G News 24 : गिरने की बजाय मजबूत होने लगा रुपया,बाजार खुलने से पहले RBI ने चल दी बड़ी चाल !

आरबीआई के दखल देने बाद  रुपया लगातार दो द‍िन से मजबूत हो रहा है...

गिरने की बजाय मजबूत होने लगा रुपया,बाजार खुलने से पहले RBI ने चल दी बड़ी चाल !

म‍िड‍िल ईस्‍ट में लगातार तनाव बना हुआ है और क्रूड ऑयल के रेट 100 डॉलर प्रत‍ि बैरल के पार चल रहे हैं. रुपये ग‍िरने से सरकार को आयात के ल‍िये ज्‍यादा खर्च करना पड़ रहा है. इसका असर भारतीय करेंसी यानी रुपये पर पड़ रहे दबाव के रूप में देखा जा रहा है. 

लेकिन अब आरबीआई के दखल देने का असर यह रहा क‍ि रुपया लगातार दो द‍िन से मजबूत हो रहा है. गुरुवार को रुपया 0.64 प्रतिशत की छलांग लगाकर 96.20 के लेवल पर बंद हुआ. शुक्रवार को भी रुपये में मजबूती का सिलसिला जारी रहा.

देश के फॉरेक्‍स र‍िजर्व को मजबूत करने और रुपये को डॉलर के मुकाबले उबारने के ल‍िए आरबीआई (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है. इंटरनेशनल मार्केट में रुपये पर लगातार बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए र‍िजर्व बैंक ने गुरुवार को बाजार में 2 से 3 अरब डॉलर की भारी बिकवाली की. आरबीआई (RBI) का यह कदम शुक्रवार को भी जारी रहा और इस द‍िन भी डॉलर की बिक्री जारी रही.

रॉयटर्स की खबर के अनुसार बैंकिंग सेक्‍टर से जुड़े जानकारों का कहना है, आरबीआई के दखल के बाद रुपये ने जबरदस्त वापसी की है और यह प्रति डॉलर 96 के लेवल को पार करने में सफल रहा है. आरबीआई के दखल देने का असर यह हुआ क‍ि रुपया गुरुवार को 0.64 प्रतिशत की छलांग लगाकर 96.20 के लेवल पर बंद हुआ. अगले द‍िन शुक्रवार को भी रुपये की मजबूती का सिलसिला जारी रहा. आरबीआई के मास्‍टस्‍ट्रोक का असर रहा क‍ि शुक्रवार के कारोबारी सत्र में रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 95.93 के लेवल पर पहुंच गया.

डॉलर ब‍िक्री करने की ल‍िम‍िट को बढ़ाया

बैंक‍िंग सूत्रों का कहना है आरबीआई (RBI) ने रुपये को बचाने के लि‍ए इस बार बेहद आक्रामक पॉल‍िसी अपनाई है. बाजार खुलने से पहले ही गुरुवार सुबह र‍िजर्व बैंक ने बड़े सरकारी बैंकों के जर‍िये मार्केट में एंट्री कर ली. इसके बाद प्री-मार्केट ट्रेडिंग के दौरान ही करीब 50 करोड़ डॉलर की ब‍िक्री कर दी. उस समय मार्केट में ल‍िक्‍व‍िड‍िटी ल‍िम‍िटेड थी, इसलिए शुरुआती कदम का रुपये पर पॉज‍िट‍िव असर पड़ा. इन दिनों आरबीआई औसतन 1 अरब डॉलर रोज बेच रहा था. लेकिन इस बार उसने अपनी ल‍िमि‍ट को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया.

किसी खास लेवल पर रुपये को रोकना मकसद नहीं

मुंबई के एक बड़े बैंक के ट्रेडर ने बताया कि आरबीआई का मकसद किसी खास लेवल पर रुपये को रोकना नहीं, बल्कि रुपये में तेजी लाना था. इससे करेंसी के खिलाफ सट्टा लगाने वालों को भी झटका लगेगा. कुछ ट्रेडर्स का अनुमान है क‍ि गुरुवार को दिनभर में आरबीआई ने 4 से 5 अरब डॉलर की भारी बिकवाली की है. मौजूदा व‍ित्‍त वर्ष 2026-27 में रुपया अब तक 3 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया है. पिछले फाइनेंश‍ियल ईयर के दौरान डॉलर के मुकाबले यह 11 प्रतिशत तक टूट गया था.

रुपये की कमजोरी का क्‍या है कारण?

रुपये की कमजोरी का कारण मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव है. इस कारण इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार ऊपर चल रही हैं. भारत दुनियाभर में क्रूड ऑयल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक देश है, जो क‍ि अपनी जरूरत का अधिकांश क्रूड ऑयल दूसरे देशों से खरीदता है. जब भी तेल के दाम बढ़ते हैं तो तेल रिफाइनर‍ियों की तरफ से डॉलर की ड‍िमांड बढ़ जाती है. आरबीआई के हस्तक्षेप से पहले के दो हफ्तों में रुपया करीब ढाई प्रतिशत कमजोर हो चुका था. 

रुपये को मजबूती और स्थिरता देने के लि‍ए भारत सरकार भी पूरी तरह से गंभीर है. 

रुपये को मजबूती और स्थिरता देने के लि‍ए रिजर्व बैंक ही नहीं, भारत सरकार भी पूरी तरह से गंभीर है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस बारे में संकेत देते हुए कहा कि सरकार रुपये को स्थिरता देने के लिए कुछ कड़े उपायों पर विचार कर रही है. यह भी चर्चा है क‍ि करेंसी को सपोर्ट देने के लिए आने वाले द‍िनों में ब्याज दर में बढ़ोतरी (Rate Hike) की जा सकती है. 

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