'ग्रूमिंग गैंग्स स्कैंडल ' के अपराधियों की संस्कृति,जातीयता और पहचान के डर के कारण बरती गई थी ढिलाई ...
रेप एक पीड़िता बोली "मुझसे शायद 600 या 700 अलग-अलग पुरुषों ने बलात्कार किया."
ब्रिटेन से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लो ने संसद में देश के सबसे बड़े और खौफनाक 'ग्रूमिंग गैंग्स स्कैंडल' को लेकर डरा देने वाले खुलासे किए हैं. सांसद ने संसद में पीड़ित लड़कियों के जो बयान पढ़े, वे इतने वीभत्स और डरावने हैं कि किसी की भी रूह कांप जाए. अपनी स्वतंत्र जांच के आधार पर उन्होंने बताया कि कैसे सालों तक पीड़ित मासूमों को असहनीय यातनाएं दी गईं और पुलिस से लेकर प्रशासन तक आंखें मूंदे बैठा रहा.
ग्रूमिंग गैंग्स स्कैंडल ब्रिटेन में सामने आया दशकों पुराना एक यौन शोषण का संगठित आपराधिक मामला है.ग्रूमिंग गैंग कांड का खुलासा सबसे पहले 2003 में द टाइम्स अखबार में हुआ था. इसके बाद से ये जांच का विषय रहा है. इस स्कैंडल में मुख्य रूप से पाकिस्तानी और दक्षिण एशियाई मूल के पुरुष शामिल थे, जिन्होंने 11 से 16 साल की कमजोर, बेसहारा या रंगभेद के आधार पर श्वेत ब्रिटिश लड़कियों को निशाना बनाया.
सासंद ने पढ़ी पीड़ितों की गवाहियां
सांसद रूपर्ट लो की ओर से संसद में पेश की गई गवाहियों से साफ हुआ है कि कैसे मासूम बच्चियों को शिकार बनाया गया. एक पीड़िता ने अपने बयान में कहा, "मुझसे शायद 600 या 700 अलग-अलग पुरुषों ने बलात्कार किया."वहीं एक अन्य पीड़िता ने बचपन के उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया, "जब मैं महज 12 या 13 साल की थी, तब आरोपी ने शराब की बोतल मेरे प्राइवेट पार्ट में जबरन डाल दी और कांच अंदर ही टूट गया."
हैवानियत यहीं नहीं रुकी, बच्चों के साथ हिंसा की बात भी सामने आई है. एक पीड़िता के मुताबिक, आरोपियों ने एक छोटे बच्चे के चेहरे पर जलती हुई सिगरेट तक बुझा दी थी.
नस्लीय भेदभाव और धार्मिक त्योहारों पर बढ़ती थी हैवानियत
इन बयानों में यह बात भी खुलकर सामने आई है कि पीड़ितों के चयन में उनके गोरे होने को आधार बनाया गया. एक पीड़िता ने बताया, "इस पूरे शोषण के दौरान नस्ल की बड़ी भूमिका थी. मेरे साथ जिन भी लड़कियों का शोषण हुआ, वे लगभग सभी व्हाइट ब्रिटिश लड़कियां थीं. मैंने एक बार एक वैन में 15 से 20 व्हाइट लड़कियों को कुत्तों के पिंजरों में बंद देखा था." पीड़ितों ने आरोप लगाया कि शोषक अक्सर कहते थे कि मुस्लिम लड़कियों की तुलना में व्हाइट लड़कियों के मोरल वैल्यू कम हैं.
पीड़िताओं ने यह भी खुलासा किया कि ईद जैसे धार्मिक त्योहारों के दौरान यह जुल्म और ज्यादा बढ़ जाता था. एक पीड़िता ने कहा, "ईद के आसपास हालात बदतर और हिंसक हो जाते थे. पार्टियां बड़ी होती थीं और उनमें बहुत ज्यादा लोग शामिल होते थे."
रक्षक ही बने भक्षक
इसके अलावा, लड़कियों की धार्मिक पहचान पर भी हमला किया जाता था. एक ईसाई पीड़िता ने बताया कि जब वह क्रॉस पहनती थी, तो आरोपी उसका मजाक उड़ाते हुए कहते थे, "अब कहां है तुम्हारा भगवान? क्या तुम्हारे भगवान ने तुम्हें छोड़ दिया?"
इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज और गंभीर मोड़ तब आया जब जांच में पुलिस प्रशासन की सीधी मिलीभगत के आरोप लगे. संसद में पेश की गई गवाही में एक पीड़िता ने सीधे तौर पर कहा, "देश के अलग-अलग हिस्सों में कई पुलिस अधिकारियों ने मेरा सामूहिक बलात्कार किया."
'ग्रूमिंग गैंग्स घोटाला' ब्रिटेन का सबसे शर्मनाक और लंबा चलने वाला बाल यौन शोषण का मामला
'ग्रूमिंग गैंग्स घोटाला' ब्रिटेन के इतिहास का सबसे शर्मनाक और लंबा चलने वाला बाल यौन शोषण का मामला है. पिछले दो दशकों में ब्रिटेन के कई शहरों में ऐसे संगठित गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है, जो कम उम्र की लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनका यौन शोषण करते थे.
साल 2002 में पहली बार इसके संकेत मिले थे, लेकिन यह मामला साल 2010 में तब राष्ट्रीय स्तर पर गरमाया जब साउथ यॉर्कशायर के रॉदरहैम में 12 से 16 साल की बच्चियों के शोषण के आरोप में पांच पुरुषों को सजा हुई. इसके बाद मीडिया इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि मुख्य रूप से ब्रिटिश-पाकिस्तानी मूल के पुरुषों के संगठित गिरोहों द्वारा कमजोर और नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा था.
रॉदरहैम के अलावा रोशडेल, ओल्डहैम और टेलफोर्ड जैसे शहरों में भी ऐसे ही संगठित गिरोह सालों तक सक्रिय रहे. कई आधिकारिक रिपोर्टों में यह साबित हो चुका है कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संस्थाओं ने पीड़ितों, उनके परिवारों और व्हिसलब्लोअर्स की चेतावनियों को लगातार नजरअंदाज किया. यहां तक कि पीड़ित लड़कियों पर ही दोष मढ़ा गया.
सांसद की स्वतंत्र जांच
सांसद रूपर्ट लो ने सरकार की ओर से आधिकारिक वैधानिक राष्ट्रीय जांच की घोषणा करने से पहले ही इस मामले में अपनी एक स्वतंत्र जांच शुरू कर दी थी. उनकी इस इंक्वायरी में दावा किया गया है कि देश के दर्जनों स्थानीय प्राधिकरण क्षेत्रों में बाल यौन शोषण और बहलाने-फुसलाने के पुख्ता सबूत मिले हैं.
इस मामले के दोबारा संसद में गूंजने के बाद, ब्रिटेन सरकार ने एक आधिकारिक राष्ट्रीय जांच दल का गठन किया है. यह जांच दल अब गहराई से इस बात की समीक्षा कर रहा है कि पुलिस बलों, स्थानीय परिषदों, स्कूलों और अन्य संस्थाओं ने इन गंभीर शिकायतों पर क्या कदम उठाए.


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