंडस्ट्रियस वेंचर्स के फाउंडर मैसन एंजल, फ्रांसीसी क्राफ्ट ब्र्यूरी ब्रैसेरी मॉन्ट ब्लैंक की फाउंडर सिल्वियन शिरॉन, सॉफ्टवेयर इंजीनियर केनेथ हीस और रिटायर्ड पब्लिक अकाउंटेंट कैरोल शॉलर.

स्पेस टूरिज्म पर बेजोस का फोकस

जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ऑरिजिन की ब्लू ऑरिजिन की शुरुआत 2000 में हुई थी. इस कंपनी का फोकस स्पेस टूरिज्म पर है. कंपनी की प्रतिस्पर्धा एलन मस्क की स्पेसएक्स और रिचर्ड ब्रैनसन की वर्जिन गैलेक्टिक जैसी कंपनियों से है. स्पेस टूरिज्म में क्रू मेंबर्स को Kármán लाइन के पार लेकर जाया करता है, जिसे पृथ्वी के वायुमंडल और आउटर स्पेस की सीमारेखा माना जाता है.

G News 24 : ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलीकॉप्टर क्रैश में हुई मौत !

हेलीकॉप्टर में राष्ट्रपति रईसी के साथ विदेश मंत्री होसैन अमीराबदोल्लाहियान भी सवार थे...

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलीकॉप्टर क्रैश में हुई मौत !

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई है. कल रविवार को ईरान के जोल्फा में रईसी का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था. इस हेलीकॉप्टर में ईरान के राष्ट्रपति रईसी के साथ विदेश मंत्री होसैन अमीराबदोल्लाहियान भी सवार थे.

पूर्वी अजरबैजान प्रांत के पहाड़ी इलाके में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के दौरान रईसी के साथ विदेश मंत्री और सात अन्य लोगों के मारे जाने की भी पुष्टि हुई. यह जानकारी सोमवार (20 मई, 2024) सुबह ईरानी मीडिया ('प्रेस टीवी', 'तसनीम' और 'मेहर न्यूज') के हवाले से न्यूज एजेंसी 'सीएनएन' ने दी. समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' को इस बार में नाम न बताने की शर्त पर एक वरिष्ठ अफसर ने बताया, "ईरान के राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और हेलीकॉप्टर में सवार सभी यात्री क्रैश में मारे गए हैं.

समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सरकारी टीवी का कहना है कि राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर दुर्घटना में किसी के जीवित बचे होने की संभावना नहीं है. हालांकि, बचावकर्मी अभी भी घटनास्थल तक नहीं पहुंचे हैं. ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (आईआरसीएस) के अध्यक्ष ने इसकी पुष्टि की है कि बचाव और खोज टीमों ने राष्ट्रपति राईसी के दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर की पहचान कर ली है.

रईसी का हेलीकॉप्टर उस समय क्रैश हो गया था जब वह पूर्वी अजरबैजान प्रांत में बांध का उद्घाटन करके लौट रहे थे. रईसी का हेलीकॉप्टर उस फ्लीट का हिस्सा था जो राष्ट्रपति को काफिले में शामिल था. इस फ्लीट में कुल तीन हेलीकॉप्टर थे. जिनमें से दो वापस लौट आए थे. लेकिन राष्ट्रपति रईसी के हेलीकॉप्टर का कुछ पता नहीं चल पा रहा था. रिपोर्ट के मुताबिक, क्रैश होने के तुरंत बाद हेलिकॉप्टर की हार्ड लैंडिंग कराई गई थी. 

 राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के निधन पर शोक जताया. इब्राहिम रईसी का हेलीकॉप्टर रविवार को क्रैश हो गया था. इसमें उनका निधन हो गया.

G News 24 : मंदिर और चर्च को लेकर को लेकर दिए बयानों को लेकर एक बार फिर चर्चाओं में है जाकिर नायक

मनी लॉन्ड्रिंग और यूएपीए के तहत कई मामलों में आरोपी और घोषित भगोड़ा है जाकिर ...

मंदिर और चर्च को लेकर को लेकर दिए बयानों को लेकर एक बार फिर चर्चाओं में है जाकिर नायक 

मनी लॉन्ड्रिंग और यूएपीए के तहत कई मामलों में आरोपी और घोषित भगोड़ा जाकिर नाइक एक बार फिर चर्चाओं में है. उसने मंदिर और चर्च को लेकर कहा है कि इनके लिए काम नहीं करना चाहिए. मंदिर या चर्च बनाने के लिए काम करना पाप करने के जैसा है. हुदा टीवी पर उसका यह वीडिया प्रसारित हुआ है. साल 2016 से जाकिर नाइक फरार है और इस वक्त मलेशिया में रह रहा है. वह खुद को इस्लामिक स्कॉलर बताता है. वैसे तो आधिकारिक तौर उसकी ऐसा कोई सोर्स नहीं है, जिससे उसकी कमाई होती हो. हालांकि, प्रवर्तन निदेशायल ने 193.06 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में उसका नाम दर्ज किया है.

193 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी जुड़ा है नाम !

2019 में ईडी ने उसके खिलाफ चार्जशीट जारी की थी. इसमें उस पर आरोप लगाया गया कि जाकिर नाइक ने भारत के एक बैंक में 49 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. इसके अलावा, ईडी उसकी 50.46 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त कर चुकी है.

 टेरर फंडिंग से मिले 212 करोड़ के फंड से 52 प्रॉपर्टी खरीदी !

ईडी ने टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में जाकिर नाइक के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी. ईडी का दावा था कि 12 टेरर फंडिंग मामलों में 212 करोड़ की पहचान की गई. इस फंड से 52 प्रॉपर्टी खरीदी गई थीं. जब्त की गई जाकिर नाइक की 50.46 करोड़ की संपत्ति में म्यूचुअल फंड्स, चेन्नई में इस्लामिक इंटरनेशनल स्कूल, 10 फ्लैट, तीन गोडाउन, दो बिल्डिंग और पुणे और मुंबई की जमीनें शामिल हैं. 

यूएई से जाकिर नाइक ने भेजे 49.20 करोड़ रुपये !

जाकिर नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) को भी करोड़ों रुपये का फंड मिला. ईडी ने बताया कि आईआरएफ को साल 2003-04 और 2016 से 2017 के बीच विभिन्न संदिग्ध और अज्ञात सोर्स से 64 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. इस फंड का इस्तेमाल ज्यादातर शांति सम्मेलन में किया गया. इसके अलावा, 2012 से 2016 के बीच भारत में जाकिर नाइक के बैंक अकाउंट में 49.20 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए. यह अमाउंट संयुक्त अराब अमीरात में उसके बैंक अकाउंट से भेजे गए थे. एजेंसी ने बताया कि इस इस पैसे से नाइक ने मुंबई और पुण में प्रॉपर्टी खरीदी. उसने अपने रिश्तेदारों के नाम पर यह राशि इकट्ठा की थी. इसके अलावा, उसके नाम पर बेहिसाब संदिग्ध कैश ट्रांजेक्शन भी शामिल है.

अपने भाषणों से फैलाकर युवाओं को भड़काता है जाकिर नाइक !

जाकिर नाइक वैसे तो खुद को पीस लीडर, इस्लामिक धर्मगुरु और उपदेशक बताता है. हालांकि, उसके भाषणों से शांति नहीं बल्कि हिंसा बढ़ती है. साल 2016 में ईडी और नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी, NIA ने उसे वांटेड घोषित कर दिया था, जिसके बाद वह मलेशिया भाग गया. जाकिर नाइक ने साल 1990 में  इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन शुरू किया था, जिसे लेकर आरोप हैं कि वह इसके जरिए फंडिंग इकट्ठा करके कट्टरपंथ को बढ़ावा देता है. साल 2016 में उसके फाउंडेशन पर यूएपीए के तहत बैन लगा दिया गया. उसने पीस टीवी नाम से एक चैनल भी शुरू किया, जिसका प्रसारण दुबई से होता था. इस पर वह ऐसे भाषण देता था, जिससे युवा भड़ककर कट्टरपंथ के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित होते थे. यह चैनल भारत और बांग्लादेश समेत कई देशों में प्रतिबंधित है.

जुलाई, 2016 में ढाका में हुए बम ब्लास्ट के कारण चर्चा में आया जाकिर नाइक !

जुलाई, 2016 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बम ब्लास्ट हुआ था. इस हमले के आरोपियों में से एक ने बताया कि वो जाकिर नाइक की वीडियो से प्रभावित था. इसके कुछ महीनों के बाद जाकिर नाइक देश से भाग गया. इसके अलावा, अप्रैल, 2019 में श्रीलंका में ईस्टर संडे पर हुए बम धमाकों के भी तार जाकिर नाइक से जुड़े हैं. हमले की जिम्मेदारी लेने वाले नेशनल तौहीथ जमाथ के मुखिया जेहरान हाशिम ने जाकिर नाइक की तारीफ की थी. उसने श्रीलंकाई मुसलमानों से पूछा कि वो उसके लिए क्या कर सकते हैं.

G News 24 : पाकिस्तानी नेताओं और अफसरों ने खरीद डाला आधा दुबई !

दुबई में पाकिस्तानी नेताओं की संपत्ति का खुलासा...

 पाकिस्तानी नेताओं और अफसरों ने खरीद डाला आधा दुबई !

नई दिल्ली। पाकिस्तान में एक तरफ खाने के लाले हैं तो दूसरी तरफ कुछ रईसजादों ने दुबई में लाखों करोड़ों रुपए की संपत्ति खरीद रखी है. कंगाली की दहलीज पर खड़े पाकिस्तान के सभी लोग गरीब नहीं है, यह खुलासा एक हालिया रिपोर्ट से हुआ है. अरबों डॉलर की संपत्ति खरीदने वालों में पाकिस्तान के बड़े नेता, सेवानिवृत्त जनरल, नौकरशाह, बैंकर और मनी लॉन्डर्स शामिल है. लीक हुई रिपोर्ट में दुबई के पॉश इलाकों में  कमर्शिल प्रॉपर्टी के मालिकों की डिटेल सामने आई है. 

दुबई में खरीदी गई संपत्तियों की कुल वेल्यू करीब 11 अरब डॉलर है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया भर के 70 से ज्यादा मीडिया आउटलेट्स के एक इन्वेस्टिगेटिव प्रोजेक्ट "दुबई अनलॉक्ड" ने दुबई में भ्रष्ट नेताओं, मनी लॉन्ड्रर्स और ड्रग लॉर्ड्स समेत प्रमुख वैश्विक हस्तियों की सैकड़ों संपत्तियों का खुलासा किया है. डेटा में साल 2020 से 2022 तक के कमर्शियल प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड शामिल हैं. प्रॉपर्टी लीक डेटा के मुताबिक, 17 हजार पाकिस्तानियों ने 23000 से ज्यादा संपत्तियां दुबई में खरीदी हैं, इनमें पाकिस्तान के टॉप नेताओं के नाम शुमार हैं.

कंगाल पाकिस्तान के मालामाल नेता

दुबई मे संपत्ति खरीदने वालों में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के तीन बच्चे,  पूर्व पीएम नवाज शरीफ के बेटे हुसैन नवाज शरीफ, आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी की पत्नी, शरजील मेमन, सीनेटर फैसल वावदा और सिंध और बलूचिस्तान विधानसभाओं के कई विधायकों के नाम शामिल हैं. जबकि जरदारी की बड़ी बेटी, बख्ताबर भुट्टो जरदारी दुबई की निवासी हैं. उनका बेटा बिलावल भुट्टो जरदारी और बेटी आसिफा भुट्टो जरदारी चार संपत्तियों के मालिक हैं. अपने वकील के जरिए आसिफा ने कहा है कि दुबई में खरीदी गई सभी संपत्तियों की जानकारी उन्होंने पाकिस्तान में रेलिवेंट अथॉरिटीज और इलेक्टोरल वॉचडॉग को दी है. 

ओसीसीआरपी की 'दुबई अनलॉक' की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान के रसूखदार लोगों के पास दुबई में महंगी संपत्तियां हैं. इनमें दिवंगत जनरल परवेज मुशर्रफ, पूर्व प्रधान मंत्री शौकत अजीज, सेवानिवृत्त जनरल, एक पुलिस प्रमुख, एक राजदूत और एक वैज्ञानिक के नाम भी शामिल हैं. इन सभी ने खुद या फिर अपने परिवार के जरिए दुबई में संपत्तियां खरीदी हैं. 

स्टूडियो अपार्टमेंट से लेकर शानदार विला तक

लीक प्रॉपर्टी में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी की पत्नी के पास दुबई में अघोषित विला है, जिसका जिक्र उनके सीनेट चुनाव नामांकन पत्र में नहीं किया गया था. मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अल्ताफ खनानी नेटवर्क और आपराधिक गतिविधियों में शामिल डॉक्टर हामिद मुख्तार शाह जैसे लोग भी दुबई में संपत्ति के मालिक हैं. डेटा से खुलासा हुआ है कि दुबई मरीना, एमिरेट्स हिल्स और पाम जुमेराह जैसे पॉश इलाकों में पाकिस्तान की नामचीन हस्तियों के कॉम्पैक्ट स्टूडियो और अपार्टमेंट से लेकर छह-बेडरूम वाले शानदार विला तक शामिल हैं. लीक हुए डेटा से पाकिस्तानियों की अचल संपत्ति का भी पता चला है. साल 2022 तक 23,000 से ज्यादा संपत्तियां पाकिस्तानी नागरिकों के नाम पर हैं.

G News 24 : वैज्ञानिकों ने खोज ली नई पृथ्वी,ये सूर्य की नहीं एक अल्ट्राकूल बौने तारे की करती है परिक्रमा !

इसकी खासियत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान...

वैज्ञानिकों ने खोज ली नई पृथ्वी,ये सूर्य की नहीं एक अल्ट्राकूल बौने तारे की करती है परिक्रमा !

खगोलविदों ने पृथ्वी के आकार का एक नया ग्रह खोजा है जो बृहस्पति के आकार के एक अल्ट्राकूल बौने तारे की परिक्रमा करता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस नए एक्स्ट्रासोलर ग्रह या एक्सोप्लैनेट का नाम स्पेकुलोस-3बी है और यह पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब, केवल 55 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये बौना तारा हमारे सूर्य से दोगुना ठंडा है, साथ ही दस गुना कम विशाल है और सौ गुना कम चमकदार है। स्पेक्युलोस-3बी हर 17 घंटे में एक बार लाल बौने तारे के चारों ओर घूमता है, जिससे ग्रह पर एक वर्ष पृथ्वी के एक दिन से छोटा हो जाता है। यह एक्सोप्लैनेट भी संभवतः अपने तारे से "ज्वार से बंद" है, जिसका अर्थ है कि इसमें एक दिन और एक रात होती है।

हैरान करने वाली बातें

बेल्जियम में लीज विश्वविद्यालय के खगोलशास्त्री और अध्ययन के प्रमुख लेखक माइकल गिलोन ने कहा, अपनी छोटी कक्षा के कारण, SPECULOOS-3b को पृथ्वी द्वारा सूर्य से प्राप्त ऊर्जा की तुलना में प्रति सेकंड लगभग कई गुना अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है। "हम मानते हैं कि ग्रह समकालिक रूप से घूमता है, इसलिए एक ही पक्ष, जिसे दिन का पक्ष कहा जाता है, हमेशा तारे का सामना करता है, जैसे चंद्रमा पृथ्वी के लिए करता है। दूसरी ओर, रात का पक्ष अंतहीन अंधेरे में बंद हो जाता है।" 

खगोलविदों ने कही ये बात

नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित यह खोज स्पेकुलोस परियोजना द्वारा की गई थी, जिसका नेतृत्व बेल्जियम में लीज विश्वविद्यालय ने बर्मिंघम, कैम्ब्रिज, बर्न और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालयों के सहयोग से किया था। SPECULOOS (सर्च फॉर प्लैनेट्स ईक्लिप्सिंग अल्ट्रा-कूल स्टार्स) की स्थापना दुनिया भर में स्थित रोबोटिक दूरबीनों के नेटवर्क का उपयोग करके अल्ट्रा-कूल ड्वार्फ सितारों की परिक्रमा करने वाले एक्सोप्लैनेट की खोज के लिए की गई थी।

तारों का जीवनकाल

विशेष रूप से, अति-ठंडे लाल बौने तारे हमारी आकाशगंगा में लगभग 70% तारे बनाते हैं और लगभग 100 अरब वर्षों तक जीवित रहते हैं। Space.com के अनुसार, लाल बौने तारों का जीवनकाल असाधारण रूप से लंबा होता है क्योंकि वे सूर्य से हजारों डिग्री ठंडे होते हैं, जबकि अल्ट्राकूल बौने तारे हमारे सूर्य की तुलना में ठंडे और छोटे होते हैं, उनका जीवनकाल सौ गुना अधिक होता है - लगभग 100 अरब वर्ष - और उम्मीद है कि वे ब्रह्मांड में अभी भी चमकने वाले अंतिम तारे होंगे।

''SPECULOOS-3b इस मायने में खास है 

यह लंबा जीवन काल परिक्रमा करने वाले ग्रहों पर अलौकिक जीवन विकसित करने के अवसर प्रदान कर सकता है। बर्मिंघम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अमौरी ट्रायड ने कहा, ''अल्ट्राकूल ड्वार्फ का छोटा आकार छोटे ग्रहों का पता लगाना आसान बनाता है। ट्रायड ने कहा, ''SPECULOOS-3b इस मायने में खास है कि इसके तारकीय और ग्रहीय गुण इसे वेब के लिए एक इष्टतम लक्ष्य बनाते हैं, जो इसकी सतह बनाने वाली चट्टानों की संरचना के बारे में जानकारी प्राप्त करने में सक्षम है।

G News 24 : राष्ट्रीय नेताओं के कारण,PoK को भारत में मिलाने की जोर-शोर से उठ रही है मांग !

 देश के दिग्गज नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं...

राष्ट्रीय नेताओं के कारण,PoK को भारत में मिलाने की जोर-शोर से उठ रही है मांग !

भारत सरकार ने आर्टिकल 370 को जिस तरह से निरस्त कर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए, उसी तरह अब अगले कदम में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) को भारत में मिलाने की चर्चा जोर पकड़ने लगी है। पोओके को भारत में मिलाने की मांग को लेकर दिग्गज नेताओं के बयान भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि पीओके भारत का हिस्सा है और हम इसे लेकर रहेंगे। PoK में विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद एक समय अशांत रहे कश्मीर में शांति लौट आई है, लेकिन पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर अब विरोध प्रदर्शनों और आजादी के नारों से गूंज रहा है। 

बीत दिन बीजेपी के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "पाकिस्तान ने हमला किया था जम्मू-कश्मीर पर, हमारी सेनाएं बहादुरी के साथ लड़ रही थी, अगर तीन दिन और युद्ध विराम नहीं होता, तो पीओके होता ही नहीं, सारा का सारा कश्मीर हमारा होता। कांग्रेस और पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पाप किया और युद्धविराम कर दिया, जिस कारण पीओके पाकिस्तान में रह गया। आज भारतीय जनता पार्टी का संकल्प है कि अब पीओके हमारा है और हम उसे लेकर रहेंगे, वो भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि ये एतिहासिक भूल, अपराध और पाप है, जो पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया। क्या-क्या नहीं किया, एक देश में दो निशान, दो विधान, दो प्रधान कौन लेकर आया। कश्मीर हमारा था, हम लोग नारे लगाते रहे कि एक देश में दो निशान, दो विधान, दो प्रधान नहीं चलेंगे, लेकिन कांग्रेस ने ये पाप किया और धारा 370 लगा दी। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रणाम करता हूं कि उन्होंने एक झटके में धारा-370 खत्म करके देश से दो निशान, दो विधान, दो प्रधान हटा दिए।

इन नेताओं के आये बयान तो ...

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "भारत के संविधान के अनुसार, पूरा जम्मू-कश्मीर हमारा है। पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत में लाना हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी है और उस जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए हमें 400 सीटें चाहिए।" 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "80 करोड़ लोग भारत में मुफ्त में राशन की सुविधा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। पाकिस्तान की आबादी 23 से 24 करोड़ है। पाकिस्तान में एक किलो आटे के लिए मारपीट हो रही है। PoK में लगातार आंदोलन चल रहे हैं कि हमें भारत का हिस्सा बनाइए, क्योंकि भारत में पीएम मोदी का शासन है और इसलिए हम भारत में खुशहाल रह पाएंगे। ये जो पाकिस्तान का राग अलाप रहे हैं उन्हें कहिए की जाओ पाकिस्तान का ही हिस्सा बनो..."

भाजपा नेता रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, "PoK निश्चित तौर पर हिंदुस्तान का ही एक हिस्सा है। आपने देखा होगा कि भारत की संसद में पाक अधिकृत उस क्षेत्र की 24 विधानसभाएं बकायदा कानून बनाकर पास की गई हैं। वो दिन दूर नहीं है जब धारा 370 हटने की ही तरह वो क्षेत्र भी पूरे स्वाभिमान के साथ भारत में जुड़ सकेगा।"

इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने फिर दोहराया है कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर PoK भारत का हिस्सा है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हालात बदले हैं और यहां के लोग प्रगति कर रहे हैं, जबकि पीओके में रहने वालों के साथ भेदभाव और बुरा बर्ताव होता है। इस वजह से शायद वहां के लोग अपनी तुलना जम्मू-कश्मीर के लोगों से करते हैं।

G News 24 : पूरी दुनिया में नौकरियों को बहा ले जाएगी एआई सुनामी : IM

 इस समस्या को लेकर आईएमएफ की बॉस क्रिस्टलीना जोर्जीवा भी हैं परेशान ...

पूरी दुनिया में नौकरियों को बहा ले जाएगी एआई सुनामी : IMF

पिछले एक साल से पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की होड़ तेज हो गई है. ऐसे में एआई को नौकरियों के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है. हर कंपनी इस टेक्नोलॉजी को जल्द से जल्द अपने यहां लागू करने पर काम कर रही है. पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से दुनियाभर की कंपनियों में कॉस्ट कटिंग और रीस्ट्रक्चरिंग के नाम पर लाखों लोगों की नौकरियां भी छीनी जा चुकी हैं. अब इंटरनेशनल मोनेट्री फंड (IMF) की चीफ क्रिस्टलीना जोर्जीवा (Kristalina Georgieva) ने भी एआई को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि एआई की एक सुनामी आ रही है. इससे सारी दुनिया में नौकरियों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है. यह चिंताजनक स्थिति है. इस बारे में सारी दुनिया को सोचने की आवश्यकता है. 

दो साल में पूरी दुनिया में खत्म हो जाएंगे 40 फीसदी जॉब्स 

आईएमएफ (International Monetary Fund) की एमडी क्रिस्टलीना जोर्जीवा के अनुसार, दो साल में एआई का बुरा असर नौकरियों पर दिखाई देने लगेगा. विकसित देशों में 60 फीसदी नौकरियां जाने की आशंका है. साथ ही दुनिया में 40 फीसदी नौकरियां जा सकती हैं. इसके चलते पैदा होने वाले सामाजिक असंतुलन और बदलावों पर हमें ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि ग्लोबल जॉब मार्केट पर एआई का असर किसी सुनामी की तरह विध्वंसक हो सकता है. 

एआई सुनामी से लोगों को बचाने का हमारे पास कम समय  

स्विस इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज द्वारा ज्यूरिख में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए आईएमएफ बॉस ने कहा कि हमें न सिर्फ बिजनेस बल्कि लोगों को भी इन बड़े बदलावों के लिए तैयार करना होगा. एआई से आने वाले बदलावों के लिए बिजनेस तो तैयार हो चुके हैं. मगर, हमारे पास लोगों को इस एआई सुनामी को झेलने के लिए तैयार करने का बहुत कम समय बचा है. एआई प्रोडक्टिविटी को जबरदस्त तरीके से बढ़ा सकती है. मगर, यह गलत सूचनाओं के प्रचार-प्रसार और समाज में भेदभाव को भी बहुत बढ़ा सकती है. 

वर्ल्ड इकोनॉमी ने झेले हैं कई संकट, हालत नाजुक 

क्रिस्टलीना जोर्जीवा ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमी ने हाल के कुछ सालों में कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे भयावह संकट झेले हैं. इकोनॉमी नाजुक हालत में है. फिलहाल हम मंदी के दौर में नहीं हैं. मगर, पर्यावरण में बदलाव और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं पर बढ़ते कर्ज से आगे जाकर संकट खड़े हो सकते हैं.