वन विभाग ने सांतऊ रोड पर आने जाने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं ...
सांतऊ शीतला माता मंदिर के जंगल से खेतों में पहुंचा कूनो का चीता !
ग्वालियर। कूनो पालपुर चीता अभ्यारण्य एवं नेशनल पार्क से भागकर आये कैप वन नामक चीता ने पुनः ग्वालियर के जंगल में आमद दे दी है। वन विभाग की टीम लगातार चीता कैप वन की निगरानी कर रही है। चीते के खेतों में पहुंचने से ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई है। वन विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
उल्लेखनीय है कि कूनो पालपुर नेशनल पार्क में जन्में कैप वन नामक चीता कूनो के जंगल से ज्यादा अंचल के जंगल में चहलकदमी करता दिख रहा है। विशेषकर कैप वन चीता को ग्वालियर, मुरैना और शिवपुरी के जंगल ज्यादा रास आ रहा है। यही वजह है कि छह माह से ज्यादा समय उसने ग्वालियर और घाटीगांव के जंगल में रहकर बकरी आदि के शिकार किये थे। 2026 में दूसरी बार कैप वन नामक चीता ने शिवपुरी के जंगल से निकलकर ग्वालियर वन मंडल के जंगल में आमद दर्ज कराई है।
स्थानीय ग्रामीणों को पता तब चला जब वह झांकरी गांव के राजस्व क्षेत्र में गेंहू की खड़ी फसल में शिकार की तलाश करने लगा। जैसे ही किसानों ने चीता को देखा तो अफरातफरी मच गई। हालांकि कूनो की टीम और ग्वालियर वन मंडल का गश्ती दल 24 घंटे पल पल की नजर बनाये हुये है। फिर भी ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सांतऊ रोड पर आने जाने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किये गये है।
वन विभाग की अपील, बच्चे दूरी बनाये रखें
ग्वालियर रेंजर सुखदेव शर्मा ने बताया कि छोड़ा वन चैकी और कूनो की टीम कोलर आईडी तथा एंटीना के माध्यम से चीता के हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। वह स्वस्थ्य और सुरक्षित है। ग्रामीण क्षेत्र में भी कोई समस्या नहीं है। सभी को चीता पर नजर रखने के लिये कहा है। बच्चे दूरी बनाये रखे। अपने मवेशियों पर भी नजर रखें। चीता के द्वारा शिकार किये जाने पर शासन द्वारा पशु हानि का मुआयजा दिये जाने का भी प्रावधान है। इसीलिये शिकार होने पर भी चीता के पास न जाये।


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