कलेक्टर-एसपी को फरियादियों के सामने अधिकारियों को किया तलब...
कलेक्टर-एसपी से बोले सिंधिया“गाड़ी में मत बैठिए,आप दोनों मेरी ड्यूटी पर हैं”
गुना। गुना में जनसुनवाई के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कलेक्टर और एसपी की गैरमौजूदगी पर नाराज हो गए। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर बुलाकर कहा कि गाड़ी में न बैठें, वे उनकी ड्यूटी पर हैं। मोहन बारेला मामले में सिंधिया ने अधिकारियों से हादसे और पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली और मामले की जांच गंभीरता से करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में मोहन बारेला मामले की शिकायत पर भड़के सिंधिया ने कलेक्टर-एसपी को तुरंत बुलाया; बोले- “गाड़ी में मत बैठिए, आप दोनों मेरी ड्यूटी पर हैं”;फरियादियों के बीच रहकर सुनिए समस्याएं।
गुना। केंद्रीय संचार मंत्री और गुना सांसद सिंधिया के चार दिवसीय गुना दौरे के दौरान शुक्रवार को जनसुनवाई में उनके सख्त तेवर देखने को मिले। सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक संवेदनशील मामले को लेकर फरियादी सिंधिया के सामने पहुंचे। शिकायत सुनते हुए जब उन्होंने मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों से मामले की जानकारी लेने के लिए उन्हें बुलाने को कहा, तो कलेक्टर और एसपी की गैरमौजूदगी पर उन्होंने नाराजगी जताई।
सिंधिया ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर बुलाने के निर्देश दिए। रिपोर्टों के अनुसार, उस समय कलेक्टर और एसपी अपनी-अपनी गाड़ियों में थे। अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सिंधिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसुनवाई के दौरान उन्हें मौके पर मौजूद रहना चाहिए।
‘कलेक्टर कहां हैं? जल्दी बुलाओ...’
जनसुनवाई के दौरान सिंधिया एक-एक कर लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। इसी दौरान मोहन बारेला मामले से जुड़े परिजन अपनी शिकायत लेकर उनके सामने पहुंचे। परिवार ने मामले से संबंधित घटनाक्रम और अब तक हुई कार्रवाई को लेकर अपनी बात रखी।
शिकायत सुनने के बाद सिंधिया ने अधिकारियों से मामले की जानकारी लेने के लिए कलेक्टर और एसपी को बुलाने के निर्देश दिए। जब उन्हें बताया गया कि अधिकारी अपनी गाड़ियों में हैं, तो उन्होंने नाराजगी जताई।
सिंधिया ने अधिकारियों को मौके पर बुलाते हुए कहा, “गाड़ी में मत बैठिए, आप दोनों मेरी ड्यूटी पर हैं। गाड़ी में से नहीं बुलाना पड़े आपको, समझे आप दोनों?”
उनके निर्देश के बाद कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल समेत संबंधित अधिकारी जनसुनवाई स्थल पर पहुंचे। इसके बाद सिंधिया ने अधिकारियों से मामले की जानकारी ली और फरियादी परिवार की शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मोहन बारेला मामले में अधिकारियों से मांगी पूरी जानकारी
मोहन बारेला मामले को लेकर सिंधिया ने अधिकारियों से अब तक हुई कार्रवाई का ब्यौरा लिया। उन्होंने घटना से जुड़े तथ्यों, वाहन और हादसे की परिस्थितियों के बारे में जानकारी मांगी।
सिंधिया ने अधिकारियों से कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाए और पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में आने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और संबंधित अधिकारियों को उनकी शिकायतों पर जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए।
फरियादियों के सामने अधिकारियों की मौजूदगी पर जोर
जनसुनवाई में सिंधिया का जोर इस बात पर रहा कि जब आम लोग अपनी समस्या लेकर जनप्रतिनिधि के सामने पहुंचते हैं, तब संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौके पर मौजूदगी जरूरी है।
अधिकारियों को मौके पर बुलाने के दौरान सिंधिया के तेवर देखकर वहां मौजूद लोगों का ध्यान भी उनकी ओर गया। उन्होंने अधिकारियों से सीधे संवाद करते हुए शिकायत से जुड़े तथ्यों को समझा और आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी ली।
सिंधिया का यह दौरा चार दिनों का है। दौरे के दौरान जनसुनवाई के साथ-साथ क्षेत्र में विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
एक दिन पहले सिंधिया ने गुना में थीम रोड और सौंदर्यीकरण परियोजना का भूमिपूजन किया था। इस परियोजना की लागत करीब 30.47 करोड़ रुपये बताई गई है। परियोजना के माध्यम से शहर के सड़क और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की योजना है।सिंधिया ने दौरे के दौरान स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी अधिकारियों से जानकारी ली और विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की।
शुक्रवार की जनसुनवाई में कलेक्टर और एसपी को मौके पर बुलाकर सिंधिया ने प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। उनका कहना था कि जब उनकी मौजूदगी में लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं, तो संबंधित अधिकारियों को भी मौके पर रहकर शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
मोहन बारेला मामले में परिवार की शिकायत सुनने के बाद अधिकारियों से जानकारी लेने और जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में अधिकारियों को लगाई गई फटकार के बाद सिंधिया के सख्त तेवर चर्चा में रहे।




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