अब तक पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के कारण 10 हफ्ते में ₹10,खरब की चपत लग चुकी है...
अमेरिका -ईरान के बीच शांति वार्ता फेल,तेल की कीमत में लगी 'आग'
तेहरान और वाशिंगटन के बीच शांति समझौते को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है. वाशिंगटन की तरफ से तैयार किये गए शांति मसौदे पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बनने का असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ा है. अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर सहमति नहीं बनने के बाद क्रूड ऑयल के दाम में एक बार फिर से तेजी देखी जा रही है. पिछले करीब ढाई महीने से दोनों देशों के बीच चल रही जंग का असर दुनियाभर में देखा जा रहा है.
जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब थीं, जो कि पिछले दिनों चढ़कर 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं. सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान ही तेल के दाम में 3 डॉलर प्रति बैरल तक की बड़ी उछाल दर्ज की गई. इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव को लेकर बनी असहमति है.
वाशिंगटन की तरफ से तैयार किये गए शांति मसौदे पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई. इसका सीधा असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ा है. इस तनाव के बीच सामरिक रूप से अहम 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) का रूट भी लगभग बंद है, जिससे दुनियाभर में एनर्जी सप्लाई बेहद कम हो गई है. बाजार के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो ब्रेंट क्रूड 3 प्रतिशत से ज्यादा की छलांग लगाकर 104.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. इसी तरह अमेरिकी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) भी 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ 99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है.
ईरान के जवाब से निवेशकों में मचा हड़कंप
पिछले 10 हफ्ते ते जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीद कम है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता के लिए ईरान की ओर से आए जवाब को 'अस्वीकार्य' बताते हुए खारिज कर दिया है. इसके बाद निवेशकों में हड़कंप मच गया है और तेल की कीमत में एक बार फिर से तेजी देखी जा रही है. मौजूदा संकट के बीच दुनियाभर की नजरें राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा पर टिकी हैं. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को बीजिंग पहुंचने पर ट्रंप चीनी राष्ट्रपति के साथ ईरान को लेकर चर्चा कर सकते हैं.
अब तक पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के कारण 10 हफ्ते में ₹10,खरब की चपत लग चुकी है ...
मार्केट के जानकारों का मानना है कि यदि चीन अपने असर का इस्तेमाल कर ईरान को संघर्ष विराम और होर्मुज स्ट्रेट में रोक को खत्म करने के लिए राजी कर लेता है, तो तेल की कीमत में नरमी आ सकती है. हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए सप्लाई चेन को दोबारा पटरी पर लाना बड़ी चुनौती बनी हुई है. ग्लोबल लेवल पर भले ही क्रूड के दाम में उठा-पटक बनी हुई है. अब बढ़कर ही रहेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम! 10 हफ्ते में इस युद्ध के कारण अब तक ₹10,00,00,00,00,000 की चपत लग चुकी है,लेकिन घरेलू लेवल पर पेट्रोल-डीजल के दाम पिछले चार साल के लेवल पर ही चल रहे हैं.
दुनिया ने करीब एक अरब बैरल तेल खो दिया
सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि पिछले दो महीनों में दुनिया ने करीब एक अरब बैरल तेल खो दिया है. उनका कहना है कि यदि तेल की सप्लाई कल से शुरू भी हो जाए तो भी बाजार को स्थिर होने में लंबा समय लगेगा. स्थिति इतनी गंभीर है कि पिछले हफ्ते भी कुछ टैंकरों ने ईरानी हमलों से बचने के लिए अपने ट्रैकर्स बंद करके गुपचुप तरीके से रास्ता पार किया. मिडिल ईस्ट से होने वाले तेल निर्यात पर मंडराता खतरा न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए आने वाले दिनों में महंगाई का बड़ा सबब बन सकता है.
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत...
- नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये, डीजल के दाम 87.67 रुपये प्रति लीटर.
- मुंबई में पेट्रोल की कीमत 103.54 रुपये और डीजल के दाम 90.03 रुपये प्रति लीटर.
- कोलकाता में पेट्रोल के दाम 105.41 रुपये और डीजल के दाम 92.02 रुपये प्रति लीटर.
- चेन्नई में पेट्रोल के दाम 100.84 रुपये और डीजल के दाम 92.39 रुपये प्रति लीटर.


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