G News 24 : CISF के जवान ने अपने ही साथियों पर की अंधाधुंध कर दी फायरिंग,असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 की मौत !

 जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में स्थित CISF कैंप में कथित आपसी गोलीबारी की घटना...

CISF के जवान ने अपने ही साथियों पर की अंधाधुंध कर दी फायरिंग,असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 की मौत !

कठुआ। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक कैंप में बुधवार शाम हुई गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया। बसोली क्षेत्र के मशका इलाके में स्थित सेवा पावर प्रोजेक्ट के CISF कैंप में एक जवान ने कथित तौर पर अपने ही साथियों पर सरकारी राइफल से गोलियां चला दीं। इस फायरिंग में असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार CISF कर्मियों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे कैंप को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

कहासुनी के बाद फायरिंग का आरोप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना शाम करीब 6:40 बजे की बताई जा रही है। उस समय CISF के हेड कांस्टेबल (GD) अवधेश कुमार सिंह क्विक रिएक्शन टीम (QRT) की ड्यूटी पर तैनात थे। आरोप है कि कैंप परिसर में पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी सर्विस राइफल से अचानक फायरिंग शुरू कर दी।

बताया जा रहा है कि फायरिंग से पहले जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद या कहासुनी हुई थी। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर ऐसी स्थिति किन परिस्थितियों में बनी और फायरिंग की घटना क्यों हुई।प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि आरोपी जवान के पास बड़ी संख्या में कारतूस मौजूद थे। बताया जा रहा है कि उसके पास करीब 150 राउंड गोला-बारूद था। अचानक हुई फायरिंग से कैंप में अफरा-तफरी मच गई।

असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार की मौत

फायरिंग की चपेट में CISF के चार जवान आए। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए हिमाचल प्रदेश स्थित NHPC अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई।मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार के रूप में हुई है।घटना में एक वरिष्ठ अधिकारी समेत चार कर्मियों की मौत के बाद CISF और स्थानीय सुरक्षा तंत्र में भी हड़कंप मच गया। कैंप की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत किया गया और आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई।

घटना के बाद आरोपी जवान गिरफ्तार

गोलीबारी की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। कैंप को सुरक्षित घेरे में लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। पुलिस ने आरोपी CISF जवान अवधेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल से संबंधित साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। फायरिंग में इस्तेमाल की गई सरकारी राइफल और अन्य सामग्री की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही कैंप में मौजूद अन्य जवानों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी समझने का प्रयास किया जा रहा है।

कई सवालों के जवाब तलाश रही जांच एजेंसियां

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर CISF कैंप के भीतर जवान ने अपने ही साथियों पर गोलियां क्यों चला दीं। फिलहाल घटना के पीछे की वजह आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है।जांच एजेंसियां फायरिंग से पहले हुई कथित कहासुनी, आरोपी जवान की ड्यूटी, हथियार और गोला-बारूद की उपलब्धता तथा घटना के समय कैंप में मौजूद अन्य जवानों की भूमिका समेत कई पहलुओं की जांच कर रही हैं।जांच में यह भी देखा जा रहा है कि फायरिंग अचानक हुई या उससे पहले किसी तरह का विवाद चल रहा था। घटनास्थल से मिले साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

कैंप में बढ़ाई गई सुरक्षा

घटना के बाद सेवा पावर प्रोजेक्ट स्थित CISF कैंप और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। किसी भी अतिरिक्त घटना को रोकने के लिए इलाके की निगरानी बढ़ाई गई।अधिकारियों ने घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। मृतक CISF कर्मियों के शवों की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

घटना ने खड़े किए सुरक्षा से जुड़े सवाल

CISF देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ऊर्जा परियोजनाओं, हवाई अड्डों और अन्य संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा में तैनात रहती है। ऐसे में सुरक्षा बल के कैंप के भीतर ही इस तरह की फायरिंग की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

हालांकि, घटना को लेकर अभी जांच शुरुआती चरण में है और फायरिंग के पीछे वास्तविक कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।फिलहाल चार CISF कर्मियों की मौत की घटना से उनके सहकर्मियों और परिवारों में शोक का माहौल है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां थीं, जिनके चलते कैंप के भीतर तैनात एक जवान ने अपने ही साथियों पर गोली चला दी।

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