G News 24 : नगर निगम द्वारा ग्वालियर शहर के पुराने जलस्रोत ‘पृथ्वी ताल’ का किया जा रहा है कायाकल्प !

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सौंदर्यीकरण कार्य तेज...

नगर निगम द्वारा ग्वालियर शहर के पुराने जलस्रोत ‘पृथ्वी ताल’ का किया जा रहा है   कायाकल्प !

ग्वालियर। नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख जलस्रोत ‘पृथ्वी ताल’ के संवर्धन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। यह कार्य नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय के निर्देशन में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत संचालित हो रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य न केवल तालाब की मूल संरचना को सुदृढ़ करना है, बल्कि इसे शहरवासियों के लिए एक आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल स्थल के रूप में विकसित करना भी है।

सहायक यंत्री अमित गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 7.27 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला पृथ्वी ताल जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह विभिन्न प्रकार के स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों का आश्रय स्थल भी है। परियोजना के अंतर्गत तालाब में जमा गाद और सिल्ट की सफाई कर उसकी जलधारण क्षमता बढ़ाई जा रही है, जिससे वर्षा जल का अधिक संचयन संभव हो सके। इसके साथ ही जल की गुणवत्ता सुधारने के लिए जलीय पौधों का भी उपयोग किया जाएगा।

नगर निगम द्वारा इस परियोजना पर लगभग 3.49 करोड़ रुपये (जीएसटी सहित) की लागत से कार्य किया जा रहा है। कार्यों में मुख्य रूप से तालाब के दोनों ओर सफाई, जल निकासी चैनलों का सुदृढ़ीकरण, एप्रन पर स्टोन पिचिंग, तथा पैदल चलने के लिए वॉकिंग ट्रैक का निर्माण शामिल है। इसके अलावा नागरिकों की सुविधा के लिए बैठने की व्यवस्था, लाइटिंग सिस्टम और हरित क्षेत्र का विकास भी किया जा रहा है।

इस परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य शहर में हरित क्षेत्र को बढ़ावा देना और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखना है। तालाब के आसपास छोटे-बड़े पेड़ों का रोपण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी और पक्षियों व अन्य जीवों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। साथ ही, यह स्थान शहरवासियों के लिए एक शांत और सुकून भरा वातावरण प्रदान करेगा।

परियोजना के तहत अतिक्रमण को हटाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि तालाब की मूल सीमा सुरक्षित रह सके। जल संरक्षण के माध्यम से भू-जल स्तर में सुधार लाने का भी लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से ग्वालियर शहर की जैव विविधता को नया जीवन मिलेगा और आने वाले समय में यहां लगभग 120 प्रकार के पक्षियों की प्रजातियां देखी जा सकेंगी।

स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि पृथ्वी ताल का यह कायाकल्प न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 

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