अब भी भारी संख्या में पवित्र गुफा के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं...
पिघल गया प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग,लेकिन शिव के प्रति भक्तों की अटूट आस्था में कोई कमी नहीं है !
अमरनाथ यात्रा को शुरू हुए सप्ताह से ज्यादा हो गया है. इस बार दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है, लेकिन इस साल की 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा में पहले सप्ताह में ही प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग लगभग पूरी तरह पिघल गया है. इसके बावजूद भगवान शिव के प्रति भक्तों की अटूट आस्था में कोई कमी नहीं आई है और वे अब भी भारी संख्या में पवित्र गुफा के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं. बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान हो चुके हैं. यात्री अब केवल अमरनाथ गुफा का ही दर्शन कर पाएंगे.
हम बाबा को नहीं देख पाएंगे, लेकिन बाबा हमें देख रहे हैं
भले ही शिवलिंग पिघल गया हो, लेकिन अटूट आस्था हर दिन हजारों तीर्थयात्रियों को अमरनाथ गुफा मंदिर तक खींच ला रही है. अमरनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने 12 महीने इंतजार किया. प्रार्थना की, सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय किया, बस एक ही इच्छा के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन करना. श्रद्धालुओं ने कहा कि कंड़-कंड़ में शंकर हैं. हम बाबा को नहीं देख पाएंगे, लेकिन बाबा हमें देख रहे हैं.
क्या है शिवलिंग पिघलने का कारण?
पवित्र अमरनाथ गुफा के अंदर प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग यात्रा के शुरुआती दिनों में ही लगभग पूरी तरह से अंतर्ध्यान हो गया है. जानकारों का कहना है कि इसके पीछे शिवलिंग पिघलने की बड़ी वजह बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग है. इसके अलावा गुफा के आसपास लोगों की जरूरत से ज्यादा आवाजाही भी इसके पीछे का एक कारण माना जा रहा है. गौरतलब है कि पिछले 3 सालों से ये देखा जा रहा है कि पवित्र हिमलिंग एक हफ्ते से ज्यादा समय तक नहीं टिक पा रहा है और यात्रा शुरू होने के कुछ दिनों बाद ही पिघल जाता है.
अमरनाथ यात्रा के पहले हफ्ते में ही टूटा रिकॉर्ड
अमरनाथ यात्रा के पहले हफ्ते में ही रिकॉर्ड टूट गए हैं और 1 लाख 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर लिए हैं. यह संख्या पिछले साल के मुकाबले लगभग 28 प्रतिशत अधिक है, जो इस यात्रा के इतिहास में शुरुआती दिनों का नया रिकॉर्ड है.


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