G News 24 : CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान,कंचन बाई के परिवार को मिलेगी 4 लाख की आर्थिक सहायता !

रसोईया की दुखद मौत  के कारणों को स्थानीय जिला प्रशासन ने नकारने का किया था प्रयास  ...

CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान,कंचन बाई के परिवार को मिलेगी 4 लाख की आर्थिक सहायता !

नीमच में आंगनबाड़ी सहायिका कंचन बाई मेघवाल ने मधुमक्खियों के हमले के बच्चों को बचाने के लिए खुद हजारों डंक झेले. मधुमक्खियों के हमले से घायल कंचन बाई की इलाज के दौरान मौत हो गई. इस दुख घटना पर सीएम मोहन यादव ने शोक जताते हुए परिवार को 4 लाख रुपए की सहायाता और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा की है. वहीं, विभाग ने उसकी बहादुरी को नकार दिया था। फजीहत के बाद उस खंडन को डिलीट कर दिया गया। सीएम मोहन यादव ने मुआवजे की घोषणा की है।

नीमच जिले में आंगनवाड़ी केंद्र के 20 बच्चों को मधुमक्खियों के हमले से बचाकर खुद जान गंवाने वाली महिला कंचनबाई मेघवाल की वीरता पर राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने उन्हें नमन किया है। दीया कुमारी ने कहा है कि कंचन बाई का यह बलिदान हर महिला की करुणा, साहस और अदम्य शक्ति को उजागर करता है। दूसरी ओर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने भी कंचनबाई की वीरता को सलाम करते हुए बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा की मांग की है। सीएम डॉ मोहन यादव ने परिवार को 4 लाख आर्थिक सहायत देने की घोषणा की है।

आर्थिक सहायता देने के साथ सीएम मोहन यादव ने उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाने का भरोसा दिलाया. सीएम ने कहा कि इस कठिन समय में सरकार कंचन बाई के परिवार के साथ है. सीएम ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा कि, 'नीमच जिले के ग्राम रानपुर में मधुमक्खियों के डंक से आंगनवाड़ी में कार्यरत बहन कंचन बाई मेघवाल का असमय निधन अत्यंत दुखद व हृदयविदारक है. प्रदेश सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार के साथ है. इस घटना में मानवीय आधार पर मैंने कंचन बहन के परिवार को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिये हैं. उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी.'

बता दें कि पूरी घटना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे जावद विकासखंड ब्लॉक की मादवड़ा ग्राम पंचायत के रनपुर गांव की है. यहां आंगनबाड़ी सेंटर के बाहर बच्चों पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया. इस घटना से अफरा-तफरी मच गई. बच्चों को बचाने के लिए कंचन बाई ने चटाई और कंबल से ढका और उन्हें सुरक्षित जगह पर ले जाने की कोशिश करने लगीं. बच्चों की जान तो बच गई, लेकिन उन पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया.

रसोईया की दुखद मौत  के कारणों को स्थानीय जिला प्रशासन ने नकारने का किया था प्रयास  ...

मध्यप्रदेश के नीमच जिले में आंगनवाड़ी में कार्यरत रसोईया की दुखद मौत के मामले में स्थानीय जिला प्रशासन ने मौत के कारणों को छिपाने का प्रयास किया है। जनसंपर्क अधिकारी द्वारा एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि कंचनबाई की मृत्यु आंगनवाड़ी के बच्चों को बचाने में नहीं हुई है। जैसे ही प्रशासन द्वारा यह प्रेस नोट जारी किया तो बवाल मच गया। स्थानीय प्रशासन की कड़े शब्दों में निंदा हुई और बात भोपाल तक पहुंची। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को एक्स और फेसबुक पर पोस्ट अपलोड की है। इसमें बताया गया कि सरकार बहन कंचनबाई के परिजनों के साथ खड़ी है।

मध्यप्रदेश के नीमच में बीते दिनों एक घटना हुई थी, जिसमें जिले के रानपुर गांव में मधुमक्खियों के हमले से बचाते-बचाते आंगनवाड़ी केंद्र रानपुर में खाना बनाने वाली कंचनबाई खुद मौत का शिकार बन गई। यह खबर जब मीडिया पर उछली तो स्थानीय महिला बाल विकास के अधिकारियों ने मौत के कारणों पर पर्दा डालने की कोशिश की और बताया गया कि कंचनबाई की मृत्यु आंगनवाड़ी के बच्चों को बचाने के दौरान नहीं हुआ है। जैसे ही जिला प्रशासन के इस नकारने वाले प्रेस नोट की सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी और मामला प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंचा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस संवेदनशील मामले में तुरंत एक्शन लिया है।

अंतिम श्रद्धांजलि और शांति की कामना

कंचन बाई की इस दर्दनाकक मौत से परिवार और समाज को गहरा सदमा लगा है. सरकार और समाज दोनों ने इस योगदान को याद किया और कहा कि ईश्वर उनके परिवार को यह दुख सहने की क्षमता दे, और मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लिखा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और परिवार को इस कठिन समय में साहस प्रदान करें. ॐ शांति...

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