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G News 24 :'जय श्री राम बोलोगे तो,इलाज में मिलेगा डिस्काउंट', कोलकाता में कॉर्डियोलॉजिस्ट का अनोखा ऑफर !

 ऑफर पर IMA भड़की, बोली- ई ना चलबो...

'जय श्री राम बोलोगे तो,इलाज में मिलेगा डिस्काउंट', कोलकाता में कॉर्डियोलॉजिस्ट का अनोखा ऑफर !

पश्चिम बंगाल में इस महीने के आखिर में होने जा रहे असेंबली चुनाव से पहले एक कॉर्डियोलॉजिस्ट का ऑफर लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है. कोलकाता के डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा है कि 'जय श्री राम' बोलने पर उन्हें इलाज में डिस्काउंट दिया जाएगा. इस ऑफर पर IMA भड़क गई है. 

पश्चिम बंगाल चुनाव में इस बार बीजेपी और टीएमसी के बीच गलाकाट प्रतियोगिता देखने को मिल रही है. पिछले 15 साल से सत्ता पर काबिज टीएमसी को गद्दी से हटाने के लिए बीजेपी पूरा जोर लगा रही है. वहीं टीएमसी भी अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए पूरी कोशिश कर रही है. राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में चुनाव होने वाले हैं, जिसमें पता चलेगा कि इस बार जनता का मूड क्या रहा है. इससे पहले राज्य में अजब-गजब नजारे देखने को मिल रहे हैं. 

'जय श्री राम बोलो, इलाज में मिलेगा डिस्काउंट'

कोलकाता में एक नामी कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर पीके हाजरा ने बीजेपी के प्रचार की कमान संभाल ली है. उन्होंने बाकायदा एक पोस्टर बनवाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने कहा है कि जो भी मरीज इलाज कराने उनके पास आएंगे, उन्हें 'जय श्री राम' बोलने पर खास डिस्काउंट दिया जाएगा. 

कोलकाता में डॉक्टर का अनोखा ऑफर 

अपनी पोस्ट में उन्होंने यह भी लिखा कि अगर बीजेपी पश्चिम बंगाल में सरकार बनाती है तो उनसे किसी तरह की विजिटिंग फीस नहीं नहीं ली जाएगी. साथ ही मरीज देखने की संख्या की बढ़ा दी जाएगी. उन्होंने यह भी लिखा कि प्रत्येक मरीज को 500 रूपये की छूट दी जाएगी. बालीगंज फाड़ी के रहने वाले इस डॉक्टर ने अपने नाम का QR कोड भी तैयार किया है. जिससे पेमेंट करने पर 500 की छूट दी जाएगी.

IMA ने ऑफर पर जताई आपत्ति 

डॉक्टर पीके हाजरा की इस पहल पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने आपत्ति जताई है. संस्था की ओर से डॉक्टर हाजरा को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब देने को कहा गया है.अपने बयान में IMA ने कहा कि संस्था इस घटना को गंभीरता से ले रही है. एक लोकतांत्रिक देश में प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद की राजनीतिक विचारधारा या पार्टी का समर्थन करने का अधिकार है. ऐसे में किसी मरीज के धर्म या राजनीतिक संबद्धता के आधार पर चिकित्सा सेवाओं में भेदभाव करना चिकित्सा जैसे पेशेवर आचरण के एकदम खिलाफ है. 

डॉक्टर ने दिया अपना स्पष्टीकरण

बताते चलें कि डॉ. हाजरा पिछले कुछ समय से बीजेपी के प्रचार में सक्रिय दिख रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह छूट केवल उनके निजी चेंबर पर लागू है, अस्पताल में नहीं. उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा से प्रेरित राजनीतिक अभिव्यक्ति बताया. 

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