G NEWS 24 : शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ी मुरैना नगर निगम परिषद !

'चंदा चोर, गद्दी छोड़' के नारों से गरमाया माहौल...

शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ी मुरैना नगर निगम परिषद !

मुरैना। नगर निगम परिषद की बैठक गुरुवार को शुरू होते ही भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। महापौर की अनुपस्थिति में आयोजित बैठक के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए। तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और नारेबाजी के बीच सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया। विपक्षी पार्षदों ने "भ्रष्टाचार बंद करो" और "चंदा चोर, गद्दी छोड़" के नारे लगाते हुए निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे परिषद की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। हंगामे की मुख्य वजह नेता प्रतिपक्ष की ओर से अभियाचित सम्मेलन बुलाने की मांग से जुड़ा एक पत्र बना। 

विपक्ष का दावा था कि इस पत्र पर भाजपा के चार पार्षदों के हस्ताक्षर हैं। हालांकि बैठक के दौरान संबंधित एमआईसी सदस्यों ने पत्र पर दर्ज हस्ताक्षरों को अपना मानने से इनकार कर दिया और कहा कि दस्तावेज पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। इस दावे के बाद सदन में विवाद और गहरा गया। नेता प्रतिपक्ष विनीत कंसाना ने सत्ता पक्ष के पार्षदों के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि हस्ताक्षर उनके नहीं हैं तो इसकी आधिकारिक पुष्टि की जाए और आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने दावा किया कि पत्र पर हस्ताक्षर संबंधित पार्षदों के ही हैं और अब वे अपने हस्ताक्षरों से पीछे हट रहे हैं।

मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। पार्षद एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे और सदन में लगातार हंगामे का माहौल बना रहा। बढ़ते विवाद और महापौर की अनुपस्थिति के चलते आखिरकार परिषद की बैठक स्थगित कर दी गई। बैठक स्थगित होने के बाद नगर निगम की राजनीति और गर्मा गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि विवादित पत्र पर दर्ज हस्ताक्षर वास्तव में किसके हैं। क्या भाजपा के चार पार्षदों ने उस पर हस्ताक्षर किए थे या फिर उनके नाम और हस्ताक्षर का गलत इस्तेमाल किया गया? फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।

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