35.94 करोड़ के अवार्ड पारित...
नेशनल लोक अदालत में 11000 से ज्यादा विवादों का हुआ निपटारा !
ग्वालियर। नेशनल लोक अदालत में शनिवार को ग्वालियर की विभिन्न अदालतों में 11,175 विवादों का निपटारा किया गया। इस दौरान 35.94 करोड़ रुपये से ज्यादा के अवार्ड पारित हुए। जिला न्यायालय से लेकर कुटुंब न्यायालय, श्रम न्यायालय, उपभोक्ता फोरम और डबरा-भितरवार की सिविल अदालतों तक कुल 73 खंडपीठें सक्रिय रहीं। जिला न्यायालय परिसर में सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित किशोर ने नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया।
दिनभर चली कार्यवाही में वर्षों से लंबित मामलों को आपसी सहमति और समझौते के आधार पर समाप्त किया गया। अदालतों में लंबित 1,221 मामलों का पक्षकारों की आपसी रजामंदी से निपटारा हुआ। इनमें आपराधिक मामले, चेक बाउंस से जुड़े एनआई एक्ट के मामले और पारिवारिक विवाद शामिल रहे। इन मामलों में 2.70 करोड़ रुपये के अवार्ड पारित किए गए। प्री-लिटिगेशन मामलों में भी बड़ी संख्या में विवादों का समाधान किया गया। बैंकों के बकाया, बिजली बिल और नगर निगम के पानी के बिल से जुड़े 9,954 मामलों का अदालत में मुकदमा पहुंचने से पहले ही समझौते के जरिए निपटारा कर दिया गया। इस श्रेणी में करीब 8.94 करोड़ रुपये के अवार्ड पारित हुए।
आयोजन के दौरान विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट नेहा शर्मा, प्राधिकरण सचिव पुष्पेंद्र सिंह, बैंक और फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधि, पैनल अधिवक्ता तथा पैरालीगल वॉलंटियर्स सक्रिय रहे। उन्होंने पक्षकारों को समझाइश देकर आपसी सहमति से विवादों के समाधान में मदद की। नेशनल लोक अदालत के जरिए बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा होने से पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली मुकदमेबाजी से राहत मिली। ऐसे मंच अदालतों पर लंबित मामलों का बोझ कम करने के साथ आम लोगों के समय और धन की भी बचत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




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