G News 24: मरी हुई बहन के खाते से जमा पैसे निकालने,भाई ने कब्र खोदकर मैनेजर के सामने रखा कंकाल !

 बहन मर गई, बैंक नहीं माना तो...  

मरी हुई बहन के खाते से जमा पैसे निकालने,भाई ने कब्र खोदकर मैनेजर के सामने रखा कंकाल !

ओडिशा से एक होश उड़ा देने वाली खबर सामने आई है, यहां एक शख्स अपनी मृत बहन के खाते से पैसे निकालने पहुंचा तो बैंक ने इनकार कर दिया. ऐसे में वो अपनी बहन का कंकाल ही बैंक में लेकर पहुंच गया. 

कुछ खबरें अंदर तक झकझोर देने वाली होती है. ओडिशा से एक ऐसी ही खबर आई है. यहां एक शख्स जब अपने बहन की मौत के बाद बैंक में उसके अकाउंट में जमा रकम निकलवाने पहुंचा. हालांकि उसे हर बार मायूसी का सामना करना पड़ा. कहा जा रहा है कि बैंक मैनेनजर ने उसे ठीक से समझाने की बजाए कहा कि 'बहन को लेकर आओ' तभी पैसे मिलेंगे. ऐसे में शख्स दो महीने पहले मर चुकी बहन का कंकाल उठा लिया. यह सब नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया. 

घटना ओडिशा के केन्दुझर जिले के पाटणा इलाके की बताई जा रही है. बताया गया कि मृत बड़ी बहन कालरा के बैंक खाते में जमा 19300 रुपये देने से मैनेजर ने इनकार कर दिया और मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा. इससे परेशान छोटे भाई ने आखिरकार कब्र खोदकर बहन का कंकाल निकाल लिया और उसे बैंक ले आया. साथ ही कहा,'मेरी बहन को देखो और उसके खाते के पैसे दे दो.'

दो महीने पहले हुई थी बहन की मौत

जानकारी के मुताबिक 50 वर्षीय जीतू मुंडा चार भाई-बहनों में से एक हैं. बड़े भाई रईबु मुंडा और छोटे भाई शंकरा मुंडा शादीशुदा हैं, जबकि जीतू और उनकी बड़ी बहन कालरा अविवाहित थे. दो साल पहले बड़े भाई रईबु ने बैल बेचकर कालरा के नाम पर 19300 रुपये बैंक में जमा किए थे और खुद को नॉमिनी बनाया था. डेढ़ साल पहले रईबु की मौत हो गई, जबकि दो महीने पहले कालरा का भी निधन हो गया.

3 Km दूर से कंधे पर रखकर लाया बहन का कंकाल

बहन के खाते से पैसे निकालने के लिए जीतू कई बार बैंक गया, लेकिन हर बार उसे निराशा हाथ लगी. बैंक मैनेजर ने उससे कहा कि बहन को या उसके वारिसों को साथ लेकर आओ, तभी पैसे मिलेंगे. परिवार में और कोई न होने की वजह से जीतू बार-बार बैंक के चक्कर काटता रहा, लेकिन उसे टाल दिया गया. आखिरकार, जीतू मुंडा बहन का कंकाल निकालकर एक बोरे में भरकर करीब 3 किलोमीटर दूर पैदल ही बैंक पहुंच गया. उसने कंकाल को बैंक के सामने रखकर मैनेजर से पैसे देने की मांग की. जीतू को ऐसा करता देख, बैंक कर्मचारियों ने तुरंत गेट बंद कर दिया, जिसके बाद वह बरामदे में बैठा रहा.

मौके पर पहुंची पुलिस ने सुलझाया मामला

घटना की जानकारी मिलने पर पाटणा थाने के प्रभारी किरण प्रसाद साहू और एएसआई गौरहरि गरड़िया मौके पर पहुंचे और जीतू को समझाने की कोशिश की. बताया जा रहा है कि बैंक मैनेजर ने नॉमिनी और पैसे निकालने की प्रक्रिया ठीक से समझाने के बजाय 'बहन को लेकर आओ' कहकर स्थिति को और मुश्किल बना दिया. इस संबंध में जब हमने बैंक अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की तो, उन्होंने फोन नहीं उठाया.

पढ़ा-लिखा नहीं था जीतू

क्योंकि जीतू एक अनपढ़ आदिवासी व्यक्ति है, उसे यह नहीं पता कि कानूनी वारिस या नॉमिनी कौन होता है. बैंक अधिकारी उसे यह समझाने में नाकाम रहे कि किसी मृत व्यक्ति के खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया क्या होती है. ऐसे में स्थिति और ज्यादा गड़बड़ हो गई. हालांकि पुलिस के समझाने के बाद जीतू ने कंकाल को वापस ले जाकर फिर से दफना दिया. थाना अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि लाभार्थी को जल्द से जल्द पैसे दिलाने की व्यवस्था की जाएगी.

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