तीन शहरों में हालत चिंताजनक…
प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 19 हजार के पार

मध्य प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर अब 19 हजार के पार पहुंच गई है। ग्वालियर में कर्फ्यू लगाया गया है। इंदौर और भोपाल में हालत ठीक नहीं हैं। लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नहीं देखे जा रहे हैं। पूरे प्रदेश के हर जिले में भीड़भाड़ देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से तेजी से मिल रहे मामलों के चलते एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़ी है, जो आज बढ़कर 4757 तक पहुंच गई। वहीं 10 नई मौतें दर्ज हुईं। अब तक 673 लोगों की मौत हो चुकी है। 

मंगलवार को पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा 190 मरीज ग्वालियर में मिले। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना में हुई है। अभी इंदौर में 1100, जबकि भोपाल में करीब 900 एक्टिव केस हैं। 52 जिलों में से केवल पन्ना ही एक मात्र ऐसा जिला है, जहां एक भी एक्टिव केस नहीं है। राहत की बात ये है कि जिस तेजी से संक्रमण बढ़ रहा है, उसी रफ्तार से मरीज ठीक भी हाे रहे हैं। कुल 19005 मरीजों में से अब तक 71 फीसदी ठीक हो चुके हैं। राजधानी में मंगलवार को 87 नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं। अब कुल संक्रमितों की संख्या 4013 हो गई है। वहीं इंदौर में 93 नए मरीज मिले। 5 की मौत हो गई।

भोपाल - राजधानी में पहले दो हजार मरीज 80 दिन में मिले थे, जबकि इसके बाद के दो हजार महज 35 दिन में सामने आए हैं। अनलॉक-2 एक जुलाई से हुआ था, तब से अब तक 14 दिन में ही एक हजार मरीज मिल चुके हैं। 30 जून को शहर में कुल संक्रमितों की संख्या 3029 थी, जो अब बढ़कर 4013 पर पहुंच गई है। इससे पहले एक हजार मरीज बढ़ने में 21 दिन लगे थे। 9 जून को 2053 मरीज थे, इसके बाद के 21 दिनों में 976 मरीज बढ़े थे।

इंदौर - शहर पूरी तरह खुलने के बाद कोरोना मरीजों के बढ़ने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में 93 नए मरीज मिले, जबकि 5 की मौत हो गई। एक दिन में मिले मरीजों के लिहाज से ये जून और जुलाई में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। हालांकि 3158 सैंपल्स की जांच भी हुई, इनमें 3039 की रिपोर्ट निगेटिव आई। यानी पॉजिटिव रेट 2.94 के आसपास ही रहा। इधर, जून के मुकाबले जुलाई में ज्यादा ही मरीज मिल रहे हैं। जुलाई के शुरुआती 9 दिन में 353 मरीज मिले तो हाल के 5 दिन में ही 409 मरीज मिल चुके हैं। 14 दिन में 762 मरीज सामने आए हैं। अब तक 4074 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, 1144 (एक्टिव मरीज) का इलाज चल रहा है।

ग्वालियर - शहर में एक बार फिर मंगलवार शाम 7 बजे से कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। हालात नियंत्रित रहे तो ये व्यवस्था 21 जुलाई तक लागू रहेगी। यदि इतने दिनों में संक्रमण की चेन नहीं टूटी तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।  इससे पहले 24 से 26 मार्च तक के लिए कर्फ्यू लगाया गया था, जब ग्वालियर में पहला कोरोना संक्रमित मिला था। जिले में मरीजों की संख्या 1273 पर पहुंच चुकी है। कोरोना संक्रमण के मामले में इंदौर, भोपाल के बाद ग्वालियर तीसरे नंबर पर है। ऐसे में काेरोना संक्रमण की चेन की तोड़ना जरूरी है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के मुताबिक संक्रमण की चेन तोड़ने का एक ही रास्ता है कि लोग अपने घरों में रहें और उन सभी पाबंदियों का पालन करें, जो संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी है।