साइबर अपराधों से बचाएंगे पैरालीगल वालंटियर्स...
पैरालीगल वालंटियर्स को मिला CIS एवं साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण !
ग्वालियर। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिविसेप्रा) के अध्यक्ष ललित किशोर के मार्गदर्शन में शुक्रवार को जिला न्यायालय ग्वालियर के मीटिंग हॉल में पैरालीगल वालंटियर्स (पीएलवी) के दक्षता संवर्धन हेतु "कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (CIS) एवं साइबर सुरक्षा" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित किशोर ने किया।
इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित पैरालीगल वालंटियर्स को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में प्रत्येक पीएलवी का डिजिटल रूप से साक्षर होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, ऐसे में पैरालीगल वालंटियर्स स्वयं जागरूक होकर आमजन, विशेष रूप से जरूरतमंद लोगों को साइबर अपराधों से बचाव और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इस प्रशिक्षण को पीएलवी की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज) नवीन शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत पाण्डेय, रजिस्ट्रार जिला न्यायालय भूपेन्द्र सिंह कुशवाह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पुष्पेन्द्र सिंह, जिला विधिक सहायता अधिकारी योगेश बंसल सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान जिला न्यायाधीश धीरेन्द्र सिंह परिहार ने कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (CIS) की कार्यप्रणाली एवं उसके प्रभावी उपयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। वहीं विशेष न्यायाधीश (विद्युत) रोहित सिंह ने ई-कोर्ट मोबाइल एप, सिटी सर्विस पोर्टल तथा लाइव प्रैक्टिकल सेशन के माध्यम से विभिन्न डिजिटल सेवाओं का प्रदर्शन किया।
जिला न्यायाधीश विवेक कुमार ने साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी देते हुए साइबर थ्रेट्स, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम, मालवेयर तथा डेटा सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, मजबूत पासवर्ड बनाने, डेटा प्राइवेसी बनाए रखने और साइबर अपराध की स्थिति में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी।
इसके अलावा न्यायिक मजिस्ट्रेट सक्षम नरूला ने डिजिटल डिलीवरी सिस्टम के अंतर्गत ई-फाइलिंग, ई-पे, ई-समंस, ई-कोर्ट सर्विस तथा केस स्टेटस जैसी ऑनलाइन न्यायिक सेवाओं की जानकारी देते हुए इनके उपयोग की प्रक्रिया समझाई। कार्यक्रम के समापन अवसर पर पैरालीगल वालंटियर्स से प्रशिक्षण संबंधी फीडबैक प्राप्त किया गया। इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पुष्पेन्द्र सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए तथा सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।



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