बेखौफ वसूली कर रहे थे पुलिसकर्मी फिर...

ट्रक क्लीनर बनकर पहुंचे IPS से पुलिसकर्मी ने मांगे पैसे

ग्वालियर। नायक फिल्म के एक सीन में मुख्यमंत्री बने अनिल कपूर नकली ड्राइवर बनकर टोल प्लाजा पर पहुंचते हैं. जहां वे टोल प्लाजा पर अवैध वसूली करने वाले अधिकारियों को गिरफ्तार करवाते हैं. ये तो थी रील लाइफ की बात, लेकिन ग्वालियर में रीयल लाइफ में ही कुछ इसी तरह का मामला सामने आया है.  जहां एक आईपीएस अधिकारी ट्रक क्लीनर बनकर चेकिंग प्वाइंट पर पहुंचे तो मौके पर तैनात पुलिसकर्मी ने उनसे रिश्वत मांग ली. दरअसल, ग्वालियर के एसपी अमित सांघी के पास शहर में बढ़ती अवैध वसूली की खबरें लगातार पहुंच रही थी. पुलिस ने कई बार कार्रवाई भी की लेकिन वसूली की शिकायतें कम नहीं हुई. 

ऐसे में शिकायतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एसपी ने मामले की जांच करने के निर्देश ग्वालियर के पनियार थाने में पदस्थ प्रशिक्षु आईपीएस मोती-उर-रहमान को दी. जिसके बाद आईपीएस खुद ट्रक क्लीनर बनकर हकीकत जानने पहुंच गए. आईपीएस मोती उर रहमान ने बताया कि वे एक ट्रक में सवार होकर ग्वालियर के विक्की फैक्ट्री चौराहे पर पहुंचे, जहां चेकिंग पॉइंट पर मौजूद पुलिकर्मी ने उनका ट्रक रोककर वसूली के लिए ट्रक के अंदर हाथ बढ़ा दिया. जैसे ही पुलिसकर्मी ने पैसे मांगे तो आईपीएस मोती उर रहमान ट्रक से नीचे उतर आए. आईपीएस अधिकारी को सामने देख वहां वसूली कर रहे पुलिसकर्मियों के हाथ पैर फूल गए. 

आईपीएस मोती उर रहमान ने जी मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ से फोन पर बातचीत में बताया कि रात करीब 12.30 बजे वे विक्की फैक्ट्री चौराहे पर पहुंचे थे, जहां सत्यवान सिंह, रविन्द्र कुशवाह, थान सिंह यादव और मुकेश शर्मा नाम के चारों आरक्षक यहां से गुजर रहे सभी वाहनों से अवैध वसूली करने में लगे थे. जब उनसे भी वसूली करने की कोशिश की गयी तो पूरे मामले का खुलासा हुआ. जिसके बाद चारों की जानकारी रात में ही ग्वालियर एसपी अमित सांघी को दी. जैसे ही अवैध वसूली की जानकारी आईपीएस ने एसपी को दी तो उन्होंने झांसी रोड थाने में पदस्थ चारों आरक्षकों को सस्पेंड कर लाइन अटैच कर दिया है.