सुबह होते-होते मस्जिद की इमारत का बड़ा हिस्सा ज़मींदोज़ कर दिया गया...
सुबह सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की अवैध मस्जिद पर एक साथ चले 6-6 बुलडोजर,रातभर अफवाहें !
सहारनपुर। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विवादित मस्जिद को लेकर शनिवार सुबह प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया है. कलेक्ट्रेट परिसर को चारों तरफ से सील कर भारी पुलिस फोर्स, पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की मौजूदगी में 6 बुलडोजरों के साथ तड़के 4 बजे से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई. सुबह होते-होते मस्जिद की इमारत का बड़ा हिस्सा ज़मींदोज़ कर दिया गया.
यह कार्रवाई जिला जज सतेंद्र कुमार की अदालत द्वारा 2 सितंबर को मस्जिद पक्ष की अपील खारिज किए जाने और सिटी मजिस्ट्रेट के बेदखली आदेश को बरकरार रखे जाने के बाद हुई है.देर रात प्रशासन द्वारा केवल सीलिंग की बात कहे जाने के बाद अचानक हुए इस एक्शन से मुस्लिम नेताओं और पक्षकारों में हड़कंप मच गया है. सांसद इकरा हसन समेत कई नेताओं को नज़रबंद किए जाने का दावा है.
तड़के 4 बजे से बुलडोजर एक्शन
शनिवार तड़के 4 बजे कलेक्ट्रेट के सभी 5 मुख्य गेट बंद कर बाहरी लोगों का प्रवेश रोक दिया गया. इसके बाद 6 बुलडोजर बुलाकर इमारत को ढहाने का काम शुरू हुआ.
सहारनपुर एक्शन पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी, उठाए कानूनी सवाल
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर शनिवार सुबह हुए बुलडोजर एक्शन पर एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक विस्तृत पोस्ट जारी कर इस कार्रवाई को संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक आजादी पर हमला करार दिया है. ओवैसी ने वक्फ बाय यूजर, लिमिटेशन एक्ट और एडवर्स पजेशन के कानूनी तर्कों का हवाला देते हुए सरकार और स्थानीय प्रशासन के रवैये पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
रात में मिला था दूसरा आश्वासन
सपा विधायक आशु मलिक, एमएलसी शाहनवाज खान समेत कई नेताओं की देर रात डीएम अरविंद चौहान से मुलाकात हुई थी. नेताओं का दावा है कि उन्हें केवल 'सीलिंग' का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तड़के ध्वस्तीकरण शुरू हो गया.
राजनीतिक घेराबंदी और हाउस अरेस्ट
कैराना सांसद इकरा हसन के सहारनपुर आने की खबर के बीच उन्हें हाउस अरेस्ट (नज़रबंद) किए जाने का दावा किया गया है. वहीं कलेक्ट्रेट पहुंचे विपक्षी नेताओं को बाहर ही रोक दिया गया.
सांसद इमरान मसूद का लाइव बयान
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने देर रात सोशल मीडिया पर लाइव आकर घटनाक्रम की जानकारी दी और शांति की अपील की.
क्या है पूरा कानूनी मामला?
शुरुआत (मार्च 2025): बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत पर 'यूपी लोक परिसर अधिनियम' के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था.
सिटी मजिस्ट्रेट का आदेश (16 जुलाई 2026)
नगर मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने निर्माण को अवैध मानते हुए 30 दिन में खाली करने और 6.41 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश जारी किया।
जिला कोर्ट से अपील खारिज (2 सितंबर 2026)
वक्फ संपत्ति और 150 साल पुराना होने का दावा ठोस सबूत न होने के कारण खारिज कर दिया गया था और बेदखली का आदेश बरकरार रहा.




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