G News 24 : केंद्र सरकार ने इसके आयात को टैक्स फ्री कर दिया है,चीनी के दाम घटने के आसार !

 सरकार के आदेश के अनुसार चीनी इस खेप का आयात आज से 31,क्टूबर 2026 तक पूरा करना होगा...

केंद्र सरकार ने इसके आयात को टैक्स फ्री कर दिया है,चीनी के दाम घटने के आसार !

नई दिल्ली। आने वाले दिनों में चीनी सस्ती हो सकती है। केंद्र सरकार ने इसके आयात को टैक्स फ्री कर दिया है। चीनी के लगातार बढते दामों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है। ये छूट 31 अक्टूबर तक रहेगी। अभी चीनी रिटेल में 55 प्रति किलो के करीब बिक रही है। सरकार के आदेश के अनुसार चीनी इस खेप का आयात आज से लेकर 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करना होगा।

आम जनता को महंगे दामों से राहत मिलेगी

भारत दुनिया में चीनी का सबसे बडा उपभोक्ता है। अक्टूबर के दौरान देश में दिवाली और दुर्गा पूजा जैसे बडे त्योहार आते है जिसमें मिठाई, केक और पकवानों की भारी डिमांड के कारण शक्कर की खपत सबसे ज्यादा होती है। इसके अलावा बिस्कुट और मिठाई कंपनियां भी चीनी का स्टॉक जमा करने लगती है। त्योहारों से ठीक पहले बिना टैक्स के इतनी बडी मात्रा में चीनी बाजार में आने से सप्लाई चेन मजबूत होगी और हलवाइयों से लेकर आम जनता को महंगे दामों से राहत मिलेगी।

चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर तक रहेगा बैन

सरकार ने देश में शक्कर की कमी न हो इसलिए इसके निर्यात पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। यह रोक 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। सरकार ने चीनी को पूरी तरह प्रतिबंधित कैटेगरी में डाल दियाहै यानी अब सरकार को इजाजत के बिना कोई भी व्यापारी देश से बाहर चीनी नहीं बेच पाएगा।

त्योहारी सीजन से पहले चीनी के बढ़ते दामों की ये है असली वजह

त्योहारी सीजन से पहले चीनी के बढ़ते दाम ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते महीने चीनी की कीमत करीब 48.18 रुपये प्रति किलो थी, जो अब बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। अब सरकार ने कीमत बढ़ने की असली वजह बताई है।कीमतों में इस तेजी के बीच एथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी के डायवर्जन को भी वजह बताया जा रहा था। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि हालिया तेजी के लिए एथेनॉल को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।

एथेनॉल नहीं, ये हैं असली वजह

सरकार के मुताबिक, एथेनॉल के लिए डायवर्ट होने वाली चीनी की हिस्सेदारी 2022-23 में करीब 12% थी, जो 2025-26 में घटकर लगभग 9% रह गई है। इसके अलावा देश में बनने वाले एथेनॉल का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अब अनाज, खासकर मक्का से तैयार होता है। चीनी की कीमत बढ़ने के पीछे घरेलू उत्पादन का अनुमान से कम रहना, त्योहारों से पहले मांग बढ़ना, मौसम की मार और वैश्विक बाजार में कम उपलब्धता जैसे कई कारण हैं। इसके अलावा कुछ कारोबारियों द्वारा जमाखोरी और सट्टेबाजी ने भी कीमतों पर दबाव बढ़ाया है।

Reactions

Post a Comment

0 Comments