भीषण आग में 4 मरीजों की दर्दनाक मौत,जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल...
हॉस्पिटल में मरीजों को जिंदा भस्म होने के लिए छोड़कर फरार हो गया अस्पताल स्टाफ !
मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में लगी भीषण आग में तीन मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई. लोग अपने मरीजों को बचाते हुए जद्दोजहद करते हुए नजर आए.
मुजफ्फरपुर में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में लगी भीषण आग में तीन मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. इस अग्निकांड की जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, वह विचलित करने वाली हैं. बताया जा रहा है कि आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू वार्ड में लगी, जिसके बाद पूरे अस्पताल को अपनी चपेट में ले लिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई. लोग अपने मरीजों को बचाते हुए जद्दोजहद करते हुए नजर आए.
वहीं घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की लगभग एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. अग्निशमन कर्मियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. दमकलकर्मियों ने बड़ी मशक्कत के बाद अस्पताल के विभिन्न वार्डों में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला. हालांकि, 3 मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि करीब 15 लोग गंभीर रूप से झुलस गए. घायलों को नजदीक के दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है. इस घटना के बाद मरीजों के परिजनों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है.
अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन ने अस्पताल प्रशासन पर बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जब अस्पताल में आग लगी, तो अस्पताल स्टाफ मौके से भाग गया. एक मरीज के परिजन ने मीडिया को बताया कि हमने खुद अंदर जाकर मरीजों को बाहर निकाला, अस्पताल का कोई स्टाफ मदद करने नहीं आया. एक बुजुर्ग ने बताया कि मेरी बहन भर्ती थीं, उनकी मौत हो गई है. एक अन्य मरीज के परिजन ने बताया कि घटना के वक्त आईसीयू वार्ड में करीब 25 से 26 मरीज भर्ती थे. हमने लोगों ने पांच को बाहर निकाला. अपने भाई को निकाला, वो वेंटीलेटर सपोर्ट पर था, उसकी मौत हो गई है.
एक महिला ने रोते हुए कहा कि मेरे ससुर भर्ती थे, जो एक्सीडेंट के बाद यहां भर्ती हुए थे. जब पहुंचे तो वे जल गए थे. उसने बताया कि घटना के वक्त मरीजों को बचाने के लिए उनके परिजन खुद धुएं के बीच संघर्ष कर रहे थे और अस्पताल का स्टाफ भाग गया था. उधर इस घटना को लेकर अग्निशमन विभाग के अधिकारी आरएन पांडेय ने बताया कि दमकलकर्मियों ने 20 से अधिक मरीजों को रेस्क्यू किया है. उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. फिलहाल जांच जारी है.
95 साल की दादी ने बचाई कई मरीजों की जान...
95 साल की इस दादी ने ICU में धुआं फैलते ही सबसे खुद से अपने मुंह से ऑक्सीजन मास्क हटाया और तुरंत उठकर बाहर निकली. फिर उन्होंने नर्स को आईसीयू में आग लगने की सूचना दी. जिसके बाद तुरंत हॉस्पिटल प्रशासन के लोग एक्टिव हुए, वहां मरीजों को बाहर निकाला गया. अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई.
95 साल की यह बुर्जुग महिला मुजफ्फरपुर के छपरा मेघ की रहने वाली है. इनका नाम राधा देवी है. उनके साथ मौजूद परिजनों ने बताया कि इस बीपी और सांस लेने में तकलीफ के बाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. राधा ने लोकल बज्जिका भाषा में बताया कि आग लगते अंधेरा हो गया. आग कइसे लगलई इ हम कईसे बताऊं. धुआं फैलते हम बाहर निकलली और मैडम के बतइली, तब मैडम (नर्स) अंदर जाकर देखलई.


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