G News 24 : भोटेकोशी नदी में फिर बढ़ रहा पानी, प्रलय का अलर्ट,अब तक 734 की मौत !

 नेपाल में एक बार फिर से प्रलय का अलर्ट...!

भोटेकोशी नदी में फिर बढ़ रहा पानी, प्रलय का अलर्ट,अब तक 734 की मौत !

नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं. मध्य नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 हो गई है, जबकि 2,400 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. वहीं, नेपाल के मौसम विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फिर से बारिश और गरज के साथ आंधी आने की चेतावनी दी है. साथ ही बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है. इससे बचाव अभियान के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है. शनिवार को भी प्रभावित आठों जिलों में शवों की तलाश और बचाव अभियान जारी रहा. 

बाढ़ का बहाव बढ़ा, सतर्क रहें

नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने एक्स पर जानकारी दी कि रसुवे के भोटेकोशी नदी में बाढ़ का बहाव थोड़ा और बढ़ जाने की सूचना मिली है, इसलिए रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, चितवन समेत प्रभावित क्षेत्रों में खोज, बचाव और राहत में लगे लोगों, तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वालों और अन्य संबंधित सभी से सतर्क रहने की अपील है. जैसे ही और सूचना मिलेगी, हम और अपडेट करेंगे.

आठ जिलों में युद्धस्तर पर तलाश और बचाव अभियान

बाढ़ प्रभावित सभी आठ जिलों से अब तक 734 शव बरामद किए जा चुके हैं. बचाव दल युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं. राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के नेतृत्व में टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं.

बता दें कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फ और चट्टानों का मलबा नीचे की ओर आया. इसके साथ भारी मात्रा में पानी, कीचड़ और मलबा बहता हुआ मध्य नेपाल के कई इलाकों में पहुंचा. इस तेज बहाव ने शहरों और गांवों को तबाह कर दिया. महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा और कई जलविद्युत परियोजनाएं भी बह गईं.

करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

बचाव अभियान के दौरान अब तक करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. प्रभावित इलाकों में रुक-रुककर बारिश होने के कारण राहत और बचाव कार्यों में चुनौती बनी हुई है.

नेपाल में 108 भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू

भारत के विदेश मंत्रालय ने 29 अगस्त 2026 की रात 10:30 बजे तक नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों की स्थिति की जानकारी साझा की है. मंत्रालय के मुताबिक, 108 भारतीय नागरिकों को नेपाल में सुरक्षित बचाया गया है, जबकि 50 भारतीय नागरिकों से दोबारा संपर्क स्थापित हो चुका है.

275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता 

चीन से 598 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं. यह जानकारी स्थानीय प्रशासन के हवाले से दी गई है. वहीं, करीब 900 भारतीय नागरिक अभी चीन से रवाना नहीं हुए हैं. विदेश मंत्रालय ने बताया कि ये सभी सुरक्षित हैं और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ सीधे या उनके माध्यम से इनसे संपर्क में है.मंत्रालय के अनुसार, 275 भारतीय नागरिक अभी लापता हैं, जबकि 128 भारतीय मूल के लोग भी लापता बताए गए हैं.

भारत ने राहत सामग्री की चौथी खेप भेजी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत से 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान नेपाल के लिए रवाना हो गई है. इसके अलावा 230 फीट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए 16 ट्रक उपकरण नेपाल पहुंच चुके हैं.उन्होंने बताया कि सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए जरूरी उपकरण भी जल्द भेजे जाएंगे. इन पुलों की स्थापना के लिए तकनीकी टीमें भी जल्द नेपाल पहुंचेंगी.भारत अब तक 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचा चुका है. इसमें जरूरी दवाएं, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट, पानी शुद्ध करने वाली गोलियां और तकनीकी उपकरण शामिल हैं.

नेपाल से नागपुर लौटे भारतीय पर्यटक

इस बीच नेपाल में बाढ़ के दौरान फंसे भारतीय पर्यटकों का एक समूह महाराष्ट्र के नागपुर लौट आया. एक पर्यटक ने बताया कि बाढ़ की घटना उनके ठिकाने से करीब 50 किलोमीटर दूर हुई थी. वे काठमांडू में फंस गए थे.पर्यटक ने बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मदद से उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला गया और वापस नागपुर पहुंचाया गया.

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