हिंदुत्व की पिच को नजरअंदाज करना किसी भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं है ...
चुनाव से पहले भगवान बने प्रचार का जरिया, कथाओं के जरिए भीड़ जुटा रहे नेता !
हिंदुत्व की पिच को नजरअंदाज करना किसी भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं है. यही कारण है कि बीजेपी के साथ-साथ दूसरे दल भी हिंदुत्व से अपना जुड़ाव दिखाने की कोशिश कर रहे हैं.उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन इस बार चुनाव की तैयारी में अलग ट्रेंड देखा जा रहा है. चुनावी मैदान में अभी रैलियों और जनसभाओं का दौर पूरी तरह शुरू नहीं हुआ, लेकिन धार्मिक आयोजनों के बड़े-बड़े पंडाल सजने लगे हैं.
बड़े-बड़े चुनावी प्रचार से अलग अब नेता धार्मिक प्रचार का सहारा ले रहे हैं. कथाओं में आने वाली भीड़ से अपने बाहुबल का परिचय दे रहे हैं, आयोजनों में सिर्फ श्रद्धालुओं की भीड़ ही नहीं जुट रही, बल्कि मंत्री, विधायक और राजनीतिक दलों से जुड़े नेता भी मंच पर नजर आ रहे हैं. वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि ये हिंदुत्व को जोड़ने का सबसे आसान तरीका है.
हिंदुओं को जोड़ने का आसान तरीका कथा
वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेंद्र शुक्ला ने बताया कि बीजेपी की बढ़त के बाद एक बात साफ तौर पर सामने आई है कि हिंदुत्व की पिच को नजरअंदाज करना अब किसी भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं है. यही कारण है कि बीजेपी के हिंदुत्व के फॉर्मूले के बीच दूसरे दल भी हिंदुत्व से अपने जुड़ाव को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. यही वजह है कि अब धार्मिक आयोजनों, कथा-सत्संग और दूसरे आध्यात्मिक कार्यक्रमों के जरिए सियासी जनसंपर्क का नया मॉडल देखने को मिल रहा है. खासतौर पर समाजवादी पार्टी भी इस दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है. पार्टी भले ही पीडीए के अपने राजनीतिक एजेंडे पर जोर देती हो, लेकिन साथ ही वह खुद को हिंदू विरोधी छवि से बाहर निकालने की कोशिश करती रही है.
पवन पांडे के यहां शामिल होंगे अखिलेश यादव
अयोध्या में समाजवादी पार्टी नेता पवन पांडे श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन करवा रहे हैं. अयोध्या में हो रही यह कथा इन दिनों सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा में है. राम मंदिर चोरी मामले के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कथा में शामिल होने के लिए पहली बार अयोध्या पहुंचेंगे.हालांकि, अखिलेश राम मंदिर या हनुमानगढ़ी दर्शन करने नहीं जाएंगे. यानी चुनाव से पहले सपा खेमे में भी धार्मिक आयोजन के मंच पर पार्टी के बड़े नेताओं की मौजूदगी दिखाई दे रही है.
कथा- सत्संग का इसलिए है सियासी महत्व
कथा और सत्संग जैसे आयोजनों का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इनके जरिए जातिगत समीकरणों से आगे जाकर लोगों को एक मंच पर जुटाया जा सकता है. किसी राजनीतिक रैली में अलग-अलग जातियों और वर्गों के लोगों की भागीदारी को सीधे राजनीतिक नजरिए से देखा जाता है, लेकिन धार्मिक आयोजन में परिवार, महिलाएं, बुजुर्ग और समाज के अलग-अलग वर्ग सहज तरीके से शामिल होते हैं. यही वजह है कि ऐसे आयोजनों के जरिए नेताओं को एक साथ कई फायदे मिल जाते हैं.
मनोज पांडेय के शिव महापुराण में पहुंचे थे सीएम
रायबरेली के ऊंचाहार में यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने 11 से 17 सितंबर तक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा का आयोजन करवाया था. इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सहित कई मंत्री और केंद्रीय मंत्री शामिल हुए थे. कथा से पहले कलश यात्रा निकाली गई थी जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई थी. साल 2027 विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले बड़े धार्मिक आयोजन ने चुनाव की हवा को और तेज कर दिया है. पूरी कथा में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय मनोज पांडे का कैबिनेट बैठक में हेलीकॉप्टर से शामिल होना था.
राजा भैया की कथा में पहुंचेंगे धीरेंद्र शास्त्री
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया नवंबर में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की रामकथा करवाने जा रही है. ये कथा तीन दिन चलेगी. हालांकि तारीखों का अभी ऐलान नहीं हुआ है. चर्चा है कि राजा भैया कथा के जरिए विधानसभा चुनाव से पहले अपना बाहुबल दिखाएंगे.
बृजभूषण शरण सिंह भी करवा चुके कथा
बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने जनवरी में गोंडा के कैसरगंज क्षेत्र में आठ दिवसीय 'राष्ट्र कथा' करवाई थी. 8 दिन की कथा में गोंडा और उसके आसपास के कई जिलों से लोग इसमें शामिल हुए थे. वहीं मंच पर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी देखा गया था. उनकी कथा के बाद राजनीतिक गलियां में चर्चा रही की इस कथा के जरिए उन्होंने अपने और आसपास के क्षेत्र में बाहुबल दिखाने का काम किया था.
परिवहन मंत्री ने कराई थी शिव महापुराण
उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी शिव महापुराण कथा करवरकर चर्चा में आए थे. यह कथा बलिया के बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में हुई थी. पंडित प्रदीप मिश्रा से कथा सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे. वही, बलिया की बांसडीह सीट से बीजेपी विधायक केतकी सिंह ने भी बेरूआरबारी क्षेत्र के भगवान दास मंदिर परिसर में श्रीराम कथा आयोजित करवाई थी.
लखनऊ में कथा में शामिल हुए थे रक्षा मंत्री
लखनऊ के उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक नीरज बोरा ने जून के महीने में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने रामकथा का आयोजन करवाया था. इस कथा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और लखनऊ सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए थे. नीरज बोरा ने कथा अपने विधानसभा क्षेत्र में करवाई थी.




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