जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ...
जालंधर कोर्ट में पुलिस को देखते ही पहली मंजिल से कूदे दो वांछित गैंगस्टर, दोनों की टांगें टूटी !
जालंधर। जालंधर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अलग-अलग मामलों में वांछित दो शातिर Gangster (गैंगस्टर) पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए कोर्ट इमारत की पहली मंजिल से सीधे नीचे कूद गए। अचानक हुई इस घटना से कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों, याचिकाकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। भारी ऊंचाई से नीचे पक्के फर्श पर गिरने के कारण दोनों आरोपियों की टांगों में गंभीर फ्रैक्चर आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायल गैंगस्टरों को हिरासत में लेकर तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां भारी सुरक्षा बल के बीच उनका इलाज जारी है।
मंदिर में पत्थरबाजी मामले में थे वांछित
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी किसी अन्य पुराने मामले में कोर्ट में पेशी के सिलसिले में आए थे। इसी बीच पुलिस प्रशासन को गुप्त सूचना मिली कि प्रसिद्ध देवी तालाब मंदिर परिसर में लगभग एक माह पहले हुई हिंसक पत्थरबाजी और उपद्रव के मामले में वांछित दो मुख्य आरोपी कोर्ट परिसर में ही घूम रहे हैं। सूचना की पुष्टि होते ही थाना पुलिस और विशेष दस्ते की एक संयुक्त टीम दोनों को दबोचने के लिए कोर्ट कॉम्प्लेक्स पहुंची।
पुलिस को देखते ही मची भगदड़
जैसे ही पुलिस टीम ने कोर्ट परिसर में आरोपियों की घेराबंदी शुरू की, पुलिस बल को देखते ही दोनों आरोपियों के होश उड़ गए। खुद को घिरता देख दोनों ने भागने की नीयत से पहली मंजिल की ओर दौड़ लगा दी। पुलिस टीम ने भी बिना समय गंवाए उनका पीछा करना शुरू किया। जब आरोपियों को लगा कि वे सीढ़ियों या मुख्य रास्तों से बाहर नहीं निकल पाएंगे, तो उन्होंने पुलिस की पकड़ से बचने के लिए कोर्ट इमारत की पहली मंजिल की छत की बाउंड्री से सीधे नीचे मैदान में छलांग लगा दी।
ज़ोरदार धमाके के साथ नीचे गिरे आरोपी
अदालत परिसर की पहली मंजिल से कूदते ही दोनों आरोपी ज़ोरदार आवाज़ के साथ नीचे पक्के फर्श पर गिरे। अचानक हुई इस घटना से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग इधर-उधर भागने लगे। ऊंचाई अत्यधिक होने के कारण गिरते ही दोनों आरोपी दर्द से कराहने लगे। छलांग लगाने के कारण दोनों के पैरों में गहरी चोटें आई हैं और डॉक्टरों के अनुसार दोनों की टांगों की हड्डियां टूट चुकी हैं। पीछा कर रही पुलिस टीम ने बिना देर किए दोनों को मौके पर ही धर दबोचा और भागने का कोई भी मौका नहीं दिया।
कड़े पहरे में सिविल अस्पताल में इलाज जारी
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से दोनों घायल गैंगस्टरों को जालंधर के सिविल अस्पताल पहुंचाया। आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों की टीम ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों का कहना है कि दोनों आरोपियों के पैरों में मल्टीपल फ्रैक्चर हैं, जिसके चलते उनकी सर्जरी की जा सकती है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सिविल अस्पताल के मुख्य गेट और इमरजेंसी वार्ड के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि अस्पताल से सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच के आदेश
दिन-दिहाड़े कोर्ट परिसर जैसी अति-सुरक्षित जगह पर गैंगस्टरों द्वारा इस तरह से भागने का प्रयास करने और छत से छलांग लगाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट में मौजूद वकीलों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि पुलिस टीम मुस्तैद न होती, तो आरोपी परिसर से बाहर निकलने में कामयाब हो सकते थे। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट परिसर में भागने का प्रयास करने, सरकारी काम में बाधा डालने और देवी तालाब मंदिर मामले के तहत नई धाराएं जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, जिससे मंदिर परिसर में हुई पत्थरबाजी की घटना के अन्य आरोपियों और उनके नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।




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