G News 24 : ईरान ने मचाई तबाही, खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइल,ईरान ने होर्मुज फिर किया लॉक !

अमेरिका-ईरान महायुद्ध दोबरा भड़का,अब आगे क्या...

ईरान ने मचाई तबाही, खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइल,ईरान ने होर्मुज फिर किया लॉक !

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है और इस बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए। ईरान की राजधानी तेहरान में धमाकों की गूंज सुनाई दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस चेतावनी के बाद कि अमेरिकी सेना ईरान पर हमले जारी रखेगी, अमेरिका अब ईरान पर लगातार हमले करेगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने ट्रंप के आदेश पर ईरान के अंदर कई ठिकानों पर "आत्मरक्षा में हमले" शुरू किए हैं। CENTCOM ने एक बयान में कहा, "ये हमले ईरान की बिना वजह और लगातार आक्रामकता के जवाब में किए गए हैं।" अब ईरान भी अमेरिका को करारा जवाब देने के लिए तैयार है।

ईरान पर टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं

फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर तेहरान अमेरिकी बातचीत करने वालों की ओर से पेश किए गए शांति समझौते पर दस्तखत नहीं करता है, तो अमेरिकी सेनाएं "कल रात" फिर से बमबारी करेंगी। खबरों के मुताबिक, उन्होंने इस दौरान एक अपशब्द का भी इस्तेमाल किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि "ईरान के अंदर ठिकानों पर हमला करने के लिए 49 टॉमहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें से कुछ मिसाइलें ईरानी राजधानी तेहरान से सिर्फ़ 40 मील [64 किमी] की दूरी तक पहुंचीं।"

होर्मुज बंद होने से पैदा हो सकता है बड़ा ऊर्जा संकट: CTI चेयरमैन

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बयान जारी करके बताया है कि अगर होर्मुज का रास्ता लंबे समय तक बंद हुआ तो  1970 के बाद का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है और इसकी वजह से पेट्रोल डीजल समेत तेल की कीमतें भी अचानक से बढ़ सकती हैं क्योंकि दुनियां का 20% तेल यहीं से गुजरता है. बृजेश गोयल ने बताया कि होर्मुज सबसे बड़ा एनर्जी चोक प्वाइंट है, अगर इसको बंद किया गया तो भारत, रूस, चीन जैसे मुख्य इंपोर्टर्स में कच्चे तेल की किल्लत पैदा होगी. पेट्रोल डीजल महंगे होने से ट्रांसपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो जाएंगी.

बढ़ सकती है महंगाई दर : CTI महासचिव

CTI महासचिव रमेश आहूजा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग ने बताया कि भारत में मार्च-अप्रैल 2026 में रिटेल महंगाई दर 3.4% रही, पान तंबाकू के दाम 4.23 फीसदी और फूड एवं बेवरेजेज के 3.71 फीसदी बढ़े, कपड़ों और फुटवियर में महंगाई दर 2.45 प्रतिशत, हाउसिंग-वॉटर, इलेक्ट्रिसिटी और गैस में 1.97 प्रतिशत रही जबकि रेस्टोरेंट्स सर्विसेज के मामले में 2.88 फीसदी की बढ़त रही. CTI चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक अगर होर्मुज का रास्ता लंबे समय तक बंद होता है तो भारत में महंगाई दर मार्च-अप्रैल के 3.4% की तुलना में 5 फीसदी के पार जा सकती है.

होर्मुज सबसे अहम ऑयल चोकपॉइंट है. यह बंद हुआ तो भारत को 4 मोर्चों पर बड़ा  झटका लगेगा...

1. तेल-संकट: सबसे बड़ा झटका

  • A. सप्लाई भारत का 60 फीसदी कच्चा तेल और 40 फीसदी LNG होर्मुज से आती है. इराक, सऊदी, UAE, कुवैत से इम्पोर्ट रुक जाएगा.
  • B. कीमत क्रूड 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है. 1 डॉलर बढ़ने से भारत का इम्पोर्ट बिल 1.5 बिलियन डॉलर/साल बढ़ता है.
  • C. पेट्रोल-डीजल - पेट्रोल Rs 140-150/लीटर, डीजल की कीमत 130+ हो सकती है.
  • D. वैकल्पिक रूट -  सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन और यूएई की फुजैराह पाइपलाइन है, पर कैपेसिटी सिर्फ 20 फीसदी कवर करती है. टैंकर अफ्रीका घूमकर आएंगे, जिसमें 15-20 दिन एक्स्ट्रा लगेंगे और भाड़ा 3 गुना ज्यादा लगेगा.

2. सेक्टर-वाइज मार

  • A. एविएशन: ATF महंगा होता है तो हवाई टिकट 40-50 फीसदी तक बढ़ सकते हैं.
  • B. पेंट, टायर, प्लास्टिक: कच्चा माल,पेट्रोलियम, मारूति, एशियन पेंट की लागत 25 फीसदी बढ़ सकती है.
  • C. फर्टिलाइजर: LNG महंगा = यूरिया सब्सिडी बिल बढ़ेगा, खेती की लागत बढ़ेगी.
  • D. शिपिंग: फ्रेट रेट 200-300 फीसदी बढ़ेंगे. एक्सपोर्ट महंगा, इम्पोर्ट महंगा होगा.
  • E. ट्रेडर्स: ट्रांसपोर्ट कॉस्ट डबल होगी.

3. स्ट्रैटेजिक/सिक्योरिटी रिस्क

  • A. रिजर्व कितना है: भारत के पास  लगभग 74 दिन का स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व है.
  • B. नेवी की तैनाती: अरब सागर में इंडियन नेवी ऑपरेशन चलाती है, पर युद्ध हुआ तो इंश्योरेंस कॉस्ट 10 गुना.
  • C. चाबहार पोर्ट: भारत का ईरान वाला चाबहार पोर्ट भी होर्मुज के पास है, वो भी प्रभावित होगा.

4. क्या भारत के पास बचाव है?

  • A. रूस से तेल अभी 35 फीसदी तेल रूस से आ रहा. वो होर्मुज से नहीं आता, लेकिन रूस इतना एक्स्ट्रा दे नहीं पाएगा.
  • B. SPR रिजर्व विशाखापत्तनम, मंगलौर, पादुर में 5.33 MMT रिजर्व है जो 9 दिन के इम्पोर्ट के बराबर है.
  • C. US, गुयाना, ब्राजील से ला सकते हैं, लेकिन 40 दिन लगेंगे, जबकि यह होर्मुज से 5 दिन में हो जाता है, यानी महंगा पड़ेगा.

ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने चेतावनी दी कि, हम हारने वालों से लड़ने से नहीं डरते। ट्रंप के बताए आंकड़ों के मुकाबले मारे गए या घायल हुए अमेरिकियों की संख्या पहले ही कहीं ज़्यादा है, और यह संख्या और बढ़ेगी। इस बार, यह युद्ध सिर्फ़ इसी इलाके तक सीमित नहीं रहेगा। देखते हैं क्या होता है!

22 देशों ने ईरान को चेतावनी दी, जानें क्या कहा

अमेरिका और यूरोपीय देशों समेत 22 देशों ने गुरुवार को ईरान को चेतावनी दी कि वह "हमारी ज़मीन" पर लोगों पर हमले करना बंद करे। इसके साथ ही ईरान की सुरक्षा एजेंसियों की निंदा की गई क्योंकि उन्होंने यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में साज़िशें रचने के लिए अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय अपराधी गिरोहों का इस्तेमाल किया। इन देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा, "हमारी ज़मीन पर लोगों को मारने, अगवा करने, परेशान करने, डराने-धमकाने या उन पर किसी भी तरह का हमला करने की कोशिशें राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय नियमों को कमज़ोर करती हैं। इन हरकतों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।"

हम ईरान पर ज़ोरदार हमला करेंगे :ट्रंप

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ कहते हैं, "...सेंटकॉम (सेंट्रल कमांड) आज रात व्यस्त रहेगा क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हम ईरान पर ज़ोरदार हमला करेंगे, और हम ऐसा करेंगे। क्योंकि ईरान के पास एक अच्छी डील, एक बहुत अच्छी डील करने का मौका है, ताकि वे उस बात को पक्का कर सकें जिसे करने के लिए वे पहले तैयार थे, लेकिन अब तक उन्होंने ऐसा नहीं किया है..."

बहरीन में बज रहे हैं मिसाइल अलर्ट सायरन

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के नए अमेरिकी हवाई हमलों का बदला लेने की बात कहने के बाद बहरीन ने मिसाइल अलर्ट सायरन बजाए हैं।

धमाकों की आवाज से गूंजा तेहरान

ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया है कि गुरुवार तड़के ईरान के कई हिस्सों में फिर से धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं। सरकारी मीडिया की अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक, राजधानी तेहरान के पास स्थित एश्तेहार्ड, अब्येक, वरामीन और कराज जैसे शहरों; ईरान के दक्षिणी तट पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास सिरिक (जहाँ बुधवार को भी हमला हुआ था); और फारस की खाड़ी में तेल के एक अहम केंद्र खार्ग द्वीप पर धमाके सुने गए।

होर्मुज को तुरंत बंद कर दिया जाएगा-ईरान का सख्त रुख

ईरान की सेना ने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़) को सभी जहाज़ों के लिए "तुरंत प्रभाव से" बंद कर दिया जाएगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बयान में इस दावे को खारिज कर दिया।

ईरान का बड़ा बयान, दबाव या सवाल के आगे नहीं झुकेंगे

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि अगर अमेरिका कोई समझौता चाहता है, तो उसे बल प्रयोग की धमकी देने से बचना चाहिए। राजदूत अमीर सईद इरावानी ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा, "ईरान ने कभी भी धमकियों और दबाव में बातचीत नहीं की है और वह कभी भी दबाव या सवाल के आगे नहीं झुकेगा।" 

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