G News 24 : ‘सांची’ ने बदली ब्रांड पहचान,आधुनिक पैकेजिंग के साथ डिजिटल बाजार में दस्तक !

 45 साल के भरोसे को मिला नया अंदाज...

‘सांची’ ने बदली ब्रांड पहचान,आधुनिक पैकेजिंग के साथ डिजिटल बाजार में दस्तक !

ग्वालियर,21 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित सहकारी डेयरी ब्रांड ‘सांची’ ने अपने 45 वर्षों के उपभोक्ता विश्वास को आधुनिक स्वरूप देते हुए ग्वालियर में नई ब्रांड पहचान और री-डिजाइन पैकेजिंग की शुरुआत की। री-ब्रांडिंग के आयोजित समारोह में ग्वालियर संभागायुक्त मनोज खत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सांची के पूर्व प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी, ग्वालियर दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आभास अमर सहित दुग्ध संघ के अधिकारी, वितरक एवं विक्रेता मौजूद रहे।

सांची की नई ब्रांड पहचान में आधुनिक रंग, एकरूप लेआउट और आकर्षक डिजाइन को शामिल किया गया है। पैकेजिंग में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रमुखता दी गई है। गोंड कला से प्रेरित डिजाइन के माध्यम से गांव, ग्रामीण जीवन, दूध और महिला दुग्ध उत्पादकों जैसे तत्वों को उकेरा गया है। इस तरह नई पैकेजिंग सांची की पारंपरिक विश्वसनीयता को आधुनिक उपभोक्ता की पसंद से जोड़ने का प्रयास करती है।

‘45 वर्षों का उपभोक्ता विश्वास हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि’

ग्वालियर संभागायुक्त मनोज खत्री ने कहा कि सांची मध्यप्रदेश के सहकारी आंदोलन और लाखों दुग्ध उत्पादक परिवारों की मेहनत से जुड़ा ब्रांड है। उन्होंने कहा कि 45 वर्षों का उपभोक्ता विश्वास इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। नई ब्रांड पहचान सांची को आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप नई ऊर्जा देगी। उन्होंने नई पैकेजिंग में मध्यप्रदेश की कला और संस्कृति की झलक को सराहते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सांची गुणवत्ता, विश्वास और सहकारिता के मूल्यों के साथ आगे नई ऊंचाइयां हासिल करेगा।

बदलते उपभोक्ता दौर के अनुरूप नई पहचान

एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक जयदेव विश्वास ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि सांची की नई ब्रांड पहचान बदलते समय और उपभोक्ताओं की बदलती अपेक्षाओं के अनुरूप महत्वपूर्ण पहल है। आधुनिक एवं आकर्षक पैकेजिंग से सांची के उत्पादों को बाजार में बेहतर पहचान मिलेगी और उपभोक्ताओं के साथ ब्रांड का जुड़ाव मजबूत होगा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि नई ब्रांडिंग सांची के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के साथ बाजार में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

169 दुग्ध सहकारी समितियों का नेटवर्क, डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच। ग्वालियर दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आभास अमर ने बताया कि सांची की पहुंच को मजबूत करने के साथ दुग्ध उत्पादक किसानों को संगठित डेयरी व्यवस्था से जोड़ने पर लगातार काम किया जा रहा है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक ग्वालियर दुग्ध संघ के अंतर्गत 148 दुग्ध सहकारी समितियां पंजीकृत थीं, जो 5 अगस्त 2026 तक बढ़कर 169 हो गईं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी 13 नई दुग्ध सहकारी समितियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं।

उपभोक्ताओं तक सांची के उत्पादों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए दूध और अन्य उत्पादों को Swiggy तथा Blinkit जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को घर बैठे सांची के उत्पाद प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है।

रोजाना 16,076 किलो दूध का संग्रह

ग्वालियर दुग्ध संघ के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान संघ ने प्रतिदिन औसतन 16,076 किलोग्राम दूध संग्रहित किया। यह निर्धारित 19,000 किलोग्राम प्रतिदिन के लक्ष्य का लगभग 85 प्रतिशत है। इसी अवधि में कुल दूध बिक्री औसतन 14,076 लीटर प्रतिदिन रही।

ग्वालियर एवं चंबल संभाग में दुग्ध सहकारी नेटवर्क के विस्तार के साथ सांची की उपभोक्ता पहुंच को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। 5 अगस्त 2026 तक ग्वालियर दुग्ध संघ के अंतर्गत 169 समितियां पंजीकृत थीं, जबकि 25 समितियां पंजीयन प्रक्रिया में थीं।

दूध से दही, पनीर और मट्ठा तक,एक समान ब्रांड पहचान

सांची के नए स्वरूप में दूध की विभिन्न श्रेणियों के साथ सादा दही, पनीर, मट्ठा, छाछ और अन्य दुग्ध उत्पादों को भी एक समान आधुनिक ब्रांड पहचान दी गई है। नई पैकेजिंग का उद्देश्य उत्पादों को बाजार में अधिक आसानी से पहचान योग्य बनाना तथा सांची को आधुनिक, विश्वसनीय और उपभोक्ता-केंद्रित डेयरी ब्रांड के रूप में मजबूत करना है।

सांची दूध को एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप आधुनिक संयंत्र में पास्चुरीकृत एवं पैक किया जाता है। दूध सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों से प्राप्त किया जाता है और उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले गुणवत्ता परीक्षणों से गुजरता है। प्रत्येक पैक को विटामिन ए एवं विटामिन डी से फोर्टिफाइड किया जाता है।

परंपरा से आधुनिक बाजार तक सांची का सफर

सांची की नई ब्रांड पहचान केवल पैकेजिंग में बदलाव नहीं, बल्कि 45 वर्षों की विरासत को नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं से जोड़ने की रणनीतिक पहल के रूप में देखी जा रही है। स्वाद, सेहत और भरोसे के मूल संदेश के साथ नई डिजाइन और डिजिटल उपलब्धता सांची को बदलते डेयरी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सांची की नई पहचान का संदेश स्पष्ट है,45 साल का भरोसा बरकरार, अब आधुनिक अंदाज के साथ नई उड़ान।

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