टिकट के बजाय मिले झूठे आश्वासन...
टूर पैकेज के नाम पर वकील से 1.40 लाख की साइबर ठगी !
इन्दौर। शहर में ऑनलाइन ट्रैवल पैकेज के नाम पर साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार ठगों ने एक वकील को धार्मिक यात्रा का आकर्षक पैकेज दिखाकर 1 लाख 40 हजार रुपए की ठगी कर ली। पैसे लेने के बाद न तो यात्रा के टिकट जारी किए गए और न ही रकम वापस लौटाई गई। पीड़ित की शिकायत पर एमजी रोड थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, फरियादी राकेश लाड, जो पेशे से वकील हैं, ने बताया कि करीब 15 दिन पहले उन्हें एक अखबार में ‘स्वास्तिक टूर’ के नाम से प्रकाशित यात्रा पैकेज का पम्पलेट मिला था। पम्पलेट में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर प्रवीण घोडके नामक व्यक्ति ने व्हाट्सएप के जरिए दक्षिण भारत यात्रा का पैकेज भेजा। राकेश लाड ने उससे वाराणसी, अयोध्या, रामेश्वरम सहित अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए अलग पैकेज तैयार करने को कहा। इसके बाद 16 जुलाई को आरोपी ने चार लोगों के लिए 2.34 लाख रुपए का टूर पैकेज भेजते हुए कुल राशि का 60 प्रतिशत अग्रिम भुगतान करने की मांग की।
भुगतान के लिए आरोपी ने एक क्यूआर कोड भी भेजा। विश्वास में आकर राकेश लाड ने दो किश्तों में करीब 1.40 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। भुगतान के बाद आरोपी ने 24 घंटे के भीतर यात्रा के टिकट भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी टिकट जारी नहीं किए गए। जब पीड़ित ने दोबारा संपर्क किया तो आरोपी लगातार अलग-अलग बहाने बनाकर तारीख टालता रहा।
बाद में जब उन्होंने अपनी जमा राशि वापस मांगी तो आरोपियों ने खाते में प्रतीकात्मक रूप से 1 रुपया भेजकर शेष राशि आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से लौटाने का भरोसा दिया, लेकिन इसके बाद भी न पैसे लौटाए गए और न ही कोई टिकट उपलब्ध कराया गया। खुद के साथ धोखाधड़ी होने का एहसास होने पर राकेश लाड ने 24 जुलाई को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और इसके बाद एमजी रोड थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज करवाई।
एमजी रोड थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की सहायता से मोबाइल नंबर, बैंक खाते और क्यूआर कोड के जरिए आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ट्रैवल एजेंसी या ऑनलाइन टूर पैकेज पर भरोसा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर बड़ी रकम ट्रांसफर करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें, ताकि साइबर ठगी का शिकार होने से बचा जा सके।



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