दिल्ली में ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर डबल डेकर फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं...
दिल्ली का पहला डबलडेकर मेट्रो फ्लाईओवर तैयार, यमुना विहार-भजनपुरा से सिग्नेचर ब्रिज तक कनेक्टिविटी !
नई दिल्ली दिल्ली का पहला डबल डेकर मेट्रो फ्लाईओवर तैयार हो गया है. दिवाली बाद दिसंबर 2026 तक ये पहला डबल-डेकर मेट्रो-फ्लाईओवर चालू हो जाएगा और यमुना पार के लोगों को तेज रफ्तार आवाजाही मिलेगा. बारापुला फ्लाईओवर के बाद ये दिल्लीवासियों के लिए नई सौगात होगी.दिल्ली सरकार और दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (DMRC) ने यमुना विहार और भजनपुरा के बीच दिल्ली का पहला अनूठा डबल-डेकर मेट्रो-फ्लाईओवर बनाया है. दिल्ली सरकार ने 291 करोड़ रुपये इस पर खर्च किए हैं.इसका 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. दिल्ली में इसके अलावा साकेत, आजादपुर और रोहिणी से बवाना के बीच तीन डबल डेकर फ्लाईओवर और बन रहे हैं,
दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन फेज-4 कॉरिडोर
घनी आबादी वाले उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अलग से मेट्रो ट्रैक और सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन नहीं थी. लिहाजा खर्च और समय बचाने के लिए ये डबल डेकर मेट्रो फ्लाईओवर बनाया गया है.इसमें एक ही कंक्रीट पिलर दो मंजिला ढांचा खड़ा किया गया है.लोअर डेक यानी महिली मंजिर पर 4 से 6 लेन का फ्लाईओवर बन रहा है, जो कारों, बसों और दोपहिया वाहनों के लिए होगा.ऊपर लेवल पर मेट्रो कॉरिडोर होगा और दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन (फेज-4) की मेट्रो यहां दौड़ेगी. इस डबल डेकर फ्लाईओवर से करीब 180 करोड़ रुपये की बचत हुई है.
यमुना विहार और भजनपुरा मेट्रो स्टेशनों के बीच
यह 1.4 किलोमीटर लंबा डबल-डेकर कॉरिडोर नार्थ ईस्ट दिल्ली के सबसे बिजी मंगल पांडे मार्ग पर बन रहा है. ये यमुना विहार और भजनपुरा मेट्रो स्टेशनों के बीच है. यह फ्लाईओवर करावल नगर, घोंडा, बृजपुरी जंक्शन, चांदबाग और गोकुलपुरी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को कनेक्टिविटी मिलेगी. गोकुलपुरी से खजूरी खास से गुजरते हुए वजीराबाद रोड पर सिग्नेचर ब्रिज तक सिग्नल फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी. मौजपुर से मजलिस पार्क (12.5 किमी) के बीच पिंक लाइन मेट्रो कॉरिडोर का ये हिस्सा है. इससे पूरा पिंक लाइन रूट देश का सबसे लंबा रिंग कॉरिडोर बन गया है.
एलिवेटेड रूट पर डायवर्ट होगा ट्रैफिक
वजीराबाद रोड और मंगल पांडे का 70 फीसदी ट्रैफिक सीधे फ्लाईओवर से बाहर निकल जाएगा. लोकल ट्रैफिक ही नीचे दिखेगा, जिससे स्थानीय खरीदारों और पैदल चलने वालों को राहत मिलेगी और बाजार में चहल-पहल बढ़ेगी. चौराहों पर जाम भी कम होगा.
30 से 40 मिनट की बचत
करावल नगर, भजनपुरा जैसे एरिया भीषण ट्रैफिक जाम से जूझते रहे हैं. ये डबलडेकर फ्लाईओवर ये टेंशन दूर करेगा. स्थानीय बाशिंदों, ऑफिस जाने वाले और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉर्थ कैंपस के छात्रों का 30-40 मिनट बचेगा. इस कॉरिडोर से यमुना विहार बी-ब्लॉक), भजनपुरा, खजूरी खास और गोकुलपुरी जैसे इलाकों में रियल एस्टेट प्रॉपर्टी की मांग में उछाल आएगा. यहां सड़क चौड़ीकरण के लिए सैकड़ों घर गिराने या पेड़ काटने के बजाय वर्टिकल स्टैकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.
दिल्ली में 3 और डबलडेकर फ्लाईओवर...
1. साकेत से पुल प्रह्लादपुर
साकेत से पुल प्रह्लादपुर, तुगलकाबाद से दक्षिण दिल्ली एमबी रोड तक डबलडेकर फ्लाईओवर बन रहा है.एयरोसिटी से तुगलकाबाद (गोल्डन लाइन, सिल्वर लाइन मेट्रो) के रूट पर ये 2.4 किलोमीटर लंबा डबलडेकर फ्लाईओवर है. यह दिल्ली का सबसे लंबा डबल-डेकर वायाडक्ट पुल होगा. संगम विहार और अंबेडकर नगर मेट्रो स्टेशनों के बीच साकेत जी-ब्लॉक के पास महरौली-बदरपुर रोड पर ये बन रहा है. साकेत, खानपुर, देवली और संगम विहार जैसे भारी ट्रैफिक जाम वाले इलाकों को पार करने में सिर्फ 5 मिनट लगेगा. साकेत जी-ब्लॉक और बीआरटी कॉरिडोर पर अंडरपास भी होंगे.
2. आजादपुर से रानी झांसी रोड चौराहा
उत्तर-पश्चिम दिल्ली में आजादपुर से रानी झांसी रोड चौराहे तक जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग तक मैजेंटा लाइन एक्सटेंशन के रूट में भी 2.2 किमी लंबा डबलडेकर फ्लाईओवर बन रहा है. आजादपुर, डेरावल नगर और अशोक विहार के पास ये फ्लाईओवर है. जीटी करनाल रोड और मॉडल टाउन के पास बिजी चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा.
3. रोहिणी सेक्टर-34 से बवाना इंडस्ट्रियल एरिया
ये डबल-डेकर कॉरिडोर रिठाला से नरेला, बवाना मेट्रो रूट पर 1.3 किलोमीटर लंबा है. ये NH-344P के ऊपर रोहिणी सेक्टर-34 से बवाना इंडस्ट्रियल सेक्टर 1-2 के बीच बनेगा. इसमें नीचे सड़क पर नेशनल हाईवे, बीच में फ्लाईओवर और सबसे ऊपर बवाना की मेट्रो लाइन होगी.दिल्ली मेट्रो DMRC वजीराबाद, सिग्नेचर ब्रिज के पास सूरघाट में देश का पहला समानांतर रेल रोड फ्लाईओवर भी बना रही है. इसमें खंभों पर टिके 450 मीटर लंबे पुल पर मेट्रो लाइन और वाहन अगल-बगल चलते नजर आएंगे.




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