5 दशकों से अधिक समय तक महापाैर की कुर्सी पर रहा भाजपा का कब्जा…

57 साल बाद बदला नगर सरकार का इतिहास, कांग्रेस की शाेभा सिकरवार बनीं नई महापाैर

ग्वालियर में हाल ही में नगर निगम चुनाव निपटे हैं। शहर की नई महापाैर के रूप में जनता ने कांग्रेस की शाेभा सिकरवार काे चुना है। 57 साल बाद नगर सरकार का इतिहास बदला है, क्याेंकि इतने समय तक महापाैर की कुर्सी पर भाजपा का कब्जा रहा है। हालांकि इस बार मेयर जरूर बदल गए हैं, लेकिन पार्षदाें की संख्या भाजपा की ज्यादा है। ऐसे में मेयर एवं एमआइसी जरूर कांग्रेस की हाेगी, लेकिन नगर निगम परिषद में बहुमत भाजपा का रहेगा। अब दाेनाें ही दलाें का पूरा फाेकस सभापति की कुर्सी पर है। ग्वालियर के पहले महापाैर विष्णु माधव भागवत थे।

अब तक काैन-काैन रहा महापाैर -

  • विष्णु माधव भागवत 14 नवंबर 1959 से 30 अक्टूबर 1957 तक
  • सैयद हामिद अली शाह 4 अप्रैल 1958 से 3 अप्रैल 1959 तक
  • राजा पंचम सिंह पहाड़गढ़ 4 अप्रैल 1959 से 3 अप्रैल 1960 तक
  • मेजर करतार सिंह 5 जनवरी 1961 से 3 अप्रैल 1961 तक
  • डा रघुनाथ राव पापरीकर 4 अप्रैल 1961 से 3 अप्रैल 1962 तक
  • चिमन भाई माेदी 4 अप्रैल 1962 से 3 अप्रैल 1963 तक
  • सैयद हामिद अली 8 अगस्त 1963 से 3 अप्रैल 1964 तक
  • मेजर करतार सिंह 4 अप्रैल 1964 से 3 अप्रैल 1965 तक
  • विष्णु माधव भागवत 4 अप्रैल 1965 से 30 जनवरी 1966 तक
  • नारायण कृष्ण शेजवलकर 22 मार्च 1969 से 21 मार्च 1970 तक
  • नारायण कृष्ण शेजवलकर 22 मार्च 1970 से 21 मार्च 1971 तक
  • पं रामअवतार शर्मा 22 मार्च 1971 से 21 मार्च 1972 तक
  • भारत भूषण भार्गव 22 मार्च 1972 से 21 मार्च 1973 तक
  • माधव शंकर इंदापुरकर 22 मार्च 1973 से 21 सितंबर 1973 तक
  • माधव शंकर इंदापुरकर 5 अगस्त 1983 से 4 अगस्त 1984 तक
  • डा धर्मवीर 5 अगस्त 1984 से 4 अगस्त 1985 तक
  • रमाशंकर भाऊ 5 अगस्त 1985 से 4 अगस्त 1986 तक
  • जगदीश गुप्ता 5 अगस्त 1986 से 4 अगस्त 1987 तक
  • अरूण सैन्या 5 जनवरी 1995 से 4 जनवरी 2000 तक
  • पूरन सिंह पलैया 7 जनवरी 2000 से 9 जनवरी 2005 तक
  • विवेक नारायण शेजवलकर 10 जनवरी 2005 से 9 जनवरी 2010 तक
  • समीक्षा गुप्ता 10 जनवरी 2010 से 10 जनवरी 2015
  • विवेक नारायण शेजवलकर 2015 से 2020 तक