सीएम मोहन यादव का सख्त एक्शन ...
शिकायत सुनते ही सीएम ने जिला पंजीयक सहकारिता को किया निलंबित,मंच से ही जारी हुआ आदेश !
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीकमगढ़ में जन विश्वास अभियान के तहत सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें सुनीं और लापरवाही बरतने पर जिला पंजीयक सहकारिता एसके कौशिक को निलंबित किया। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड भ्रमण कर योजनाओं का जायजा लेने और जनता की शिकायतों का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने टीकमगढ़ में जनविश्वास अभियान के दौरान सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें सुनीं और कई मामलों के समाधान के निर्देश दिए। एक शिकायत में लापरवाही सामने आने पर जिला पंजीयक सहकारिता एसके कौशिक को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए।
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश में जन-विश्वास अभियान के तहत टीकमगढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अगस्त को जनसमस्याओं के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई के दौरान एक मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंजीयक सहकारिता एस.के. कौशिक को निलंबित करने के आदेश मंच से ही जारी कर दिए। मुख्यमंत्री की इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप की स्थिति नजर आई।
मामला जिला सहकारी बैंक की मवई शाखा से जुड़ा था। शिकायतकर्ता दयाराम लोधी की मां स्वर्गीय रानीबाई की मृत्यु के बाद उनके खाते में जमा राशि नॉमिनी पुत्र के खाते में अंतरित की जानी थी। आरोप था कि बैंक शाखा स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में हीलाहवाली की जा रही थी और पात्र नॉमिनी को उसकी राशि प्राप्त करने के लिए परेशान होना पड़ रहा था।
मुख्यमंत्री के सामने जब यह शिकायत रखी गई तो उन्होंने अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। शिकायत की स्थिति और उसके निराकरण में हुई लापरवाही सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी दौरान उन्होंने जिला पंजीयक सहकारिता एस.के. कौशिक को निलंबित करने के निर्देश दे दिए।
मंच से ही लिया फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस कार्रवाई को जनसमस्याओं के प्रति सरकार के सख्त रवैये के तौर पर देखा जा रहा है। आमतौर पर शिकायतों की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया में समय लगता है, लेकिन टीकमगढ़ में शिकायत की सुनवाई के दौरान ही मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि आम जनता की समस्याओं के समाधान की जवाबदेही तय करने का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया अथवा तय समयसीमा में उनका निराकरण नहीं किया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को फील्ड में उतरने की हिदायत
मुख्यमंत्री ने जिले के सभी आला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल दफ्तरों में बैठकर प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा न करें, बल्कि नियमित रूप से फील्ड में जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी जानकारी मौके पर जाकर ही बेहतर तरीके से हासिल की जा सकती है।
उन्होंने अधिकारियों से विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की लगातार निगरानी करने और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का समयसीमा में प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि क्षेत्र विशेष में बार-बार सामने आने वाली शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाए और उनके स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ताओं से सीएम ने किया सीधा संवाद
टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों को लेकर कई शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने शिकायतकर्ता महेश प्रसाद लोधी, कमलेश नामूलिया, दयाराम लोधी, कालीचरण सिंह राजपूत और हरिराम विश्वकर्मा से बातचीत कर उनके प्रकरणों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रत्येक मामले की वर्तमान स्थिति पूछी और शिकायतों के उचित निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह शिकायतों को गंभीरता से सुने और निर्धारित समय में उनका समाधान करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं बेहतर काम करने वाले और जनहित में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शासकीय सेवकों को प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाएगा।
उचित मूल्य की दुकानों पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री की बैठक में जिले की शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विभिन्न उचित मूल्य दुकानों के वास्तविक स्थान पर संचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली गई।सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी न हो। उचित मूल्य दुकानों के संचालन में पारदर्शिता और व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
प्रशासन को दिया जवाबदेही का संदेश
टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री की कार्रवाई ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। खासकर सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल कागजी निराकरण करने के बजाय वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों का नियमित फील्ड भ्रमण जरूरी है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को जनता के साथ सीधे संपर्क में रहने और समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम और बैठक में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, पूर्व राज्य मंत्री एवं जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई ने यह संकेत दिया कि सरकार जनशिकायतों के निराकरण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही और बढ़ाने की तैयारी में है। एक शिकायत पर मौके पर ही कार्रवाई के आदेश देकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
टीकमगढ़ की इस कार्रवाई के बाद अब जिले के अधिकारियों पर सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण का दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का संदेश साफ है,जनता की शिकायत का समाधान नहीं हुआ तो जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही पर कार्रवाई भी होगी।



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