G NEWS 24 : CM डॉ. यादव ने वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित

अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित...

CM डॉ. यादव ने वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश लगातार देश में बाघ संरक्षण का अग्रणी राज्य बना हुआ है और आगामी बाघ गणना में प्रदेश में बाघों की संख्या एक हजार से अधिक होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण की भावना सदैव रही है तथा राज्य सरकार जनभागीदारी के माध्यम से जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2022 की गणना में मध्यप्रदेश में 785 बाघ दर्ज किए गए थे, जबकि 53 वर्ष पहले यह संख्या दहाई के आंकड़े तक सीमित थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और राज्य सरकार के सतत प्रयासों से मध्यप्रदेश ने टाइगर स्टेट के रूप में अपनी पहचान और मजबूत की है। प्रदेश में बाघों के साथ-साथ चीता, घड़ियाल, हाथी, जंगली भैंसा सहित अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए भी प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा वन्यजीव संरक्षण के लिए उपलब्ध कराए गए नए वाहनों का लोकार्पण किया। उन्होंने सतपुड़ा की तितलियों, कान्हा क्षेत्र की घास प्रजातियों, वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता से संबंधित कई पुस्तकों का विमोचन किया। साथ ही रातापानी टाइगर रिजर्व और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नए लोगो भी जारी किए गए। इस अवसर पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बारहसिंगा पुनर्वास तथा कान्हा टाइगर रिजर्व में टाइगर रिवाइल्डिंग पर आधारित लघु फिल्मों के टीजर भी प्रदर्शित किए गए। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक जन-एक पत्ती' जनभागीदारी अभियान में शामिल होकर बाघ के चेहरे की आकृति उकेरी और कहा कि यह अभियान वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनेगा। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली वन सुरक्षा समितियों, ईको विकास समितियों, ग्राम वन समितियों तथा वनकर्मियों को सम्मानित किया। 

साथ ही राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के पद्मश्री सम्मानित सदस्य डॉ. नारायण व्यास और मोहन नागर का भी अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबल क्षेत्र में घड़ियाल संरक्षण के उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं और कूनो क्षेत्र की नदियों में भी घड़ियाल छोड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्षों पहले विलुप्त हो चुके जंगली भैंसों का सफल पुनर्वास किया गया है तथा आधुनिक तकनीक और नवाचारों की मदद से हाथियों से जुड़ी समस्याओं पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया गया है। 

उन्होंने यह भी घोषणा की कि भविष्य में प्रदेश में गैंडों के संरक्षण की दिशा में भी पहल की जाएगी। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) समिता राजौरा ने बताया कि मध्यप्रदेश के सभी नौ टाइगर रिजर्व में बाघ संरक्षण की विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं तथा प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 28 लाख वन्यजीव पर्यटक आते हैं, जिनमें एक लाख विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। 

वहीं प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन ने कहा कि मध्यप्रदेश अब टाइगर स्टेट के साथ-साथ चीता स्टेट और लैपर्ड स्टेट के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वन राघवेन्द्र सिंह, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वन समितियों के सदस्य, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में प्रकृति एवं वन्यजीव प्रेमी उपस्थित रहे।

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