सूरत में आम आदमी पार्टी का हुआ सूपड़ा साफ...
BJP की सुनामी,गुजरात में फिर से लहराया भगवा परचम,सभी 15 निगमों में बीजेपी की जीत !
गुजरात निकाय चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया है. राज्य की सभी 15 नगर निगम सीटों के नतीजे अब सामने आ चुके हैं और बीजेपी ने सभी नगर निगमों में जीत दर्ज करते हुए क्लीन स्वीप कर लिया है. अहमदाबाद नगर निगम में पार्टी ने 192 में से 158 सीटों पर कब्जा जमाकर शहरी राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई. इस जीत के साथ बीजेपी ने साफ संकेत दे दिया है कि गुजरात में उसकी संगठनात्मक ताकत अब भी बेहद मजबूत बनी हुई है.
राजकोट में भी बीजेपी का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा, यहां की नगर निगम की 72 सीटों में से बीजेपी ने 65 सीटें जीत लीं, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 7 सीटों से संतोष करना पड़ा. आम आदमी पार्टी यहां खाता तक नहीं खोल सकी. वहीं, राजकोट जिला पंचायत की 36 सीटों में बीजेपी ने 34 सीटें जीतकर विपक्ष को लगभग पूरी तरह से किनारे कर दिया.
तालुका पंचायतों में भी बीजेपी का दबदबा साफ देखने को मिला. धोराजी, जेतपुर, गोंडल, कोटड़ा सांगाणी, लोढिका, पडधरी, जसदण, विंछिया और जामकंडोरना समेत ज्यादातर पंचायतों में बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की. उपलेटा में मुकाबला बेहद कांटे का रहा और नतीजा टाई पर खत्म हुआ. कुल मिलाकर बीजेपी ने 11 में से 10 तालुका पंचायतों में जीत हासिल की. सबसे बड़ी जीत गोंडल सिविक बॉडी में देखने को मिली, जहां बीजेपी ने सभी 44 सीटों पर कब्जा कर लिया. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी यहां एक भी सीट नहीं जीत सकीं. पूरे राजकोट जिले में बीजेपी ने 202 में से 155 सीटें जीतकर अपनी मजबूत पकड़ और संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया.
गुजरात उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इन नतीजों को स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी की "अब तक की सबसे बड़ी जीत" बताया और इस नतीजे के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि ये नतीजे ज़मीनी स्तर पर, गांवों से लेकर शहरों तक, पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत को दिखाते हैं.
संघवी ने यह भी दावा किया कि बड़ी रकम खर्च करके और अशांति भड़काकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशें की गईं, लेकिन उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें नाकाम रहीं क्योंकि लोगों ने पूरी तरह से बीजेपी का साथ दिया.
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात की जनता ने समझदारी दिखाते हुए बीजेपी का समर्थन किया है और विपक्ष को करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि वोटरों ने नकारात्मकता के बजाय सकारात्मक राजनीति को चुना और पार्टी के शासन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व को दिया.
उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी जनता के बीच काम करना जारी रखेगी और स्थानीय चुनावों में मिले जनादेश के ज़रिए उस भरोसे को कायम रखेगी जो जनता ने उस पर जताया है.
बीजेपी ने अहमदाबाद नगर निगम में शानदार जीत हासिल की है. पार्टी ने 192 में से 158 सीटें जीतकर गुजरात के सबसे बड़े शहर में अपना दबदबा और मज़बूत किया है. इस जीत का पैमाना शहरी स्तर पर सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में मिले निर्णायक जनादेश को दिखाता है.
इस नतीजे के साथ, बीजेपी ने अब राज्य के सभी 15 नगर निगमों में क्लीन स्वीप कर लिया है, जिससे पूरे गुजरात में स्थानीय निकायों में उसकी लगातार चुनावी ताकत साबित होती है.
बीजेपी ने सूरत नगर निगम में ज़बरदस्त जीत दर्ज की है. पार्टी ने 127 में से 115 सीटें जीतकर इस निकाय पर अपनी पुरानी पकड़ और मज़बूत कर ली है. आम आदमी पार्टी (AAP) सिर्फ़ 4 सीटें ही जीत पाई, जबकि कांग्रेस ने पांच साल बाद 1 सीट जीतकर अपना खाता खोला.
यह नतीजा AAP के लिए एक बड़ी गिरावट दिखाता है, जिसने पिछले चुनाव में 27 सीटें जीती थीं. पार्टी को कई बड़े झटके भी लगे. उसके प्रदेश महासचिव और निगम में विपक्ष के नेता, दोनों ही अपनी-अपनी सीटों से चुनाव हार गए.
बीजेपी ने कैसे किया खेला?
गोधरा नगरपालिका में बीजेपी ने 11 वार्डों से कुल 44 उम्मीदवारों में केवल 7 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे थे। 11 वार्डों के 44 उम्मीदवारों में से बीजेपी के 27 उम्मीदवार जीते, जबकि 17 निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। ऐसे कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला। इस तरह बीजेपी ने पहली बार स्पष्ट बहुमत के साथ गोधरा नगर पालिका में सत्ता हासिल की। गोधरा विधानसभा सीट पर बीजेपी पहले से काबिज है। 2002 गुजरात दंगों के बाद से गोधरा राज्य के सर्वाधिक संवेदनशील क्षेत्रों में है। 2021 के चुनावों में असुदद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने बीजेपी का खेल बिगाड़ दिया था।
मोरबी नगर निगम में भाजपा ने सभी 52 सीटें जीत लीं एसईसी के अनुसार, मोरबी नगर निगम में भाजपा ने सभी 52 सीटें जीत ली हैं. रविवार को 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए मतदान हुआ था. इन चुनावों को अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में प्रमुख चुनावी कवायदों में से एक माना जा रहा है. मौजूदा चुनाव में लगभग 4.18 करोड़ मतदाता पात्र थे और करीब 9,200 सीटों पर मतदान हुआ.
- 15 में 15 निगमों में बीजेपी की बड़ी जीत
- सूरत में आम आदमी पार्टी का पूरी तरह सफाया
- कांग्रेस का प्रदर्शन भी रहा कमजोर
- शहरी वोटर्स ने फिर जताया बीजेपी पर भरोसा


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