दतिया के वर्तमान विधायक राजेन्द्र भारती का चुनाव शून्य होने के बाद उपचुनाव होने की संभावना है...
एक बार फिर विधान सभा की ओर,डा. नरोत्तम मिश्रा को संभवतः उपचुनाव की हरी झंडी मिल गई !
भोपाल। भाजपा के पूर्व गृहमंत्री नेता डा. नरोत्तम मिश्रा को भाजपा आलाकमान से संभवतः उपचुनाव की हरी झंडी मिल गई है। इसी वजह से उन्होंने अब दतिया में ही अपना पूरा समय देना शुरू कर दिया है। ज्ञांतव्य है कि दतिया के वर्तमान विधायक राजेन्द्र भारती का चुनाव शून्य कर दिये जाने के बाद उपचुनाव होने की संभावना है। यहां पिछला चुनाव डा. नरोत्तम मिश्रा कांग्रेस के राजेन्द्र भारती से हार गये थे। लेकिन हारने के बाद भी डा. मिश्रा ने अपनी आदत के अनुसार दतिया के लोगों व भाजपा कार्यकर्ताओं में अपनी उपस्थिति बनाये रखी थी और दतिया में लगातार विकास कार्यों की श्रृंखला भी जारी रखी थी। यहीं कारण है कि आज भी डा. नरोत्तम दतिया में आम लोगों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं के चहेते बने हुये हैं।
बताया जाता है कि भाजपा आलाकमान भी डा. नरोत्तम मिश्रा को सबसे ज्यादा पसंद करता है। वैसे भी तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की सरकार के वह संकटमोचक रहे, कई बार शिवराज को विपक्ष द्वारा घेरे जाने पर उन्होंने उनकी सरकार का सबसे आगे रहकर बचाव किया था। इसी कारण डा. नरोत्तम मिश्रा भाजपा आलाकमान की तो पसंद थे, लेकिन प्रदेश के अन्य भाजपा नेताओं की वह आंखों की किरकिरी बन गये थे। यहीं कारण है कि उनको चुनाव में साजिश करके खिलाफ माहौल बना के निपटाया गया, जबकि डा. नरोत्तम मिश्रा चुनाव हारने वाले खिलाड़ी नहीं थे।
कहा जाता है कि स्वयं तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी डा. नरोत्तम मिश्रा के बढ़ते प्रभाव व लोकप्रियता से खार खाते थे और उन्होंने जानबूझकर ऐसे अधिकारी पदस्थ करवाये जिनकी पैरवी स्वयं नरोत्तम ने की थी, लेकिन काम वह उनके इशारे पर डा. नरोत्तम की शिकायत वाले करते थे। वहीं तत्कालीन कलेक्टर ने भी बंदूक और पिस्टल के लायसेंस में अति कर डा. नरोत्तम मिश्रा की इमेज खराब कराई। जबकि डा. मिश्रा सबकी मदद कर रहे थे। अब चुनाव हारे डा. नरोत्तम वर्तमान से काफी कुछ सबक ले चुके हैं और फूंक फूंक कर अपने कदम रख रहे हैं और अपने मुंह लगे उन नवरत्नों को भी अलग कर चुके हैं जो उनका आभामंडल दूषित कर रहे थे।


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