G News 24 : डेढ़ साल से फरार टीआई करता रहा नौकरी,पदोन्नति भी लेली,15 वारंट के बाद भी गिरफ्तारी नहीं !

 कानून से ऊपर हो गई वर्दी,वर्दी वाले ने मारपीट के फरियादी पर ही केस दर्ज कर दिया...

डेढ़ साल से फरार टीआई करता रहा नौकरी,पदोन्नति भी लेली,15 वारंट के बाद भी गिरफ्तारी नहीं !

ग्वालियर। मध्यप्रदेश पुलिस अपराधियों पर सख्ती के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन अपनी ही विभाग के एक आरोपी अधिकारी के मामले में पूरी व्यवस्था कटघरे में नजर आ रही है। एससी-एसटी एक्ट जैसे गंभीर मामले में आरोपी टीआई पुष्पक शर्मा पिछले डेढ़ साल से फरार बताया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार नौकरी कर रहे हैं और विभागीय संरक्षण का लाभ उठाते दिख रहे हैं।

विशेष न्यायालय भिंड ने 18 सितंबर 2024 को आरोपी टीआई के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए सितंबर 2024 से 7 दिसंबर 2024 तक कोर्ट में पेश कराने के निर्देश दिए थे। बीते डेढ़ साल में अलग-अलग तारीखों पर 15 गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं, लेकिन भिंड पुलिस आज तक आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

चौंकाने वाली बात यह है कि फरारी के दौरान ही आरोपी टीआई पुष्पक शर्मा छतरपुर जिले में पदस्थ रहे। वहां उन्हें विभाग को गुमराह करते हुए एएसपी तक पदोन्नति मिलने का आरोप है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पूरे मामले में पुलिस विभाग ने न केवल आरोपी अधिकारी की अनदेखी की, बल्कि विभागीय सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर कार्रवाई से बचाया गया।

एससी-एसटी एक्ट की विशेष कोर्ट ने भिंड पुलिस अधीक्षक सहित पांच पुलिस अधिकारियों पर पेश नहीं कराने को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद न्यायालय ने फिर गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए आरोपी को 7 जुलाई 2026 को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए।  न्यायालय ने एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज करने के दिए थे आदेश ।

शिकायत से शुरू हुआ, कोर्ट तक पहुंचा विवाद

मामला 7 अक्टूबर 2019 का है। भिंड के रूधिया गांव निवासी फरियादी यादव के साथ गांव के ही आरोपी ने मारपीट की थी। पीड़ित जब शिकायत दर्ज कराने मेहगांव थाने पहुंचा तो तत्कालीन थाना प्रभारी एसआई पुष्पक शर्मा ने निष्पक्ष सुनवाई के बजाय उल्टा उसी पर मामला दर्ज कर लिया।

आरोप है कि विपक्षी पक्षकारों से शिकायत लेकर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को मोड़ने का प्रयास किया। पीड़ित ने न्यायालय में परिवाद दायर किया, जिस पर कोर्ट ने 25 जून 2022 को टीआई पुष्पक शर्मा समेत चार लोगों पर मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए। अन्य आरोपी कोर्ट में पेश हुए, लेकिन पुष्पक शर्मा लगातार फरार रहे, जिसके बाद अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

गिरफ्तारी वारंट की मुझे जानकारी नहीं है ...

फरार आरोपी टीआई पुष्पक शर्मा से मोबाइल पर संपर्क करने पर उन्होंने दावा किया कि “मुझे तो किसी भी न्यायालय में मेरे खिलाफ कोई मामला दर्ज होने और गिरफ्तारी वारंट की जानकारी नहीं है।”-पुष्पक शर्मा,फरार टीआई

जबकि विशेष न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद उन्होंने 4 सितंबर 2025 को अपने वकील के माध्यम से ग्वालियर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। ऐसे में उनके इस बयान पर सवाल उठ रहे हैं कि उन्हें वारंट की जानकारी नहीं थी तो अग्रिम जमानत की जरूरत क्यों पड़ी।

नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी

“मेरे लगने से यह पूर्व से ही फरार प्रकरण दर्ज है। गिरफ्तारी वारंट प्रकरण की जानकारी मुझे नहीं है। यदि न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त होगा तो कार्रवाई की जाएगी।”

-अगम सिंह ठाकुर, एसपी छतरपुर

टीआई जिले में पदस्थ नहीं

“पुष्पक शर्मा 2023 से 2025 तक जिले के बमीठा और छतरपुर थाने में पदस्थ रहे थे। वर्तमान में वे यहां पदस्थ नहीं हैं।”- पुण्यप्रकाश मिश्रा, छतरपुर पुलिस मुख्यालय भोपाल से सूचना

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