मंदिर में श्रद्धालुओं से कर रहे थे अवैध वसूली और दुर्व्यवहार...
काशी विश्वनाथ मंदिर से 23 फर्जी पुजारी गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी कार्रवाई !
वाराणसी। वाराणसी विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाले 23 जालसाजों को वाराणसी पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत धर दबोचा है. मंदिर के गेट नंबर-04 के पास श्रद्धालुओं से 'स्पर्श दर्शन' के नाम पर अवैध वसूली और दुर्व्यवहार करने वाले इन फर्जी पुजारियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है.पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है.
दरअसल, काफी समय से मंदिर परिसर के आसपास कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा श्रद्धालुओं को गुमराह करने की शिकायतें मिल रही थीं. ये आरोपी खुद को मंदिर का अधिकृत पुजारी बताकर भोले-भाले दर्शनार्थियों को 'स्पर्श दर्शन' कराने का प्रलोभन देते थे और बदले में मोटी रकम की मांग करते थे. जब कोई श्रद्धालु पैसे देने से इनकार करता या विरोध जताता, तो ये आरोपी उनसे गाली-गलौज और हाथापाई पर उतारू हो जाते थे.
पुलिस का 'ऑपरेशन शिकंजा'
वाराणसी की काशी जोन पुलिस और थाना चौक की टीम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक गुप्त अभियान चलाया. मुखबिरों से मिली सटीक सूचना और मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने जाल बिछाया. अचानक हुई इस घेराबंदी में 23 संदिग्धों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के दौरान इन आरोपियों ने पुलिस टीम के साथ भी हाथापाई करने की कोशिश की और सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया.
सख्त कानूनी धाराओं में मुकदमा
पुलिस ने इन सभी 23 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 और 135 के तहत मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की मर्यादा भंग करने और श्रद्धालुओं को परेशान करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी.


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