गाज गिरने के बाद राघव चड्ढा नया पोस्ट, "बुरी नजर न लगने ...
अरविंद केजरीवाल ने अपने ही सांसद राघव चड्ढा को उच्च सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाया !
आम आदमी पार्टी ने अपने प्रमुख राज्यसभा सांसद व पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के करीबी रहे राघव चड्ढा को बड़ा झटका देते हुए उन्हें उच्च सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया है। इसके साथ ही पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से अनुरोध किया है कि चड्ढा को सदन में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।इन सबके बीच पद से हटने के कुछ घंटों बाद राघव चड्ढा ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में उच्च सदन में उनके हस्तक्षेप थे, जिसे "बुरी नजर" कैप्शन दिया गया। इसे बढ़ते मतभेद की अटकलों के बीच उनकी प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
आप ने गुरुवार को राज्यसभा सचिवालय को लिखे पत्र में जानकारी दी कि राघव चड्ढा की जगह अब उद्योगपति से सांसद बने अशोक मित्तल को पार्टी का नया उपनेता नियुक्त किया गया है। मित्तल अब उच्च सदन में पार्टी की रणनीति और समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि राघव को लंबे समय तक पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता रहा है। वे राष्ट्रीय स्तर पर आप की आवाज भी माने जाते थे। ऐसे में अचानक उन्हें जिम्मेदारियों से हटाना कई सवाल खड़े करता है।
सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में चड्ढा का रुख पार्टी लाइन से अलग नजर आ रहा था। उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर ‘पेड पैटरनिटी लीव’, एयरपोर्ट पर महंगे खाने-पीने की कीमतों, गिग वर्कर्स के अधिकार और बड़े शहरों में ट्रैफिक की समस्या जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, लेकिन पार्टी के मुख्य राजनीतिक मुद्दों पर अपेक्षाकृत चुप्पी साधे रखी। इसे लेकर पार्टी के भीतर असहजता बढ़ने की बात कही जा रही थी। इसके अलावा, हाल ही में उन्हें पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची से भी बाहर कर दिया गया था, जिससे उनके हाशिये पर जाने के संकेत पहले ही मिल चुके थे। खासकर असम और अन्य राज्यों के चुनावी अभियानों में उनकी गैरमौजूदगी ने अटकलों को और हवा दी थी।
2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में आप की हार के बाद पार्टी के भीतर समीकरण तेजी से बदले हैं। इसी पृष्ठभूमि में चड्ढा का पार्टी गतिविधियों से दूरी बनाना और नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से कम सक्रिय रहना भी इस कार्रवाई की एक वजह हो सकता है। दिल्ली से ही राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पहले से ही पार्टी नेतृत्व की आलोचना करती रही हैं। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने को इस कदम की संभावित वजह बताया जा रहा है।


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