ग्वालियर में संत निरंकारी मिशन ने रोपे पौधे रोपकर दिया हरियाली का संदेश...
संदेश स्पष्ट है:एक पौधा लगाना शुरुआत है, उसे वृक्ष बनाना ही वास्तविक पर्यावरण सेवा है !
ग्वालियर,23 अगस्त 2026। प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संत निरंकारी मिशन द्वारा संचालित “वननेस वन, प्रकृति के साथ समरसता” अभियान के अंतर्गत रविवार को ग्वालियर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। संत निरंकारी मंडल, ब्रांच ग्वालियर के तत्वावधान में पुरानी छावनी स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन के विशाल परिसर में श्रद्धालुओं एवं सेवादारों ने उत्साहपूर्वक 35 पौधे रोपे तथा इनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लिया।
अभियान के तहत आयत विहार स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन के सामने पार्किंग स्थल परिसर में पूर्व में करीब 700 पौधों का रोपण किया गया था। इनमें से वर्तमान में लगभग 75 पौधे सुरक्षित एवं जीवित हैं, जो 25 से 35 फीट तक ऊंचे हो चुके हैं। मिशन की ओर से इन पौधों की निरंतर देखभाल एवं संरक्षण किया जा रहा है।
पौधारोपण से आगे, संरक्षण पर जोर
संत निरंकारी मिशन के पूर्व सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का संदेश—“प्रदूषण अंदर हो या बाहर, दोनों ही हानिकारक हैं”—अभियान की मूल भावना को दर्शाता है। मिशन का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और आत्मीय संबंध विकसित करना है।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के आशीर्वाद से वर्ष 2021 में शुरू हुई यह पहल अब व्यापक जनअभियान का रूप ले चुकी है। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जीवन-मूल्य के रूप में स्थापित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
देशभर में बन रहे ‘वननेस वन’
संत निरंकारी मंडल के सचिव आदरणीय श्री जोगिंदर सिंह जी के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों में अब तक लगभग 350 वृक्ष समूह स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 600 से अधिक ‘वननेस वन’ स्थलों पर श्रद्धालु एवं सेवादार पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
इसी क्रम में संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा अभियान के छठे चरण का आयोजन देशभर के लगभग 630 स्थानों पर किया गया। इस चरण में लगभग 10 लाख पौधों के रोपण के लक्ष्य के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।
तीन से पांच वर्ष तक पौधों की देखभाल
अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण पर दिया जा रहा जोर है। मिशन के अनुसार लगाए गए पौधों की तीन से पांच वर्ष तक नियमित देखभाल की जाती है, ताकि वे मजबूत वृक्षों का रूप लेकर स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करें और पर्यावरण को बेहतर बनाने में योगदान दें।
जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के लगातार बढ़ते दबाव के दौर में ‘वननेस वन’ जैसी पहल पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का संदेश देती है। संत निरंकारी मिशन का आह्वान है कि प्रत्येक व्यक्ति केवल पौधा लगाए ही नहीं, बल्कि उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करने की जिम्मेदारी भी निभाए।



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