भारत ने एलएसी पर की स्थिति बहाल करने की मांग...
फिंगर एरिया से पूरी तरह पीछे हटने को तैयार नहीं चीन

भारत-चीन के बीच लगातार कम होते तनाव के बीच चीन ने एक बार फिर अड़ियल रवैया अपना लिया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, चीन फिंगर एरिया से पूरी तरह पीछे हटने को तैयार नहीं है। दोनों देशों के बीच चल रही मिलिट्री लेवल की बातचीत में चीन ने फिंगर एरिया से पूरी तरह पीछे हटने से इनकार कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, चीन बाकी विवादित क्षेत्रों से पीछे हटने को तैयार है। वहीं, भारत ने कड़े शब्दों में एलएसी पर अप्रैल-मई की स्थिति बहाल करने की मांग की है। 

लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह सहित कोर कमांडर स्तर के अधिकारियों की बैठक करीब 15 घंटे तक चली। बैठक 14 जुलाई सुबह साढ़े 11 बजे शुरू हुई, जो कि देर रात 2 बजे समाप्त तक चली। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देश अब सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। दोनों देश 21-22 जुलाई तक यहां होने वाले डेवलपमेंट की समीक्षा करेंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे शुक्रवार को लेह जाएंगे। वहां पर वे पूर्वी लद्दाख में सुरक्षा हालातों की समीक्षा करेंगे। 

इस दौरान रक्षा मंत्री सेना के बड़े अफसरों के साथ हाई लेवल मीटिंग भी कर सकते हैं। गलवान में भारत-चीन के सैनिकों में हिंसक झड़प हुई थी गलवान में चीनी सैनिकों ने भारतीय जवानों पर कंटीले तारों से हमला किया था, जिसमें 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, चीन के 40 से ज्यादा जवान भी मारे गए थे। हालांकि, चीन ने ये कबूला नहीं था। भारत-चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच 3 बार मेजर जनरल स्तर बातचीत हुई। इसमें किस मुद्दे पर बात हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आ पाई।