G News 24 : किसानों के लिए बड़ी सौगातें,स्लॉट बुकिंग शुरू, अंतिम तारीख बढ़ाकर 9 मई की !

 सीएम मोहन यादव का सोशल मीडिया के माध्यम से संबोधन...

किसानों के लिए बड़ी सौगातें,स्लॉट बुकिंग शुरू, अंतिम तारीख बढ़ाकर 9 मई की !

भोपाल। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने गेहूं खरीदी को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि 9 मई तक गेहूं खरीदी की स्लॉट बुकिंग की जाएगी. इसके अलावा, सीएम ने कहा कि सरकार किसानों की उन्नति और उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. सरकार किसान हितैषी फैसले लेते हुए उनके साथ मजबूती से खड़ी है और इसी दिशा में इस वर्ष को `किसान कल्याण वर्ष` के रूप में समर्पित किया गया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के विकास के बिना प्रदेश और देश की प्रगति संभव नहीं है.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया संदेश के जरिए प्रदेशवासियों, खासकर किसानों को संबोधित करते हुए सरकार की किसान हितैषी योजनाओं और फैसलों की जानकारी दी। 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों, विशेष रूप से किसानों को संबोधित करते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने सरकार की किसान हितैषी नीतियों और फैसलों को विस्तार से बताते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में अन्नदाताओं के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है और यही विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव तैयार करेगी।

स्लॉट बुकिंग शुरू, अंतिम तारीख बढ़ाकर 9 मई

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आज से प्रदेश के सभी किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने हेतु स्लॉट बुकिंग की सुविधा पूरी तरह शुरू कर दी गई है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर अब 9 मई कर दी गई है। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी जो तकनीकी या अन्य कारणों से समय पर पंजीयन नहीं कर पाए थे। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि गेहूं उपार्जन अब सप्ताह में छह दिन किया जाएगा और शनिवार को भी खरीदी केंद्र खुले रहेंगे। इससे खरीदी प्रक्रिया में तेजी आएगी और किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

गेहूं खरीदी लक्ष्य में बड़ा इजाफा

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन हुआ है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से खरीदी लक्ष्य बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। अब गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। उन्होंने इसे किसानों की मेहनत का सम्मान बताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इस फैसले से लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

भू-अर्जन में किसानों को चार गुना मुआवजा

मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण (भू-अर्जन) को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब किसानों को उनकी जमीन के बदले चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय किसानों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। यह कदम विशेष रूप से उन किसानों के लिए राहत भरा है जिनकी जमीन विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाती है।

दलहन-तिलहन को बढ़ावा, उड़द पर बोनस

सरकार दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी सक्रिय कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी और किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जाएगा। वहीं सरसों के लिए भावांतर योजना लागू होने से किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं। इससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आय के स्रोत बढ़ेंगे।

दिन में मिलेगी सिंचाई के लिए बिजली

कृषि क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण सुधार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को अब रात के बजाय दिन में सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही ‘कृषक मित्र योजना’ के तहत किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसान ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनेंगे और बिजली की समस्या से राहत मिलेगी।

मध्यप्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की पहल

मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए चल रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया जा चुका है और दूध उत्पादकों को 1600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसानों की आय में अतिरिक्त बढ़ोतरी हो रही है।

“सच्चा वादा और पक्का काम” सरकार का संकल्प

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पूरा मध्यप्रदेश उनका परिवार बन गया है और प्रदेशवासियों का सुख-दुख ही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के तेजी से विकास का दावा करते हुए कहा कि किसान इस विकास की सबसे मजबूत कड़ी हैं।उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के हितों के लिए लगातार काम करती रहेगी। “सच्चा वादा और पक्का काम” उनकी सरकार का संकल्प है और किसानों से किए गए वादों को पूरा करना उनकी प्राथमिकता है।

विकसित मध्यप्रदेश 2047 की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध किसान ही विकसित मध्यप्रदेश 2047 की नींव रखेंगे। पिछले दो वर्षों में सरकार ने किसानों के साथ जो भरोसे का रिश्ता बनाया है, उसे आगे भी मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि ही राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और सरकार हर संभव प्रयास करेगी कि किसानों को बेहतर सुविधाएं, उचित मूल्य और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं को किसानों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। स्लॉट बुकिंग की अवधि बढ़ाना, गेहूं खरीदी लक्ष्य में वृद्धि, भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा, और दलहन-तिलहन को बढ़ावा देने जैसे फैसले किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम हैं।सरकार का फोकस स्पष्ट रूप से किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर है। आने वाले समय में इन योजनाओं का जमीनी असर किस तरह दिखाई देता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा, लेकिन फिलहाल इन घोषणाओं ने किसानों के बीच सकारात्मक माहौल जरूर बनाया है।

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