G NEWS 24 : नेपाल में भीषण बाढ़ की तबाही के बीच तिब्बत में फिर कांपी धरती !

5.3 की तीव्रता के भूकंप दहशत...

नेपाल में भीषण बाढ़ की तबाही के बीच तिब्बत में फिर कांपी धरती !

नेपाल में ग्लेशियर टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ से मची तबाही की तस्वीरें अभी धुंधली भी नहीं पड़ी हैं कि अब तिब्बत से भूकंप की खबर सामने आई है. बुधवार को तिब्बत में 5.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटकों से इलाके में दहशत का माहौल बन गया. यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक, भूकंप जमीन के भीतर करीब 35 किलोमीटर की गहराई में आया. ऐसे वक्त में जब नेपाल और तिब्बत का यह हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है, तिब्बत में आए इस भूकंप ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. हालांकि, अभी तक भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है.

नेपाल-तिब्बत का पहाड़ी इलाका पहले से ही एक बड़ी कुदरती आफत आपदा के असर से जूझ रहा है. 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर और चट्टानों का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरा था. इसके बाद भोटे कोशी नदी में अचानक पानी, बर्फ और मलबे का सैलाब आया, जिसने नेपाल के कई इलाकों के साथ-साथ तिब्बत के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी भारी तबाही मचाई. इस आपदा का असर इतना व्यापक रहा कि सड़कें, पुल, मकान और हाइड्रोपावर परियोजनाएं तक बुरी तरह प्रभावित हुईं. नेपाल सरकार के मुताबिक, रासुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत कई जिलों में राहत और बचाव अभियान अब भी जारी है. 8 सितंबर को जारी सरकारी अपडेट के मुताबिक आपदा के 14वें दिन भी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहे थे.

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भोटे कोशी बाढ़ में अब तक 1357 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 5,326 लोग अब भी लापता हैं. इनमें बड़ी संख्या स्थानीय लोगों के अलावा विदेशी नागरिकों की भी है. 13583 लोगों को अब तक सुरक्षित बचाया गया है और हजारों घायलों का इलाज किया गया है. रेस्क्यू टीमों का खास ध्यान उन लोगों को तलाशने पर है जो बाढ़ और मलबे के बाद हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंस गए हैं. कई सुरंगें मिट्टी और मलबे से भर गई हैं, जिससे अंदर तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, कई स्थानों पर ऑक्सीजन और विशेष उपकरणों की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है.

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