धारा-52 लगने के कारण जेयू की कार्यपरिषद भंग हो गई थी...
जेयू में राज्यपाल कोटे से छह कार्यपरिषद सदस्य हुए नियुक्त !
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद (ईसी) में राज्यपाल कोटे से छह लोगों को सदस्य नामित किया गया है। यह नियुक्ति मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 23 की उपधारा (1) के खण्ड (आठ) के तहत की गई है। कुलसचिव द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अनारक्षित वर्ग से प्रदीप कुमार शर्मा, भानु प्रताप सिंह चौहान व डॉ. ऋतु नामधारी, अनुसूचित जाति वर्ग से डॉ. कुमार संजीव, अनुसूचित जनजाति वर्ग से डॉ. रूपनारायण मांडवे एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से सुश्री मनु चंद्रभान सिंह को कार्यपरिषद का सदस्य बनाया गया है।
आदेश राज्यपाल के उप सचिव से प्राप्त निर्देशों के आधार पर जारी किया गया है। इसके तहत कुलाधिपति द्वारा इन नामों को मंजूरी दी गई, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर दी। यहां बताना जरूरी है कि प्रदीप शर्मा ने अपने पिछले कार्यकाल में जीवाजी राव सिंधिया की प्रतिमा स्थापित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे संगठन के साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी हैं। बताते चलें कि धारा-52 लगने के बाद जेयू की कार्यपरिषद भंग हो गई थी। अब राज्यपाल कोटे के ईसी मेंबर के नाम आने से इसी महीने बैठक हो सकती है।


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