वित्त मंत्रालय द्बारा...
कानूनों में किये जा रहे संशोधनों पर
चेम्बर भेजेगा अपनी आपत्तियां एवं सुझाव

ग्वालियर। वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्बारा व्यवसायिक सुधार एवं न्यायालयों में बढते मामलों को को दृष्टिगत रखते हुए १९ कानूनों में सुधार हेतु सुझाव चाहे गये हैं| इन पर विचार-विमर्श हेतु आज एक बैठक म.प्र. चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री में सायंकाल ५.०० बजे आयोजित की गई| बैठक में वरिष्ठ अभिभाषक- विनोद भारद्बाज, प्रशांत शर्मा, सीए-दीपक वाजपेयी, मनीष गोयल, आदित्य गंगवाल सहित चेम्बर पदाधिकारी उपस्थित थे| बैठक के प्रारंभ में चेम्बर अध्यक्ष-विजय गोयल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि वित्त मंत्रालय द्बारा धारा-१३८ जैसे कानून जो कि पब्लिक को सबसे ज्याद इफेक्ट करते हैं एवं १८ अन्य कानूनों में सरकार संशोधन करने जा रही है, जिन पर २३ जून तक सुझाव प्रेषित किये जाने हैं| इस उद्देश्य से ही इस बैठक का आयोजन किया गया है| संयुक्त अध्यक्ष प्रशांत गंगवाल ने कहा कि यह एक अच्छा अवसर है हमें वित्त मंत्रालय को एक-एक बिन्दु पर सुझाव देना चाहिए ताकि सरकार द्बारा प्रस्तावित संशोधन व्यापारिक हित में रहें| 

मानसेवी सचिव-डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि धारा-१३८ के प्रकरणों में रकम वसूली में ज्यादा समय लगता है इसलिए जल्दी रिकवरी कैसे हो, इसलिए इसका सरलीकरण होना चाहिए| यदि हस्ताक्षर के कारण चैक बाउंस हुआ है तो उसे १० दिवस का समय ठीक करने हेतु दिया जाना चाहिए| आपने कहा कि इस चेम्बर को यदि आप सभी १८ बिन्दुओं पर सुझाव १८ जून तक  दे देंगे तो हम इन सुझावों को मध्यप्रदेश के समस्त चेम्बर ऑफ कॉमर्स, फेडरेशन भोपाल एवं फिक्की के माध्यम से भी प्रेषित करवायेंगे ताकि संशोधन कारोबारियों के पक्ष में हो| कोषाध्यक्ष-वसंत अग्रवाल ने कहा कि इस पर ज्यादा से ज्यादा सुझाव एवं आपत्तियां प्रेषित की जाना चाहिए| शहर के विभिन्न एसोसिएशनों के माध्यम से भी यह सुझाव प्रेषित किये जाना चाहिए| 

गौरतलब है कि वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्बारा इन्श्योरेंस एक्ट १९३८, पीएफआरडीए एक्ट २०१३, आरबीआई एक्ट १९३४, पेमेंट एंड सेटमेंट सिस्टम एक्ट २००७, नाबार्ड एक्ट १९८१, एनएचबी एक्ट १९८७, स्टेट फाइनेंशियल कारपोरेशन एक्ट १९५१, क्रेडिट इंफॉरमेंशन कम्पनीज रेगुलेशन एक्ट २००५, रेगुलेशन एक्ट २०११, एलआईसी एक्ट १९५६, निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट १८८१ की धारा-१३८, प्राइज चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन सहित १९ कानूनों की विभिन्न धाराओं में संशोधन हेतु सुझाव २३ जून तक चाहे गये हैं| वरिष्ठ अभिभाषक विनोद भारद्बाज ने कहा कि सरकार ने इन संशोधनों के पीछे क्या कारण हैं यह नहीं बताया है लेकिन हमें इस पर सुझाव भेजना चाहिए ताकि संशोधन देश की जनता के हित में आयें| सीए दीपक वाजपेयी ने कहा के हमें १९ बिन्दुओं पर सुझाव भेजना है और २३ जून तक काफी समय हमारे पास है, हम सभी मिलकर इस पर स्टडी करके सुझाव प्रेषित करेंगे| 

वरिष्ठ अभिभाषक प्रशांत शर्मा ने कहा कि किसी व्यक्ति को अपने जरूरत या व्यापार के लिए पैसा चाहिए तो वह चैक की सिक्योरिटी देकर आसानी से मिल रहा है और रकम की सुरक्षा के लिए जो वर्तमान प्रावधान है, वह उचित हैं| बाकी अन्य बिन्दुओं पर शीघ्र ही स्टडी करके चेम्बर को सुझाव देंगे| सीए मनीष गोयल ने कहा कि धारा-१३८ पब्लिक को हैवीली इफेक्ट करती है, इसलिए इस पर सुझाव चाहे गये हैं| कई लोग सिक्योरिटी के लिए चैक लेते हैं ताकि मेलाफाइड इंटेशन होने पर रकम सुरक्षित हो सके| सीए आदित्य गंगवाल ने कहा कि जो एमेंडमेंट प्रस्तुत किये गये हैं वह डिटेल में नहीं दिये गये हैं, इसलिए इस पर स्टडी करने के बाद ही सुझाव दिये जायेंगे| सरकार एफडीआई को आसान बनाने के लिए यह संशोधन लेकर आई है| कानून से संबंधित एक्ट पर अभिभाषकगण एवं कंपनीज संबंधी मामलों पर चार्टर्ड एकाउंटेंट्स द्बारा १८ जून तक चेम्बर को सुझाव प्रेषित करेंगे| चेम्बर इन सुझावों को वित्त मंत्रालय को प्रेषित करेगा| साथ ही, प्रदेश के विभिन्न चेम्बर्स, फेडरेशन भोपाल एवं फिक्की नई दिल्ली के माध्यम से सुझाव प्रेषित कराये जायेंगे|