बिजली कंपनी की इस इस प्रकार की लापहरवाही से पिछले एक साल मे 10 मौत होने का दावा किया जा रहा है...
फोन पर मिली एक मौखिक एनओसी ने बन गई एक 25 साल के युवक की मौत का कारण !
शिवपुरी। शिवपुरी जिले मे फोन पर मिली एक मौखिक एनओसी ने एक 25 साल के युवक की मौत का कारण बन गई वही इसी घटना मे एक 40 साल का युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया,इस प्रकार की लापहरवाही से पिछले एक साल मे 10 मौत होने का डाटा भी मिल रहा है। मामला पोहरी विधानसभा मे आने वाले कमलाखेडी का बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार पोहरी के कमलाखेडी गांव की शुक्रवार को आबादी लाइन की लाइट काट दी,ग्रामीणों ने 10 हजार रुपए इकट्ठा किए। शनिवार को यह रकम लाइनमैन को दे दी। ग्रामीणों के बताया कि लाइनमैन कटी पड़ी लाइन जोड़ने खुद नहीं आया। उसने फोन पर विजय धाकड़ से कहा कि परमिट ले लिया है। लाइन जोड़ लो।
इसके बाद कमलाखेड़ी निवासी धर्मेंद्र धाकड़ 25, पिता नक्टूराम धाकड़, और विजय धाकड़ 40, पिता गोपी धाकड़, ट्रांसफार्मर पर चढ़ गए। लाइन जोड़ने के लिए जैसे ही हाथ बढ़ाया, दोनों को करंट लग गया। पहले विजय नीचे गिरा। कुछ देर बाद धर्मेंद्र खंभे से गिर गया। धर्मेंद्र की मौत हो गई। विजय की हालत गंभीर है। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीण इस हादसे के लिए लाइनमैन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
एक साल में करंट से 10 से ज्यादा मौतें, फिर भी बिजली कंपनी नहीं चेती
शिवपुरी जिले में बिजली के करंट से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। कमलाखेड़ी में 25 वर्षीय धर्मेंद्र धाकड़ की मौत और एक ग्रामीण के गंभीर घायल होने का मामला कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले एक साल में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में करंट लगने से 10 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों और परमिट व्यवस्था में सुरक्षा को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।
24 मार्च को दिनारा के सेवड़ी गांव में 11 केवी लाइन की चपेट में आए हरज्ञान कुशवाह की अप्रैल में मौत हो गई। इसके बाद कोलारस के डोंडियाई गांव में हाईटेंशन लाइन से भूसे की खाली ट्रॉली टकराने से महिला लीला बाई बंजारा और एक सात वर्षीय बच्चे की जान चली गई। दोनों हादसे में करंट की चपेट में आए थे।
3 मई को इंदार थाना क्षेत्र के अम्हारा में ट्रांसफार्मर पर चढ़े दो भाइयों को करंट लग गया। हादसे में रविंद्र यादव की मौत हो गई, जबकि उसका भाई राजपाल घायल हो गया। इसके बाद मई 2026 में बैराड़ क्षेत्र में परमिट वाली लाइन में करंट आने से हरिवल्लभ की मौत हो गई।
अब कमलाखेड़ी में ग्रामीणों के आरोप के मुताबिक आबादी की लाइन काटने, 10 हजार रुपए लेने और लाइन जोड़ने के लिए ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर पर चढ़ने देने के बाद धर्मेंद्र की मौत ने एक बार फिर बिजली कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




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