G News 24 :स्टील कारोबारी ने अपनी हत्या की दी सुपारी,बोला - 'ये लो 50000 मुझे गोली मार दो...'

 अक्षत अग्रवाल हत्याकांड में अदालत ने आरोपी संजीव मंडल को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा...

स्टील कारोबारी ने अपनी हत्या की दी सुपारी,बोला -'ये लो 50000 मुझे गोली मार दो...'

अंबिकापुर के स्टील कारोबारी अक्षत अग्रवाल हत्याकांड में अदालत ने आरोपी संजीव मंडल को उम्रकैद की सजा सुनाई है. 20 अगस्त 2024 को अंबिका स्टील इंडस्ट्रीज के मालिक महेश केडिया के बेटे अक्षत अग्रवाल की कंपनी के पूर्व कर्मचारी ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

अंबिकापुर शहर के बहुचर्चित स्टील कारोबारी अक्षत अग्रवाल हत्याकांड में करीब दो साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. सप्तम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरगुजा महेश कुमार राज की अदालत ने आरोपी संजीव मंडल उर्फ रानू को हत्या और आर्म्स एक्ट की धाराओं में दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. मामले में सामने आया कि व्यवसायी ने कथित तौर पर खुद की हत्या के लिए आरोपी को सुपारी दी थी.

2024 में हुई थी हत्या

दरअसल 20 अगस्त 2024 को अंबिका स्टील इंडस्ट्रीज के मालिक महेश केडिया के बेटे अक्षत अग्रवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उनका शव कार के अंदर पहाड़ी घुटरी जंगल से बरामद हुआ था. अक्षत अग्रवाल कुछ दिनों से लापता थे. जिसके बाद गांधीनगर पुलिस ने जांच शुरू की और कंपनी के पूर्व कर्मचारी संजीव मंडल की निशानदेही पर कार और शव बरामद किया. अदालत में पेश साक्ष्यों के मुताबिक घटना वाले दिन अक्षत अग्रवाल ने आरोपी से संपर्क किया था. आरोप है कि उन्होंने अपनी हत्या के लिए संजीव मंडल को 50 हजार रुपये की सुपारी दी और खुद ही आरोपी को पिस्टल देकर अपनी छाती में गोली मारने को कहा था. हत्या के पीछे का असली मकसद अभी भी साफ नहीं है.

हत्या के आरोपी को उम्रकैद की सजा

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पिस्टल, 32 जिंदा कारतूस, तीन खोखे, दो मैगजीन, मृतक के सोने के आभूषण, 48 हजार रुपये नकद, मोबाइल और मोटरसाइकिल सहित अन्य सामान जब्त किया था. मामले में नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया गया था. अदालत ने आरोपी संजीव मंडल को धारा 103(1) के तहत आजीवन सश्रम कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड, धारा 25 आर्म्स एक्ट में तीन साल सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 27 आर्म्स एक्ट में पांच साल सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है.

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