G News 24 : सिंधु जल संधि पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को भारत ने ठुकराया, तो हिना रब्बानी लगी मिर्ची !

सिंधु जल संधि पर फैसले के बाद जहर उगलने लगा PAK...

सिंधु जल संधि पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को भारत ने ठुकराया, तो हिना रब्बानी लगी मिर्ची !

सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद एक बार फिर तेज हो गया है. हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता अदालत यानी कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन की ओर से संधि को लेकर दिए गए फैसले के बाद पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने भारत के खिलाफ जहर उगला है. भारत ने इस फैसले को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि इस मध्यस्थता अदालत को भारत के संप्रभु फैसलों पर आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है.

हिना रब्बानी खार ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन की ओर से जारी मीडिया रिलीज को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए भारत के रुख की आलोचना की. उन्होंने कहा कि भारत के मनमाने कदम अंतरराष्ट्रीय कानून या किसी अदालत की जांच में टिक नहीं सकते. खार ने यह भी कहा कि सिंधु जल संधि को किसी एक देश की इच्छा से न तो रद्द किया जा सकता है और न ही खत्म किया जा सकता है. उन्होंने भारत से अपनी नीति पर दोबारा विचार करने की बात भी कही.

मध्यस्थता अदालत ने क्या कहा?

कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने भारत की ओर से सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले के अर्थ और उसके कानूनी आधार पर विचार किया. अदालत ने कहा कि उसके सामने मौजूद आधारों में से कोई भी संधि को निलंबित या समाप्त करने को सही नहीं ठहराता. अदालत के मुताबिक, सिंधु जल संधि अभी भी लागू है और भारत को इसके तहत तय अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना होगा.

भारत ने फैसले को मानने से किया इनकार

भारत के विदेश मंत्रालय ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के आदेश को खारिज कर दिया है. मंत्रालय का कहना है कि इस निकाय का गठन ही सिंधु जल संधि के प्रावधानों के खिलाफ हुआ है. इसलिए भारत ने इसके कानूनी अस्तित्व को कभी स्वीकार नहीं किया. भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि संधि को निलंबित रखने का उसका फैसला अभी भी प्रभावी है. भारत का कहना है कि पाकिस्तान जब तक सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने से विश्वसनीय और स्थायी रूप से पीछे नहीं हटता, तब तक संधि को निलंबित रखने का फैसला जारी रहेगा.

पहलगाम हमले के बाद भारत ने लिया था फैसला

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए थे. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला किया था. पाकिस्तान ने भारत के इस कदम को चुनौती देते हुए हेग स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का रुख किया. पाकिस्तान का कहना है कि संधि को भारत अपनी तरफ से एकतरफा तरीके से खत्म या निलंबित नहीं कर सकता. 

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