आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा फैसला, चर्चा के लिए हाई लेवल कमेटी गठित...
भोपाल में दूसरे दिन भी डटे किसान, सीएम बोले - संवाद से निकलेगा समाधान
भोपाल। राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश के कई जिलों से पहुंचे किसान एमपीआरई तिराहे के पास धरने पर डटे हैं। आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से संवाद के लिए मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की हाई लेवल समिति गठित करने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पहले कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना को किसानों से चर्चा के लिए भेजा गया था।
अब मंत्री कृष्णा गौर, विश्वास सारंग, राकेश सिंह तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की समिति भी किसानों से संवाद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस वर्ष को "कृषि कल्याण वर्ष" के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार किसानों के सुझावों का स्वागत करती है और हर व्यावहारिक मांग पर गंभीरता से विचार करेगी। साथ ही उन्होंने अपील की कि आंदोलन के दौरान आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो। उधर, आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि उनकी मांगों पर लंबे समय से ध्यान नहीं दिया गया, इसलिए वे भोपाल पहुंचे हैं।
कई किसान अपने साथ राशन लेकर आए हैं और सड़क किनारे ही भोजन बनाकर धरना जारी रखे हुए हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करेंगे। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आंदोलन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारियों द्वारा लगातार किसानों से बातचीत कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। अब सभी की नजर सरकार और किसान संगठनों के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी हुई है।



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