विभाग द्वारा मादक पदार्थ की तस्करी को रोकने के हर संभव प्रयास जारी…

5 राज्यों के चुनावों को लेकर केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो भी सतर्क : राजेश फतेसिंह ढाबरे

 

ग्वालियर। केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के आयुक्त राजेश फतेसिंह ढाबरे ने कहा है कि देश में पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा के चुनावों में मादक पदार्थों की अवैध परिवहन सहित बेचने वालों के विरूद्ध विभाग ने तेजी से कदम उठाये हैं। विभाग द्वारा मादक पदार्थ की तस्करी को रोकने के हर संभव प्रयास कर अपने मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया है।  वहीं मादक पदार्थ को डार्कनेट पर बेचे जाने के विरूद्ध भी विभाग ने प्रभावी कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। नारकोटिक्स कमिश्रर राजेश फतेसिंह ढाबरे  ने आज यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो पूरे देश में मादक पदार्थों के लिए एक एजेंसी हैं जो जहां अवैध रूप से मादक पदार्थ को बेचने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करता है वहीं मादक पदार्थों के उपचार सहित अन्य कामों लिए लायसेंस भी प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि २९ जनवरी २२ को राजस्थान के चित्तोडगढ के नीम बहेडा तहसील के श्रीपुरा गांव से ३४ बैग में लगभग ६०० किलोग्राम डोडा चूरा के साथ ढाई लाख रूपये नगद एक महिन्द्रा पिकअप वैन को भी पकडा है।

इसी के साथ नौ जनवरी २२ को उत्तर प्रदेश में एसटीएफ बरेली के साथ एक कार्रवाई की है। इसमें पांच किलो तीन सौ ग्राम अफीम के साथ झारखंड के तीन लोगों को पकडा है। वहीं मध्यप्रदेश की एक यूनिट ने ११ जनवरी २२ को ११०८ किलोग्राम डोडा चूरा और ६५० ग्राम अफीम को चित्तौडगढ़ राजस्थान से पकडा है। वहीं २१ जनवरी २२ को दो किलो सौ ग्राम अफीम तीस किलो डोडा चूरा के साथ डेढ लाख रूपये नगद के साथ एक व्यक्ति को पकडा है। इसकी मौके पर ही जांच की गई जो अफीम ही पाई गई । उन्होने बताया कि २०२१ के अक्टूबर माह की २७ तारीख को उत्तर प्रदेश के जालौन के आटा टोल प्लाजा से नौ किलोग्राम हेरोइन के साथ पकडा है। जो व्यक्ति इसका परिवहन कर रहा था उसने ट्रक की स्टेपनी में हेरोइन को छुपाकर रखा था। यह हेरोइन इम्फाल मणिपुर से प्रतापगढ राजस्थान जा रही थी।

इस कार्रवाई में दो आरोपियों को भी पकडा गया है। यह मामला अभी जांच में चल रहा है। नारकोटिक्स कमिश्रर राजेश फतेसिंह ढाबरे  ने बताया कि वर्ष २०२१ में विभाग द्वारा ४७ मामलों में ५६ लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड कर उनके विरूद्ध कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि २०२१ में ६२.५५ किलोग्राम अफीम, ब्लेक पोपी सीड कन्टेंनिंग अफीम १७५५७ किलोग्राम, हेरोइन .८३० किलोग्राम, डोडा चूरा २९४५४ किलोग्राम, कैनाबीस ६९८ .२५० किलोग्राम, अवैध रूप से अफीम की खेती ३७८०० वर्गमीटर एरिया से, एसिटिक एनहाइड्राइड २४०५० लीटर, एमडी पाउडर १३.३९० किलोग्राम साइकोट्रोपिक इन्जेक्शन और गोलियां .२९.६४२ को पकडा गया है। उन्होंने बताया कि इन मादक पदार्थों को अलग अलग नामों से डिजिटल मीडिया पर बेचा जा रहा है इसके विरूद्ध उनका विभाग अब सक्रिय होकर डार्कनेट में भी भीतर घुसकर जांच कर रहा है।

वहीं एमेजोन और फिल्पकार्ट जैसी कंपनियों सहित अन्य लोगों को जो मादक पदार्थो का अवैध परिवहन दूसरे नामों से कर लोगों तक पहुंचा रही है उनके साथ सेमीनार कर उन्हें समझाया जा रहा है कि यदि अब उनके द्वारा इन प्रतिबंधित पदार्थो का परिवहन आपके द्वारा किया गया तो आपके वरिष्ठ अधिकारी जहां तक सीईओ को भी एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में पकड कर कडी सजा दिलाई जाएगी। ज्ञातव्य है कि एनडीपीएस एक्ट को १९८५ में और अधिकार देने के बाद से अफीम की खेती का सुपरवीजन और लायसेंस का कार्य केन्द्रीय नारकोटिक्स विभाग कर रहा है। ब्यूरो के मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश राजस्थान में बने कानून को बढाकर ब्यूरो को पूरे देश भर के लिये एनडीपीएस एक्ट को और मजबूत किया गया है। ब्यूरो की पांच, शाखाएं मध्यप्रदेश के नीमच में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में, चैन्नई मेंं और कोलकता में हैं। पत्रकार वार्ता में डिप्टी कमिश्रर नारकोटिक्स हेमंत हिंगोनिया बीएस कुमार अधीक्षक नारकोटिक्स आदि मौजूद थे।