मादक पदार्थों की जब्ती से जुड़े एक मामले में CBI का बड़ा एक्शन...
50 लाख के रिश्वत मामले में CBN अधिकारी के सरकारी आवास पर छापामार कार्रवाई !
नीमच। मादक पदार्थों की जब्ती से जुड़े एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नीमच में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) के अधिकारी सिद्धार्थ कुमार के सरकारी आवास पर छापामार कार्रवाई की। आरोप है कि ड्रग्स जब्ती से जुड़े मामले को दबाने और उसे सेटल करने के एवज में करीब 50 लाख रुपये की रिश्वत से संबंधित लेनदेन किया गया। सीबीआई की उदयपुर टीम ने गुरुवार देर शाम कार्रवाई शुरू की, जो देर रात तक चली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी को संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले थे।
जांच में यह बात सामने आने की जानकारी है कि करीब चार लाख रुपये की एक संदिग्ध रकम अधिकारी के सीधे बैंक खाते में न जाकर उनके एक करीबी रिश्तेदार के खाते में ट्रांसफर की गई। अब सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किस व्यक्ति ने भेजी और इसका उद्देश्य क्या था। सीबीआई की टीम ने सिद्धार्थ कुमार के सरकारी आवास पर पहुंचकर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। कार्रवाई के दौरान अधिकारी से पूछताछ के लिए उन्हें नीमच सिटी थाने ले जाए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी संदिग्ध लेनदेन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
सीबीआई यह भी जांच कर रही है कि रिश्तेदार के बैंक खाते में पहुंची रकम का ड्रग्स जब्ती से जुड़े मामले से कोई संबंध है या नहीं। इसके अलावा रकम भेजने वाले व्यक्ति और उसके अधिकारी से संबंधों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। छापे के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने ड्रग्स जब्ती से जुड़े पुराने मामलों की फाइलों और जब्ती दस्तावेजों की जांच की। संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े स्टेटमेंट, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जानकारी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला गया। जांच टीम ने अधिकारी के लैपटॉप, स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अपने कब्जे में लेकर उनमें मौजूद डेटा की जांच शुरू की है। सीबीआई को आशंका है कि डिजिटल उपकरणों से लेनदेन और पूरे मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
बताया जा रहा है कि सीबीआई को इस मामले में संदिग्ध लेनदेन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। गुरुवार शाम शुरू हुई छापामार कार्रवाई देर रात तक चली। इस दौरान अधिकारियों ने आवास से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ ड्रग्स जब्ती के पुराने मामलों की भी जांच की। मामले में अभी कई पहलुओं की पड़ताल जारी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित रिश्वत की रकम का लेनदेन किन लोगों के बीच हुआ और ड्रग्स जब्ती के मामले को प्रभावित करने में किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका थी या नहीं।
इस कार्रवाई के बाद केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो में भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अभी तक सीबीआई की ओर से इस कार्रवाई और जांच में सामने आए तथ्यों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए रिश्वत की पूरी रकम, लेनदेन का उद्देश्य और अन्य आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सीबीआई की उदयपुर टीम मामले से जुड़े दस्तावेज, बैंक लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।




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