भोपाल में खौफनाक साजिश का खुलासा...
2 करोड़ के लालच में, महज ₹100 का झांसा देकर कर दी हत्या, निकाले बॉडी पार्ट्स !
भोपाल। भोपाल में पुलिस ने 17 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में तीन नाबालिगों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 2 करोड़ रुपये कमाने का लालच देकर युवक को 100 रुपये देने के बहाने बुलाया गया और हत्या के बाद शरीर का एक हिस्सा निकाला गया.
राजधानी भोपाल में पुलिस ने 17 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिगों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने युवक को 2 करोड़ रुपये कमाने का लालच देकर अपनी साजिश में फंसाया था. उसे 100 रुपये देने का झांसा देकर अपने साथ ले गए और बाद में उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है. पुलिस और भी आरोपियों की तलाश कर रही है.
वहीं पुलिस का कहना है कि, युवक 6 अगस्त को भोपाल के इकबाल मैदान इलाके से लापता हुआ था. इसके चार दिन बाद उसका शव छोटा तालाब के पास धोबीघाट इलाके से बरामद किया गया. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने हत्या से करीब एक महीने पहले साजिश रची थी. इस गिरोह ने खुद को डॉक्टर बताया और नाबालिगों से दोस्ती कर उन्हें अपने पास बुलाया. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने किशोरों को मोबाइल पर वीडियो दिखाकर हत्या की पूरी योजना बताई और 2 करोड़ रुपये कमाने का लालच दिया था.
इस मामले में पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपियों ने नाबालिगों से डॉक्टर के वेश में मिलता था. उसने बताया कि योजना के लिए 15 से 16 साल के एक लड़के की जरूरत है. इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को निशाना बनाया. पुलिस का कहना है कि नाबालिगों ने युवक से कहा कि अगर वह उनके साथ खट्टापुरा के पास कुछ लड़कों के बीच विवाद सुलझाने चलेगा, तो उसे 100 रुपये दिए जाएंगे. युवक उनकी बातों में आ गया और उनके साथ चल पड़ा. इसके बाद उसे छोटा तालाब की ओर ले जाया गया.
अंग अभी तक बरामद नहीं
पुलिस की तरफ से की गई जांच के आधार पर युवक को छोटा तालाब की तरफ ले जाने के बाद दो अन्य आरोपियों को भी शामिल किया गया. इसके बाद सभी आरोपी गिन्नौरी और किलोल पार्क होते हुए धोबीघाट इलाके में पहुंचे. पुलिस ने बताया कि वहीं पर किशोर की हत्या कर उसके शरीर का एक हिस्सा निकाल लिया. जांचकर्ताओं को संदेह है कि आरोपी उस अंग को बेचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन खरीदार नहीं मिलने पर उसे झील में फेंक दिया. डीसीपी आयुष गुप्ता ने बताया कि शरीर का निकाला गया हिस्सा अभी तक बरामद नहीं हुआ है और उसकी तलाश जारी है.
पुलिस मामले की जांच में जुटी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है, कि कहीं यह हत्या मानव अंगों की तस्करी से जुड़े किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं थी. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, वारदात के दौरान कथित मुख्य साजिशकर्ता फोन के जरिए नाबालिगों के संपर्क में था. पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच शुरू कर दी है. जांच का उद्देश्य पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ना और यह पता लगाना है कि इस मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं.



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